सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Notice action in Meerut Central Market, Action on Original Allottees, Residents on Edge

सेंट्रल मार्केट: नोटिसों की बरसात, मूल आवंटियों के नाम पर कार्रवाई, हर पल की खबर ले रहीं महिलाएं

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 27 Apr 2026 08:10 AM IST
विज्ञापन
सार

मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट की स्कीम नंबर 7 में आवास एवं विकास परिषद ने 500 से अधिक संपत्तियों पर नोटिस जारी किए हैं। सेटबैक और अवैध निर्माण को लेकर कार्रवाई से लोग परेशान हैं और नोटिस में नामों की गड़बड़ी को लेकर रोष भी बढ़ रहा है।

Notice action in Meerut Central Market, Action on Original Allottees, Residents on Edge
मेरठ सेंट्रल मार्केट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

मेरठ सेंट्रल मार्केट मामले में आवास एवं विकास परिषद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लगातार आवंटियों को नोटिस जारी जारी कर रहा है। ये नोटिस सेटबैक छोड़ने और अवैध निर्माण हटाने के लिए दिए जा रहे हैं। शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट की स्कीम नंबर सात में 500 से अधिक लोगों को नोटिस मिल चुके हैं। मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से भी स्टाफ बुलाकर आठ टीमें नोटिस चस्पा कर रही हैं।
Trending Videos


विभाग के दस्तावेजों में मूल आवंटी के नाम से नोटिस भेजे जा रहे हैं जबकि कई संपत्तियों में अब अन्य लोग रह रहे हैं, जिससे वे परेशान हैं। सेक्टर-2 शास्त्रीनगर में अल्प और दुर्बल आय वर्ग के काफी भवन हैं। इन आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


योजना में कुल 630 भवन और 230 भूखंड हैं। इनमें से 661/6 का ध्वस्तीकरण 25 व 26 अक्तूबर 2025 को हो चुका है। इसके अतिरिक्त, 8 अक्तूबर को 44 संपत्तियों पर सील लगाई जा चुकी है। अब विभाग शेष 815 संपत्तियों के लिए नोटिस जारी कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इन सभी लोगों को 15 दिन में सेटबैक छोड़ने को कहा गया है। अनधिकृत निर्माण स्वयं हटाने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।

नोटिस की मुख्य बातें...
स्कीम नंबर सात में 50 वर्ग मीटर तक के 249 भवन हैं। 100 वर्ग मीटर तक के मकानों की संख्या 22 है। इस योजना में 50 वर्ग मीटर तक का एक भूखंड भी शामिल है। 51 से 100 वर्ग मीटर तक के कुल 17 प्लॉट हैं। यदि दुकानदार निर्धारित अवधि में निर्माण ध्वस्त नहीं करते हैं, तो जिला प्रशासन कार्रवाई करेगा। ध्वस्तीकरण का सारा खर्चा संबंधित दुकानदारों से वसूला जाएगा।

नोटिस में खामियों पर रोष
विभाग ने मंदिर, जिम और कॉम्प्लेक्स जैसी संपत्तियों को भी नोटिस जारी किए हैं। लोगों में नोटिस में नामों को लेकर काफी परेशानी है। कई संपत्तियां कई बार बिक चुकी हैं, लेकिन नोटिस मूल आवंटी के नाम से आ रहे हैं। तमाम आवंटियों ने अभी तक नामांतरण प्रक्रिया पूरी नहीं की है। इसके कारण दस्तावेजों में उनका नाम दर्ज नहीं हो सका है।
 

Notice action in Meerut Central Market, Action on Original Allottees, Residents on Edge
सेंट्रल मार्केट तिरंगा चौक पर  चल रहे धरने के दौरान महिलाओं की समस्या सुनते सांसद अरूण गोविल। 
सेटबैक नियमों में भिन्नता
एक ही क्षेत्रफल के अलग-अलग भवनों में सेटबैक छोड़ने के निर्देश भिन्न हैं। इससे लोगों में विभाग के प्रति रोष व्याप्त है। कुछ मामलों में एक आवंटी को फ्रंट और बैक दोनों सेटबैक छोड़ने को कहा गया है। वहीं, उसी क्षेत्रफल के पड़ोसी भवन स्वामी को केवल आगे ही सेटबैक छोड़ने का निर्देश मिला है। यह भिन्नता लोगों के बीच असंतोष का कारण बन रही है। विभाग को इन विसंगतियों को दूर करने की आवश्यकता है।

 

Notice action in Meerut Central Market, Action on Original Allottees, Residents on Edge
सेंट्रल मार्केट तिरंगा चौक पर  चल रहे धरना स्थगित होने के बाद दोपहर के समय खाली पड़ी कुर्सियां।
पल-पल की जानकारी ले रहीं महिलाएं, सांसद के भरोसे पर किया था धरना स्थगित
शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में महिलाओं का धरना शुक्रवार को स्थगित हो गया। यह धरना सांसद अरुण गोविल के आने के बाद खत्म हुआ था। हालांकि, महिलाएं अभी भी सक्रिय बनी हुई हैं।

महिलाओं ने धरना समाप्त करने के बजाय उसे स्थगित करने का ऐलान किया था। वे लगातार मामले पर नजर रख रही हैं और पल-पल की खबरें ले रही हैं। धरना स्थगित होने के साथ ही क्षेत्र की महिला दुकानदारों ने एक व्हाट्सएप समूह भी बनाया है। इस समूह पर वे रोजाना की खबरों को साझा करती हैं और अपनी प्रतिक्रिया देती हैं। कांता, रजनी, राधा, शालू और प्रियंका सहित अन्य महिलाओं ने बताया कि सांसद अरुण गोविल ने उन्हें भरोसा दिलाया है।

ये है आगे की रणनीति
सांसद ने कहा कि सरकार अधिवक्ता के माध्यम से अल्प और दुर्बल आय वर्ग के आवंटियों की आवाज सुप्रीम कोर्ट में रखी जाएगी। महिलाएं लगातार जनप्रतिनिधियों के संपर्क में हैं। वे मामले के अपडेट ले रही हैं। महिलाओं ने दोहराया कि यदि उनके पक्ष में सकारात्मकता नहीं दिखी तो वे फिर से धरना देंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed