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UP: 45 सेकंड और बीतते तो पुष्पेंद्र को मार डालता तेंदुआ, गर्दन में दांत गड़ाकर किया दो सेंटीमीटर घाव
Wed, 12 Aug 2026 03:21 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 12 Aug 2026 03:21 PM IST
सार
Moradabad Leopard Attack: मुरादाबाद के डिलारी क्षेत्र के गांव मलकपुर सेमली में तेंदुए ने एक के बाद एक हमला कर दो लोगों को लहूलुहान कर दिया। पहले दोपहर 12 बजे के करीब खेत में खाद डाल रहे युवक पर हमला किया। साथ गए दो भाइयों ने चीख पुकार सुनकर उसकी जान बचाई। फिर शाम 6:30 बजे के करीब पशु चराकर लाैट रहे किसान को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया।
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Moradabad Leopard
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मुरादाबाद के डिलारी क्षेत्र के गांव मलकपुर सेमली में तेंदुए ने एक के बाद एक हमला कर दो लोगों को लहूलुहान कर दिया। पहले दोपहर 12 बजे के करीब खेत में खाद डाल रहे युवक पर हमला किया। साथ गए दो भाइयों ने चीख पुकार सुनकर उसकी जान बचाई। फिर शाम 6:30 बजे के करीब पशु चराकर लाैट रहे किसान को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया।
डिलारी क्षेत्र के गांव मलकपुर सेमली में मंगलवार को खेत में खाद डाल रहे 22 वर्षीय युवक पुष्पेंद्र पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। पीछे से हुए हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुष्पेंद्र के भाई विपिन कुमार के मुताबिक, तीनों भाई खेत में खाद डालने गए थे। काम लगभग पूरा होने वाला था। इसी दौरान अचानक पुष्पेंद्र की चीख सुनाई दी। दोनों भाई उसकी तरफ दौड़े तो देखा कि तेंदुआ पुष्पेंद्र की गर्दन को दबोचे हुए था।
भाइयों ने शोर मचाया और तेंदुए का सामना करने की कोशिश की। शोर बढ़ने पर तेंदुआ घायल पुष्पेंद्र को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। परिजन घायल को तत्काल मोटरसाइकिल से नजदीकी डॉक्टर के पास ले गए। वहां प्राथमिक उपचार और पट्टी कराने के बाद उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने बताया कि पुष्पेंद्र के शरीर पर सात घाव हैं। उसकी गर्दन, सिर और सीने पर तेंदुए ने गहरे जख्म बना दिए हैं।
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डिलारी क्षेत्र के गांव मलकपुर सेमली में मंगलवार को खेत में खाद डाल रहे 22 वर्षीय युवक पुष्पेंद्र पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। पीछे से हुए हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुष्पेंद्र के भाई विपिन कुमार के मुताबिक, तीनों भाई खेत में खाद डालने गए थे। काम लगभग पूरा होने वाला था। इसी दौरान अचानक पुष्पेंद्र की चीख सुनाई दी। दोनों भाई उसकी तरफ दौड़े तो देखा कि तेंदुआ पुष्पेंद्र की गर्दन को दबोचे हुए था।
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भाइयों ने शोर मचाया और तेंदुए का सामना करने की कोशिश की। शोर बढ़ने पर तेंदुआ घायल पुष्पेंद्र को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। परिजन घायल को तत्काल मोटरसाइकिल से नजदीकी डॉक्टर के पास ले गए। वहां प्राथमिक उपचार और पट्टी कराने के बाद उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने बताया कि पुष्पेंद्र के शरीर पर सात घाव हैं। उसकी गर्दन, सिर और सीने पर तेंदुए ने गहरे जख्म बना दिए हैं।
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इसके बाद गांव के जंगल में मंगलवार की शाम लगभग साढ़े छह बजे पशु चराकर लौट रहे किसान नन्हे उर्फ तसलीम (45) पर हमला कर दिया। इस दाैरान पीछे आ रहे तीन किसानों ने दौड़ कर तेंदुए के चंगुल से नन्हे को छुड़ाया और तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों ने हालत गंभीर देख प्राथमिक उपचार के उपरांत जिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुरादाबाद के लिए रेफर कर दिया।
तेंदुए ने जहां ली थी महिला की जान, वहीं पिंजरे में हुआ कैद
ठाकुरद्वारा के गांव लालापुर पीपलसाना में वन विभाग ने आदमखोर तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया है। मंगलवार सुबह पांच बजे तेंदुआ पकड़ा गया। खास बात यह है कि लालापुर पीपलसाना के उसी खेत में लगे पिंजरे में तेंदुआ फंसा जिसमें महिला को शिकार बनाया था।
ठाकुरद्वारा के गांव लालापुर पीपलसाना में वन विभाग ने आदमखोर तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया है। मंगलवार सुबह पांच बजे तेंदुआ पकड़ा गया। खास बात यह है कि लालापुर पीपलसाना के उसी खेत में लगे पिंजरे में तेंदुआ फंसा जिसमें महिला को शिकार बनाया था।
वन विभाग का कहना है कि पिंजरे में महिला के खून से सने कपड़े रखे थे, जिसकी गंध से वह वापस उसी स्थान पर आया और फिर पिंजरे में फंस गया। जानकारों के अनुसार, तेंदुए की प्रवृत्ति है कि यदि वह किसी स्थान पर इंसान को शिकार करता है तो वापस लौटकर जरूर आता है। इसी आदत को ध्यान में रखते हुए वन विभाग की ओर से तैयारी की गई थी। विदित हो कि तीन अगस्त की सुबह ठाकुरद्वारा के गांव लालापुर पीपलसाना में तेंदुए ने एक महिला पर हमला कर माैत के घाट उतार दिया था।
45 सेकंड और बीतते तो पुष्पेंद्र को मार डालता तेंदुआ
मुरादाबाद के डिलारी के मलकपुर सेमली में तेंदुए के हमले में घायल पुष्पेंद्र की जान महज 45 सेकंड की देरी से जा सकती थी। खेत में खाद डाल रहे पुष्पेंद्र पर तेंदुए ने अचानक हमला किया। उसने पहले पंजों से हमला कर उसे गिराया और फिर गर्दन में दांत गड़ा दिए। शोर सुनकर उसके भाई मौके पर पहुंचे और मौते के मुंह से खींचकर उसे छुड़ाया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच की तो पुष्पेंद्र के शरीर पर सात घाव मिले।
मुरादाबाद के डिलारी के मलकपुर सेमली में तेंदुए के हमले में घायल पुष्पेंद्र की जान महज 45 सेकंड की देरी से जा सकती थी। खेत में खाद डाल रहे पुष्पेंद्र पर तेंदुए ने अचानक हमला किया। उसने पहले पंजों से हमला कर उसे गिराया और फिर गर्दन में दांत गड़ा दिए। शोर सुनकर उसके भाई मौके पर पहुंचे और मौते के मुंह से खींचकर उसे छुड़ाया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच की तो पुष्पेंद्र के शरीर पर सात घाव मिले।
सिर पर तेंदुए के पंजों के गहरे निशान हैं, जबकि गर्दन में दांत गड़ने से करीब दो सेंटीमीटर गहरा जख्म हुआ है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक तेंदुए के जबड़े की पकड़ श्वास नली से महज डेढ़ सेंटीमीटर दूर रही। अगर दांत श्वास नली पर लग जाता तो पुष्पेंद्र की मौके पर ही मौत हो सकती थी।
डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। पुष्पेंद्र मंगलवार दोपहर अपने भाइयों और चाचा के साथ खेत में खाद डाल रहा था। इसी दौरान गन्ने के खेत से अचानक तेंदुआ निकला और उस पर झपट पड़ा। तेंदुए ने उसे जमीन पर गिराने के बाद गन्ने की ओर खींचने की कोशिश की। पुष्पेंद्र के शोर मचाने पर उसके भाई और आसपास मौजूद लोग दौड़े। लोगों को आता देख तेंदुआ उसे छोड़कर भाग गया।
मलकपुर सेमली में मंगलवार को तेंदुए ने एक ही दिन में दो किसानों को निशाना बनाया। शाम को खेत से घर लौट रहे 52 वर्षीय तस्लीम पर भी तेंदुए ने पीछे से हमला कर गर्दन दबोच ली। बैलगाड़ी से आ रहे ग्रामीणों ने शोर मचाकर उसे बचाया। दोनों घटनाओं के बाद वन विभाग ने इलाके में तलाश और निगरानी बढ़ा दी है। मलकपुर सेमली और आसपास के गांवों में पहले भी तेंदुओं की मौजूदगी सामने आती रही है। वन विभाग की टीमें तेंदुए की तलाश में जुटी हैं और ग्रामीणों को समूह में खेतों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
गन्ने के खेतों में छिपे हैं 100 से ज्यादा तेंदुए...बरसात के साथ हर दिन बढ़ेगा खतरा
भले ही वन विभाग ने 25 घंटे के अंदर दो तेंदुए पकड़ लिए लेकिन लगातार हमलों से गांवों में दहशत का माहौल है। मंगलवार की सुबह पांच बजे ठाकुरद्वारा में एक तेंदुआ पकड़ा गया तो डिलारी क्षेत्र में दो जगह तेंदुओं ने दो युवकों पर हमला कर घायल कर दिया। काठं, डिलारी, भोजपुर और ठाकुरद्वारा के गन्ने के खेतों में 100 से ज्यादा तेंदुए होने का अनुमान है। विशेषज्ञों का मानना है कि खतरा कम नहीं हुआ है, बल्कि बरसात के साथ और बढ़ता जाएगा।
भले ही वन विभाग ने 25 घंटे के अंदर दो तेंदुए पकड़ लिए लेकिन लगातार हमलों से गांवों में दहशत का माहौल है। मंगलवार की सुबह पांच बजे ठाकुरद्वारा में एक तेंदुआ पकड़ा गया तो डिलारी क्षेत्र में दो जगह तेंदुओं ने दो युवकों पर हमला कर घायल कर दिया। काठं, डिलारी, भोजपुर और ठाकुरद्वारा के गन्ने के खेतों में 100 से ज्यादा तेंदुए होने का अनुमान है। विशेषज्ञों का मानना है कि खतरा कम नहीं हुआ है, बल्कि बरसात के साथ और बढ़ता जाएगा।
तेंदुओं के लिए गन्ने के खेत लंबे समय से छिपने का सुरक्षित ठिकाना बने हैं। भारतीय वन्य जीव संस्थान की देश में तेंदुओं की स्थिति पर रिपोर्ट के अनुसार, गन्ने के खेतों में पर्याप्त सुरक्षा मिलने के कारण तेंदुओं की मौजूदगी खासतौर पर मानसून और सर्दियों में बढ़ जाती है। रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि मादा तेंदुए शावकों को जन्म देने और पालन-पोषण करने के लिए गन्ने के खेतों का इस्तेमाल करती हैं।
बारिश में तेंदुए गन्ने के खेतों की गीली मिट्टी पर न रहकर सूखा और सुरक्षित ठिकाना ढूंढते हैं। इसलिए तेंदुओं के आबादी के करीब आने के मामले बढ़ रहे हैं। वन्य जीव संस्थान के शोध में भी मानव-तेंदुआ संघर्ष की घटनाओं में मानसून के दौरान बढ़ोतरी का उल्लेख मिलता है। उत्तर प्रदेश के मानव-वन्यजीव संघर्ष के अध्ययन में भी मानसून के दौरान तेंदुओं से जुड़े मानव मृत्यु और घायल होने के मामले अधिक पाए गए हैं।
हमले के बाद लगाया एक और पिंजरा
डिलारी के गांव मलकपुर सेमली में युवक पर तेंदुए के हमले के बाद एक और पिंजरा लगाया गया है, जबकि एक पहले लगा था। उधर, ठाकुरद्वारा के गांव लालापुर पीपलसाना, रायभूड़, बहापुर बलिया समेत विभिन्न गांवों में अभियान जारी है। वन विभाग ने अब तक कांठ, डिलारी और ठाकुरद्वारा में 25 से ज्यादा पिंजरे लगा दिए हैं। विभागीय अधिकारियों ने अनंत अंबानी के वाइल्डलाइफ प्रोजेक्ट वनतारा के विशेषज्ञों से भी मुरादाबाद में तेंदुओं की इस समस्या का समाधान मांगा है, लेकिन जवाब नहीं मिला।
डिलारी के गांव मलकपुर सेमली में युवक पर तेंदुए के हमले के बाद एक और पिंजरा लगाया गया है, जबकि एक पहले लगा था। उधर, ठाकुरद्वारा के गांव लालापुर पीपलसाना, रायभूड़, बहापुर बलिया समेत विभिन्न गांवों में अभियान जारी है। वन विभाग ने अब तक कांठ, डिलारी और ठाकुरद्वारा में 25 से ज्यादा पिंजरे लगा दिए हैं। विभागीय अधिकारियों ने अनंत अंबानी के वाइल्डलाइफ प्रोजेक्ट वनतारा के विशेषज्ञों से भी मुरादाबाद में तेंदुओं की इस समस्या का समाधान मांगा है, लेकिन जवाब नहीं मिला।
एक जगह घेराबंदी तो दूसरी जगह पहुंच जाता है तेंदुआ
तेंदुओं की मौजूदगी का दायरा बड़ा होने से वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती एक साथ कई इलाकों में अभियान चलाने की है। मुरादाबाद के साथ पीलीभीत टाइगर रिजर्व, बिजनौर, संभल और रामपुर की टीमें भी गन्ने के खेतों में तेंदुओं को पकड़ने में जुटी हैं। एक क्षेत्र में टीमों की घेराबंदी और तलाश चलती है तो दूसरे क्षेत्र से तेंदुए के दिखाई देने या हमले की सूचना आ जाती है। विभाग ने मुरादाबाद में तेंदुओं की बढ़ती मौजूदगी, उनके रेस्क्यू और आगे की रणनीति को लेकर विशेषज्ञों से सुझाव मांगे हैं। हालांकि अभी तक वहां से कोई जवाब नहीं मिला है।
तेंदुओं की मौजूदगी का दायरा बड़ा होने से वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती एक साथ कई इलाकों में अभियान चलाने की है। मुरादाबाद के साथ पीलीभीत टाइगर रिजर्व, बिजनौर, संभल और रामपुर की टीमें भी गन्ने के खेतों में तेंदुओं को पकड़ने में जुटी हैं। एक क्षेत्र में टीमों की घेराबंदी और तलाश चलती है तो दूसरे क्षेत्र से तेंदुए के दिखाई देने या हमले की सूचना आ जाती है। विभाग ने मुरादाबाद में तेंदुओं की बढ़ती मौजूदगी, उनके रेस्क्यू और आगे की रणनीति को लेकर विशेषज्ञों से सुझाव मांगे हैं। हालांकि अभी तक वहां से कोई जवाब नहीं मिला है।
इटावा लायन सफारी छोड़े जाएंगे पकड़े गए दोनों तेंदुए
पिछले दो दिन में पकड़े गए दो तेंदुओं को डियर पार्क लाने, मेडिकल परीक्षण कराने और उनके भोजन की व्यवस्था करने में हजारों रुपये खर्च हो चुके हैं। वन विभाग के विशेषज्ञों ने प्रधान मुख्य संरक्षक को पत्र लिखकर तेंदुओं को छोड़ने के लिए उचित स्थान पूछा है लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया है। ऐसे में तेंदुओं को इटावा लायन सफारी में अस्थायी रूप से छोड़ने का प्रबंध किया गया है। बुधवार को टीम तेंदुओं को लेकर इटावा लायन सफारी रवाना होगी। डीएफओ डॉ. विनय कुमार ने बताया कि पकड़े गए दोनों तेंदुए व्यस्क मादा हैं। एक की उम्र ढाई से तीन साल के बीच हैं, जबकि दूसरी मादा करीब छह साल की है।
पिछले दो दिन में पकड़े गए दो तेंदुओं को डियर पार्क लाने, मेडिकल परीक्षण कराने और उनके भोजन की व्यवस्था करने में हजारों रुपये खर्च हो चुके हैं। वन विभाग के विशेषज्ञों ने प्रधान मुख्य संरक्षक को पत्र लिखकर तेंदुओं को छोड़ने के लिए उचित स्थान पूछा है लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया है। ऐसे में तेंदुओं को इटावा लायन सफारी में अस्थायी रूप से छोड़ने का प्रबंध किया गया है। बुधवार को टीम तेंदुओं को लेकर इटावा लायन सफारी रवाना होगी। डीएफओ डॉ. विनय कुमार ने बताया कि पकड़े गए दोनों तेंदुए व्यस्क मादा हैं। एक की उम्र ढाई से तीन साल के बीच हैं, जबकि दूसरी मादा करीब छह साल की है।