सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   The government has summoned the file of the Mainather riot... closed cases may be reopened.

मैनाठेर कांड: शासन ने तलब की बवाल की फाइल, खुल सकते हैं बंद केस, पूर्व डीजीपी बोले- दबाव बना खत्म कराए मुकदमे

जितेंद्र कुमार, अमर उजाला, मुरादाबाद Published by: मुरादाबाद ब्यूरो Updated Thu, 26 Mar 2026 02:22 AM IST
विज्ञापन
सार

मुरादाबाद के मैनाठेर बवाल से जुड़े मामलों की फाइल शासन ने दोबारा तलब कर ली है। छह दर्ज मुकदमों में से पांच बंद हो चुके हैं और कई आरोपियों को क्लीनचिट मिल गई थी। हाल ही में तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार सिंह पर हमले के मामले में 16 लोग दोषी करार दिए गए हैं। अब शासन ने बाकी मामलों की स्थिति और उनकी पैरवी में हुई ढिलाई पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

The government has summoned the file of the Mainather riot... closed cases may be reopened.
मैनाठेर बवाल के बारे में बताते पूर्व डीजीपी बृजलाल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

मुरादाबाद जिले के बहुचर्चित मैनाठेर बवाल की फाइल शासन ने तलब कर ली है। छह जुलाई 2011 को हुए बवाल में 6 प्राथमिकी दर्ज हुईं थीं। इनमें से पांच मामलों को बंद कर दिया गया है। इतना ही नहीं थाना,चौकी और पुलिस वाहन फूंकने वालों को भी क्लीनचिट दे दी गई थी। यह सब कैसे और किन स्थितियों में हुआ अब इसकी जांच शुरू हो सकती है।

Trending Videos


जिला स्तर पर पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जिसे जल्द ही शासन तक पहुंचाया जाएगा। छह जुलाई 2011 को मैनाठेर थाना क्षेत्र के असालतनगर बघा में दबिश के दौरान पुलिस पर धार्मिक पुस्तक के अपमान का आरोप लगाकर लोगों ने हंगामा किया था। संभल- मुरादाबाद मार्ग पर तीन जगह जाम लगाकर प्रदर्शन किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


मैनाठेर थाने और डींगरपुर पुलिस चौकी में आग लगा दी गई थी। पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट की गई थी। पीएसी के वाहन भी आग के हवाले कर दिए गए थे। घटना की सूचना पर पहुंचे तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार को भी भीड़ ने घेर लिया और मरणासन्न हालत में पहुंचा दिया था।

इस मामले में छह प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। तीन मुकदमों में पुलिस की ओर से कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट दाखिल की गई। तीन में आरोप पत्र दाखिल किए गए थे लेकिन दो मामले वापस ले लिए गए। कुल मिलाकर एक ही मामला बचा था। तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार सिंह पर हमले के मामले में एडीजे- दो कृष्ण कुमार की अदालत ने सोमवार को 16 आरोपी दोषी करार दिए हैं।

अब बाकी मुकदमों के बारे में शासन ने रिपोर्ट तलब की है। बाकी मुकदमे कैसे दम तोड़ गए इन केसों में पैरवी क्यों नहीं की गई और क्यों मामले खत्म किए गए हैं। जिला स्तर पर अधिकारी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। जिसे शासन को भेजा जाएगा।

अफसरों पर दबाव बनाकर खत्म कराए गए मुकदमे:  बृजलाल
मैनाठेर बवाल में दर्ज किए गए मुकदमों को खत्म कराने के लिए अफसरों पर दबाव बनाया गया था। यह कहना है पूर्व डीजीपी बृजलाल है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को बहुत नजदीक से देखा था। उनकी आने वाली किताब में इस पूरे प्रकरण का सच भी सामने आने वाला है। उन्होंने बताया कि मैनाठेर क्षेत्र में कई दिनों तक हालात बिगड़े रहे थे।

थाने, चौकी और संभल रोड पर कई दिन तक जले हुए वाहन खडे़ रहे। मैनाठेर थाने में दर्ज किए गए सभी केसों में सरकारी कर्मचारी वादी थे। बावजूद इसके उन्हें डरा डरा धमकाकर केस खत्म कराए गए। वादियों को धमकाया गया तो गवाहों को लालच दिया गया।

इतना नहीं डीआईजी को भीड़ में छोड़कर भागने वाले जिन पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया गया था। उन्हें भी बहाल कर दिया। पूर्व डीजी ने बताया कि मैनाठेर थाने में तैनात रहे एक थाना प्रभारी ने वादी को उसके घर जाकर धमकाया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed