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Raebareli News: दूषित मट्ठा पीने से 26 बच्चे बीमार, 23 भर्ती

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2026 01:26 AM IST
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26 children fall ill after drinking contaminated whey, 23 admitted
दूषित मट्ठा पीने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती बच्चे।  - फोटो : दूषित मट्ठा पीने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती बच्चे।
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रायबरेली/सलोन। सलोन क्षेत्र के पूरे रुद्र मजरे मटका गांव में दूषित मट्ठा पीने के बाद बुधवार रात 26 बच्चे बीमार हो गए। बच्चों को अचानक उल्टी-दस्त शुरू होते ही गांव में अफरातफरी मच गई। एक-एक करके सभी बच्चों को सीएचसी पहुंचाया गया। सीएचसी में 23 बच्चों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। इनमें छह बच्चों की हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सूचना पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर जांच की। मट्ठा में मिलाई गई चीनी का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा।
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मटका गांव निवासी राज कुमारी के घर 10 दिन पहले गाय ने बछड़े को जन्म दिया था। गत 31 मार्च की शाम को गांव के सभी बच्चों को मट्ठा पिलाने के लिए बुलाया गया। मट्ठा पीने के 24 घंटे बाद बुधवार शाम से बच्चों को उल्टी-दस्त शुरू हो गया। इससे गांव में अफरातफरी मच गई। सीएचसी सलोन के अधीक्षक को सूचना दी गई, लेकिन कोई टीम गांव नहीं पहुंची। किसी तरह एक-एक करके 26 बीमार बच्चों को सीएचसी पहुंचाया गया। इसमें 23 बच्चों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया।
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हालत नाजुक होने पर रात में जानवी (8) व मानवी (9) पुत्री जितेंद्र, नैना (5), अनन्या (9) पुत्री रामू, सर्वेश (13) पुत्र रामचंद्र, श्रेयांश (8) को जिला अस्पताल लाकर भर्ती किया गया। इसके अलावा आर्यन (9) पुत्र संतू, रुद्रांश (8), आदर्श (14) पुत्रगण लवकुश, मधु (11), प्रिंश (8), अंश (6) पुत्रगण प्रेमचंद्र, चांदनी (12), अनिका (6), आजाद (3), अर्जुन (15) पुत्रगण संतू, शिवानी (15), कृष्णा (9), महक (5) पुत्री मनोज, शिखा (6) पुत्री श्रीकेश, खुशबू (7) पुत्री दिलीप, अर्पित (6) श्रीचंद, प्रिंश(5) पुत्र चंदर का इलाज सीएचसी में चल रहा है। गांव पहुंची एफएसडीए की टीम ने जांच करके चीनी का नमूना भरा है। उधर, बच्चों की हालत बिगड़ने से पहले झोलाछाप से इलाज कराने का प्रयास भी किया गया।
तीन दिन तक इकट्ठा किया दही, फिर मट्ठा बनाकर पिलाया
मौसम खराब होने के बाद भी तीन दिन तक दही को इकट्ठा करने के बाद मट्ठा बनाकर बच्चों को पिलाया गया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दही को कई दिनों तक रखा गया। इससे वह सड़ गया। जहरीला होने के बाद बच्चों को पिलाया गया। इसी कारण बच्चे बीमार हो गए। उन्होंने बताया कि गांव में मट्ठा नहीं मिला, लेकिन मट्ठे में मिलाई गई चीनी का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
दूषित मट्ठा पीने वाले सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर है। छह बच्चों का इलाज जिला अस्पताल में हो रहा है। सलोन के सीएचसी अधीक्षक को गांव में नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। गांव में टीम भेजकर सभी लोगों की जांच कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
डॉ. नवीनचंद्रा, सीएमओ रायबरेली
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