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ईरान हमले पर भारत सरकार की चुप्पी चिंताजनक: सांसद
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Tue, 03 Mar 2026 01:51 AM IST
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रामपुर। सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने वैश्विक शांति और अंतरराष्ट्रीय नियमों के बढ़ते उल्लंघन पर गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने इस्राइल द्वारा गाजा में किए जा रहे मानवीय नरसंहार और हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई की हत्या पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध को लेकर भारत सरकार की चुप्पी चिंताजनक है।
सांसद ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने पहले ही इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और प्रतिबंधों की बात कही है। गाजा में महिलाओं और बच्चों का जिस तरह कत्लेआम किया जा रहा है, वह पूरी मानवता के लिए शर्मनाक है।
उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई व वहां की संप्रभुता पर हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे कृत्य पूरी दुनिया को अस्थिरता की ओर धकेल रहे हैं।
उन्होंने अफसोस के साथ कहा कि जहां पूरी दुनिया और इंसानियत के प्रति संवेदनशील लोग इस युद्ध और हिंसा के खिलाफ हैं, वहीं हमारे देश के प्रधानमंत्री ने अब तक इस पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है। सांसद ने मांग की है कि भारत को अपनी ऐतिहासिक विदेश नीति और मानवीय मूल्यों पर अडिग रहते हुए मजलूमों के हक में और अंतरराष्ट्रीय कानून की बहाली के लिए अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए।
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सांसद ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने पहले ही इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और प्रतिबंधों की बात कही है। गाजा में महिलाओं और बच्चों का जिस तरह कत्लेआम किया जा रहा है, वह पूरी मानवता के लिए शर्मनाक है।
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उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई व वहां की संप्रभुता पर हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे कृत्य पूरी दुनिया को अस्थिरता की ओर धकेल रहे हैं।
उन्होंने अफसोस के साथ कहा कि जहां पूरी दुनिया और इंसानियत के प्रति संवेदनशील लोग इस युद्ध और हिंसा के खिलाफ हैं, वहीं हमारे देश के प्रधानमंत्री ने अब तक इस पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है। सांसद ने मांग की है कि भारत को अपनी ऐतिहासिक विदेश नीति और मानवीय मूल्यों पर अडिग रहते हुए मजलूमों के हक में और अंतरराष्ट्रीय कानून की बहाली के लिए अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए।
