{"_id":"6a7acffaf321bbddb60e48cc","slug":"moradabad-financial-irregularity-of-57-80-lakh-sambhal-commissioner-issues-notice-cdo-failing-to-respond-2026-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad: संभल में 57.80 लाख की वित्तीय गड़बड़ी, जवाब नहीं देने पर सीडीओ को मंडलायुक्त का नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad: संभल में 57.80 लाख की वित्तीय गड़बड़ी, जवाब नहीं देने पर सीडीओ को मंडलायुक्त का नोटिस
Tue, 11 Aug 2026 01:02 PM IST
Vimal Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: Vimal Sharma
Updated Tue, 11 Aug 2026 01:02 PM IST
सार
संभल के क्षेत्र पंचायत रजपुरा में 57.80 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता के मामले में स्पष्ट आख्या नहीं देने पर मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने मुख्य विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की जांच में वाउचरों, कार्यों की आईडी और अभिलेखों में कई विसंगतियां मिली थीं। मामले में 30 कार्यों का विवरण सीडीओ को भेजा गया था, लेकिन जवाब नहीं मिलने पर मंडलायुक्त ने सख्त रुख अपनाया है।
विज्ञापन
मुरादाबाद कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुरादाबाद मंडलायुक्त ने संभल जिले के मुख्य विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि 57 लाख रुपये की अनियमितता के मामले में पत्र भेजने के बावजूद सीडीओ ने अपनी आख्या नही प्रस्तुत की है। इसी कारण मंडलायुक्त ने सख्त रुख अपनाया है।
मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने समीक्षा के दौरान संभल जिले के क्षेत्र पंचायत रजपुरा में किए गए कार्यों के भुगतान की गड़बड़ी पकड़ी थी। बताया गया कि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर क्षेत्र पंचायत रजपुरा के 15वें वित्त आयोग के नमूना परीक्षण में व्यय के कराए गए 08 वाउचरों की धनराशि 57,80,975 रुपये थी।
इस मामले में छह वाउचरों के माध्यम से भुगतान वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक की पूर्व वर्षों के कार्यों की आईडी पर प्रदर्शित है। सभी वाउचरों में एक्टिविटी कोड का विवरण एवं स्पेशल डायरी में अंकित कार्य परस्पर भिन्न है। टाइड ग्रांट से इंटरलाकिंग जैसे कार्य एवं अन्य कार्यों पर व्यय दर्शाया गया है।
विज्ञापन
लेखा शीर्षों के चयन में विसंगति है। एक ही तिथि को एक ही फर्म को अलग अलग वाउचरों से भुगतान किया गया है। इनके समर्थन में माप पुस्तिका, कार्यादेश, तकनीकी स्वीकृति या निविदा/जेम अभिलेख पोर्टल पर संलग्न नहीं पाए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 में ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर व्यय वाउचर की समीक्षा किए जाने पर काफी अनियमितता पकड़ी गई हैं।
इसमें 30 कार्यों का विवरण मंडलायुक्त ने 30 जुलाई को सीडीओ को भेजा था। सीडीओ ने इस मामले में मंडलायुक्त को अपनी स्पष्ट आख्या नहीं दी है। मंडलायुक्त का कहना है कि अनियमितता के मामले में जबाव नहीं देने पर सीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इधर सीडीओ ने जवाब देने के लिए सभी विकास खंड अधिकारियों को तलब किया है।
विज्ञापन
मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने समीक्षा के दौरान संभल जिले के क्षेत्र पंचायत रजपुरा में किए गए कार्यों के भुगतान की गड़बड़ी पकड़ी थी। बताया गया कि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर क्षेत्र पंचायत रजपुरा के 15वें वित्त आयोग के नमूना परीक्षण में व्यय के कराए गए 08 वाउचरों की धनराशि 57,80,975 रुपये थी।
विज्ञापन
इस मामले में छह वाउचरों के माध्यम से भुगतान वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक की पूर्व वर्षों के कार्यों की आईडी पर प्रदर्शित है। सभी वाउचरों में एक्टिविटी कोड का विवरण एवं स्पेशल डायरी में अंकित कार्य परस्पर भिन्न है। टाइड ग्रांट से इंटरलाकिंग जैसे कार्य एवं अन्य कार्यों पर व्यय दर्शाया गया है।
विज्ञापन
लेखा शीर्षों के चयन में विसंगति है। एक ही तिथि को एक ही फर्म को अलग अलग वाउचरों से भुगतान किया गया है। इनके समर्थन में माप पुस्तिका, कार्यादेश, तकनीकी स्वीकृति या निविदा/जेम अभिलेख पोर्टल पर संलग्न नहीं पाए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 में ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर व्यय वाउचर की समीक्षा किए जाने पर काफी अनियमितता पकड़ी गई हैं।
इसमें 30 कार्यों का विवरण मंडलायुक्त ने 30 जुलाई को सीडीओ को भेजा था। सीडीओ ने इस मामले में मंडलायुक्त को अपनी स्पष्ट आख्या नहीं दी है। मंडलायुक्त का कहना है कि अनियमितता के मामले में जबाव नहीं देने पर सीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इधर सीडीओ ने जवाब देने के लिए सभी विकास खंड अधिकारियों को तलब किया है।