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Meerut News: चाइल्ड लाइन टीम ने बंशीपुरा में बाल विवाह रुकवाया
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दौराला - बाल विवाह की सूचना पर दौराला पुलिस से मदद लेने पहुंची चाइल्ड लाइन केयर की टीम, थाने मे
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- बालिग होने में तीन महीने बाकी, परिजनों ने तीन माह बाद शादी कराने का दिया आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। बाल विवाह की सूचना मिलने पर चाइल्ड लाइन केयर की टीम मंगलवार को दौराला क्षेत्र के बंशीपुरा गांव पहुंची। टीम ने दौराला पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की तो पता चला कि आठ जुलाई को जिस लड़की का विवाह होना है, वह अभी नाबालिग है। बालिग होने में करीब तीन माह का समय शेष है।
चाइल्ड लाइन केयर के सुपरवाइजर राहुल कुमार और केस वर्कर नरेश कुमार ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी। टीम ने बताया कि निर्धारित आयु से पहले विवाह कराना कानूनन अपराध है। इससे बालिका के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। जांच के दौरान परिजनों ने स्वीकार किया कि उनकी बेटी की उम्र अभी विवाह योग्य नहीं है। इसके बाद उन्होंने टीम और पुलिस के समक्ष लिखित आश्वासन दिया कि बालिग होने से पहले बेटी का विवाह नहीं कराया जाएगा। तीन माह बाद कानूनी आयु पूरी होने पर ही शादी की जाएगी।
सुपरवाइजर राहुल कुमार ने बताया कि बाल विवाह की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलती है तो संबंधित विभाग और पुलिस के सहयोग से तत्काल हस्तक्षेप कर उसे रोका जाता है। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि बाल विवाह जैसी किसी भी घटना की जानकारी तत्काल संबंधित विभाग या पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। बाल विवाह की सूचना मिलने पर चाइल्ड लाइन केयर की टीम मंगलवार को दौराला क्षेत्र के बंशीपुरा गांव पहुंची। टीम ने दौराला पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की तो पता चला कि आठ जुलाई को जिस लड़की का विवाह होना है, वह अभी नाबालिग है। बालिग होने में करीब तीन माह का समय शेष है।
चाइल्ड लाइन केयर के सुपरवाइजर राहुल कुमार और केस वर्कर नरेश कुमार ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी। टीम ने बताया कि निर्धारित आयु से पहले विवाह कराना कानूनन अपराध है। इससे बालिका के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। जांच के दौरान परिजनों ने स्वीकार किया कि उनकी बेटी की उम्र अभी विवाह योग्य नहीं है। इसके बाद उन्होंने टीम और पुलिस के समक्ष लिखित आश्वासन दिया कि बालिग होने से पहले बेटी का विवाह नहीं कराया जाएगा। तीन माह बाद कानूनी आयु पूरी होने पर ही शादी की जाएगी।
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सुपरवाइजर राहुल कुमार ने बताया कि बाल विवाह की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलती है तो संबंधित विभाग और पुलिस के सहयोग से तत्काल हस्तक्षेप कर उसे रोका जाता है। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि बाल विवाह जैसी किसी भी घटना की जानकारी तत्काल संबंधित विभाग या पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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