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Pilibhit News: गांधी स्टेडियम में नियम बेअसर, लोग बिना पंजीकरण कर रहे सैर
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पीलीभीत। गांधी स्टेडियम में रोजाना सैकड़ों लोग सुबह और शाम टहलने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन नियमों का पालन कराने में खेल विभाग पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है। हालात यह हैं कि प्रतिदिन 200 से 300 लोग स्टेडियम में टहलते हैं, जबकि विभागीय रिकॉर्ड में केवल एक व्यक्ति का ही पंजीकरण है।
जिला खेल प्रोत्साहन समिति पहले से ही बजट के अभाव से जूझ रही है। इसके बावजूद बिना पंजीकरण स्टेडियम का इस्तेमाल करने वालों पर न तो कोई रोक लगाई जा रही है और न ही नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा है। लंबे समय से टहलने वालों के नए पंजीकरण कार्ड भी नहीं बनाए गए हैं, जिससे लोग बिना शुल्क दिए ही सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।
नियमों के अनुसार, स्टेडियम में नियमित टहलने वालों का पंजीकरण अनिवार्य है और इसके लिए उन्हें हर माह 320 रुपये शुल्क जमा करना होता है, लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित होकर रह गई है। इससे समिति को हर महीने राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। खेल प्रेमियों का कहना है कि यदि सभी नियमित टहलने वालों का पंजीकरण कराया जाए, तो समिति की आय बढ़ेगी। इससे स्टेडियम के रखरखाव, खेल सुविधाओं के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी। संवाद
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स्टेडियम में नियमित टहलने वाले सभी लोगों का पंजीकरण कराया जाना चाहिए। इससे नियमों का पालन होगा और समिति की आय भी बढ़ेगी। जल्द ही इसके लिए अभियान चलाया जाएगा।
- राजीव गौड़, जिला क्रीड़ा अधिकारी।
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जिला खेल प्रोत्साहन समिति पहले से ही बजट के अभाव से जूझ रही है। इसके बावजूद बिना पंजीकरण स्टेडियम का इस्तेमाल करने वालों पर न तो कोई रोक लगाई जा रही है और न ही नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा है। लंबे समय से टहलने वालों के नए पंजीकरण कार्ड भी नहीं बनाए गए हैं, जिससे लोग बिना शुल्क दिए ही सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।
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नियमों के अनुसार, स्टेडियम में नियमित टहलने वालों का पंजीकरण अनिवार्य है और इसके लिए उन्हें हर माह 320 रुपये शुल्क जमा करना होता है, लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित होकर रह गई है। इससे समिति को हर महीने राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। खेल प्रेमियों का कहना है कि यदि सभी नियमित टहलने वालों का पंजीकरण कराया जाए, तो समिति की आय बढ़ेगी। इससे स्टेडियम के रखरखाव, खेल सुविधाओं के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी। संवाद
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स्टेडियम में नियमित टहलने वाले सभी लोगों का पंजीकरण कराया जाना चाहिए। इससे नियमों का पालन होगा और समिति की आय भी बढ़ेगी। जल्द ही इसके लिए अभियान चलाया जाएगा।
- राजीव गौड़, जिला क्रीड़ा अधिकारी।