सेंट्रल मार्केट मामला: सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का होगा पालन, दिया राहत का भरोसा, 10 दिन बाद होगी समीक्षा
मेरठ के सेंट्रल मार्केट मामले में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पूरी तरह पालन होगा। साथ ही प्रभावित लोगों को राहत देने और स्थायी समाधान निकालने के लिए सरकार काम कर रही है। 10 दिन बाद दोबारा समीक्षा की जाएगी।
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मेरठ सेंट्रल मार्केट और शास्त्री नगर योजना से जुड़े प्रकरण में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने स्पष्ट किया है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का हर हाल में पालन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन करने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों और व्यापारियों को हरसंभव राहत उपलब्ध कराना भी है। शुक्रवार को कमिश्नरी सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में इस मुद्दे पर विस्तृत मंथन हुआ।
प्रभावित लोगों से ली राय, राहत के सुझावों पर मंथन
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी और प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन गुरु प्रसाद की मौजूदगी में बैठक दो चरणों में हुई। पहले चरण में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और अल्प आय वर्ग के प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनके सुझाव लिए गए। दूसरे चरण में उन लोगों से चर्चा हुई, जिनकी संपत्तियां सील की गई हैं। अवनीश अवस्थी ने बताया कि 44 सील संपत्तियों के संबंध में सकारात्मक चर्चा हुई है और कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा समाधान चाहती है, जिससे एक ओर सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन हो और दूसरी ओर प्रभावित लोगों की समस्याओं का स्थायी समाधान भी निकल सके। उनका कहना था कि उद्देश्य ऐसा रास्ता निकालना है, जिससे अधिकारियों को बार-बार न्यायालय के समक्ष उपस्थित न होना पड़े और विवाद का स्थायी निस्तारण हो सके।
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स्थायी और अस्थायी दुकानों की व्यवस्था पर विचार
अवनीश अवस्थी ने बताया कि सरकार कई नई योजनाओं और नीतियों पर विचार कर रही है। ऐसे स्थान भी चिह्नित किए गए हैं, जहां प्रभावित व्यापारियों के लिए स्थायी और अस्थायी दुकानों की व्यवस्था की जा सकती है। इससे व्यापार प्रभावित नहीं होगा और आवासीय व्यवस्था भी पूरी तरह वैध स्वरूप में विकसित की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को लगभग दो महीने का समय दिया है, लेकिन सरकार अगले 10 दिनों के भीतर दोबारा मेरठ आकर पूरे मामले की समीक्षा करेगी। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी।
न्यायालय के आदेश सर्वोपरि, राहत भी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री के सलाहकार ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना किसी भी स्थिति में नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रभावित लोगों को राहत देने और स्थायी समाधान निकालने के लिए जो भी संभव सहायता होगी, वह उपलब्ध कराई जाएगी। मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है और प्रशासन पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।
बैठक में आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह, उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह, मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
धरनास्थल पर जारी रहा विरोध, व्यापारियों में बढ़ी तकरार
दूसरी ओर शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट के सेक्टर-दो में महिलाओं का धरना लगातार जारी रहा। धरनारत महिलाएं बाजार बंद रखने की अपील करती रहीं, जबकि कई व्यापारियों ने अपनी दुकानें खुली रखीं। इसे लेकर व्यापारियों के बीच मतभेद और नोकझोंक की स्थिति भी देखने को मिली। विशेष रूप से वाणिज्यिक भूखंडों पर संचालित दुकानों को बंद कराने को लेकर विवाद की स्थिति बनी रही।