UP: स्कूल जा रही टीचर की मौत, कब्रिस्तान फाटक खुला देख बहुत खुश थी अर्चना; पार करते ही आ गया हार्ट अटैक
गाजियाबाद के वैशाली नगर निवासी अर्चना कुमारी पति महावीर सिंह कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र के गांव काजीवाला के प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात थीं। उनकी नियुक्ति वर्ष 2020 में हुई थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूपी के संभल स्थित कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र के काजीवाला प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापिका अर्चना कुमारी की स्कूल जाते समय हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह निजी वाहन से स्कूल जा रही थीं। तभी रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ गई। बाद में शिक्षक उनके शव को बीआरसी परिसर में ले आए।
पति निजी बैंक में कर्मचारी
जिला गाजियाबाद के वैशाली नगर निवासी अर्चना कुमारी पति महावीर सिंह कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र के गांव काजीवाला के प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात थीं। उनकी नियुक्ति वर्ष 2020 में हुई थी। उनके पति दिल्ली में एक प्राइवेट बैंक में कार्यरत हैं। वह पिछले दो वर्षों से चंदौसी के विकास नगर में किराये के मकान पर रह रही थीं।
कब्रिस्तान रेलवे फाटक के पास बिगड़ी तबीयत
दो महीने पहले उनका ट्यूमर का ऑपरेशन भी हुआ था। वह रोजाना अन्य शिक्षिकाओं के साथ एक वाहन से स्कूल जाती थीं। कार चालक पप्पू निवासी लखनेटा ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह करीब 6:30 बजे वह उन्हें स्कूल ले जा रहा था। तभी कब्रिस्तान रेलवे फाटक के पास उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें दो-तीन अस्पतालों में उपचार के लिए ले जाया गया। आखिर में आजाद रोड स्थित एक निजी अस्पताल में चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शिक्षिका की मौत की खबर मिलते ही अन्य शिक्षक अस्पताल पहुंच गए और वहां से उनके शव को मौलागढ़ स्थित बीआरसी परिसर में ले आए। बाद में परिजन मौके पर पहुंचे और शव को अपने साथ ले गए।
आज जल्दी पहुंच जाएंगे… आखिरी सफर की वो बात
कब्रिस्तान रेलवे फाटक खुला देख शिक्षिका के चेहरे पर हल्की मुस्कान थी। उन्होंने चालक से कहा था भैया- आज तो हम स्कूल जल्दी पहुंच जाएंगे, फाटक खुला मिला है। शिक्षिका के द्वारा कही गई यह सामान्य सी बात उस समय किसी ने गंभीरता से नहीं ली लेकिन कुछ ही देर बाद वही उनके जीवन की आखिरी बात साबित हुई। रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ गई और हालात गंभीर हो गए। स्कूल पहुंचने की जल्दी में निकलीं शिक्षिका फिर कभी लौटकर नहीं आ सकीं। उनकी यह मासूम सी बात अब सुनने वालों की आंखें नम कर रही हैं।

कमेंट
कमेंट X