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Pilibhit News: मजदूरों को बंधक बनाने का मामला जांच में निकला फर्जी
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महिला ने अपने छह पुत्रों को जम्मू-कश्मीर में बंधक बनाने का ठेकेदारों पर लगाया था आरोप
बीसलपुर। जम्मू-कश्मीर में बीसलपुर के मजदूरों को बंधक बनाने का मामला कोतवाली पुलिस की जांच में फर्जी पाया गया है। एक महिला ने इसके बारे में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
नगर के मोहल्ला ग्यासपुर निवासी रूबी बेगम पत्नी साबिर ने शनिवार को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा कि गांव नवदिका सितारगंज के दो ठेकेदार उनके छह पुत्रों को ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने के लिए कश्मीर ले गए थे। वहां ठेकेदारों ने उनके पुत्रों को बंधक बना लिया। उनके तीन पुत्र किसी तरह से ठेकेदारों के चंगुल से छूटकर घर आ गए। तीन अन्य पुत्र अभी बंधक बने हुए हैं। रिपोर्ट में नवदिया सितारगंज निवासी आरिफ और आसिव को नामजद किया गया। पुलिस को जांच में प्रथम दृष्ट्या यह मामला फर्जी मिला।
पुलिस का कहना है कि जांच में पाया कि रूबी बेगम ने दोनों ठेकेदारों से 40 हजार रुपये एडवांस लेकर अपने छह पुत्रों को मजदूरी करने के लिए अप्रैल में ठेकेदारों के साथ जम्मू कश्मीर भेजा था। वहां ईंट-भट्ठे पर काम खत्म हो जाने के बाद ठेकेदारों ने रूबी के पुत्रों का पूरा हिसाब कर दिया था। उसके बाद तीन पुत्र घर पर आ गए थे और तीन पुत्र दूसरी जगह काम करने चले गए। रूबी ठेकेदारों से और अधिक पैसा मांग रही थी। ठेकेदारों ने अधिक पैसा देने से मना कर दिया। इसी से नाराज होकर रूबी ने पुलिस में ठेकेदारों के विरुद्ध झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस के अनुसार, रूबी के पुत्रों को न ही बंधक बनाया गया, न ही उनके साथ मारपीट हुुई। सीओ राहुल पांडेय ने बताया की प्रथम दृष्ट्या जांच में अधिकांश आरोप गलत पाए गए हैं। कोतवाली पुलिस को साक्ष्यों के आधार पर विवेचना कराने के निर्देश दिए हैं। संवाद
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बीसलपुर। जम्मू-कश्मीर में बीसलपुर के मजदूरों को बंधक बनाने का मामला कोतवाली पुलिस की जांच में फर्जी पाया गया है। एक महिला ने इसके बारे में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
नगर के मोहल्ला ग्यासपुर निवासी रूबी बेगम पत्नी साबिर ने शनिवार को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा कि गांव नवदिका सितारगंज के दो ठेकेदार उनके छह पुत्रों को ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने के लिए कश्मीर ले गए थे। वहां ठेकेदारों ने उनके पुत्रों को बंधक बना लिया। उनके तीन पुत्र किसी तरह से ठेकेदारों के चंगुल से छूटकर घर आ गए। तीन अन्य पुत्र अभी बंधक बने हुए हैं। रिपोर्ट में नवदिया सितारगंज निवासी आरिफ और आसिव को नामजद किया गया। पुलिस को जांच में प्रथम दृष्ट्या यह मामला फर्जी मिला।
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पुलिस का कहना है कि जांच में पाया कि रूबी बेगम ने दोनों ठेकेदारों से 40 हजार रुपये एडवांस लेकर अपने छह पुत्रों को मजदूरी करने के लिए अप्रैल में ठेकेदारों के साथ जम्मू कश्मीर भेजा था। वहां ईंट-भट्ठे पर काम खत्म हो जाने के बाद ठेकेदारों ने रूबी के पुत्रों का पूरा हिसाब कर दिया था। उसके बाद तीन पुत्र घर पर आ गए थे और तीन पुत्र दूसरी जगह काम करने चले गए। रूबी ठेकेदारों से और अधिक पैसा मांग रही थी। ठेकेदारों ने अधिक पैसा देने से मना कर दिया। इसी से नाराज होकर रूबी ने पुलिस में ठेकेदारों के विरुद्ध झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस के अनुसार, रूबी के पुत्रों को न ही बंधक बनाया गया, न ही उनके साथ मारपीट हुुई। सीओ राहुल पांडेय ने बताया की प्रथम दृष्ट्या जांच में अधिकांश आरोप गलत पाए गए हैं। कोतवाली पुलिस को साक्ष्यों के आधार पर विवेचना कराने के निर्देश दिए हैं। संवाद
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