जागृति विहार में बच्चियों से दरिंदगी के मामले में एक अधिकारी ने बहुत ही सराहनीय कदम उठाया है। हैवान की शिकार हुई एक बच्ची अधिकारी ने गोद ले ली है। उसकी परवरिश से लेकर पढ़ाई तक का खर्च अधिकारी स्वयं ही उठाएगा। अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की बात कही है। वहीं, कोर्ट में दर्ज बयानों में बच्चियों ने हैवानियत की सारी पोल खोल दी।
मेरठ में दरिंदगी की शिकार बच्ची को एक अधिकारी ने लिया गोद, उठाया सराहनीय कदम
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मेडिकल थानाक्षेत्र के जागृति विहार सेक्टर-6 में हैवान विमलचंद ने अपनी कोठी में 17 बच्चियों से दरिंदगी की। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज व तीन बच्चियों के बयानों में इसकी जानकारी पुलिस को मिली। अधिकारी ने हैवानियत की शिकार हुई बच्चियों से बात की।
उसके बाद अधिकारी ने एक बच्ची की परवरिश करने की जिम्मेदारी ले ली। इतना ही नहीं, बच्ची को ऑन रिकॉर्ड लेने की बात कही है। इस अधिकारी ने मीडिया से कहा कि बच्ची को लेकर मैं कोई बात शेयर नहीं करना चाहता। बच्ची की पढ़ाई से लेकर सारी परवरिश की जिम्मेदारी गोपनीय तरीके से उठाऊंगा। बच्ची की उम्र 11 साल बताई गई है। अधिकारी मेरठ में बड़े पद पर तैनात हैं।
हैवान की खोली पोल
पुलिस ने अब तक तीन बच्चियों के कोर्ट में बयान दर्ज कराए हैं। तीनों बच्चियों के बयानों का बुधवार शाम अवलोकन किया गया। जिसमें बच्चियों ने हैवान विमलचंद की पोल खोली। बच्चियों ने कई बालिग-नाबालिग बच्चियों के नाम भी बताए हैं। पुलिस सभी बिंदु पर जांच करने में जुटी है।
अब रिमांड की तैयारी
एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह का कहना कि आरोपी विमलचंद को रिमांड पर लेने की तैयारी पूरी हो चुकी है। तीनों बच्चियों के बयानों का अवलोकन किया गया है। बच्चियों द्वारा बताई बातों को तस्दीक करने के लिए आरोपी की रिमांड लेने जरूरी है। कई लोगों की पहचान भी आरोपी ही बताएगा।