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Sambhal News: इस्राइल के सजा-ए-मौत वाले फैसले की सांसद ने की निंदा
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संभल। इस्राइली सदन में पारित किए गए सजा-ए-मौत के फैसले को सपा के संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क मानवता पर हमला बताया है। उन्होंने इसका विरोध करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा है कि यह फैसला फलस्तीनियों के खिलाफ है और भेदभावपूर्ण है। सांसद ने इसको मानवता पर हमला बताया है।
सांसद ने लिखा है कि यह फैसला केवल एक नया कानून नहीं, बल्कि उस पूरे सिस्टम का प्रमाण है जो अब बेनकाब हो चुका है। जब कानून का उद्देश्य न्याय देना नहीं, बल्कि एक विशेष पहचान, यानी फलस्तीनियों को निशाना बनाना हो तो इंसाफ की भावना मर चुकी होती है।
सांसद ने कहा कि स्टेट ऑफ इस्राइल को नकारने की मंशा जैसे अस्पष्ट आरोपों के आधार पर अब मौत की सजा दी जाएगी। सांसद ने लिखा है कि जहां दलीलें समाप्त हो जाती हैं, वहां अक्सर ताकतवर मौत का डर पैदा करने लगता है। सांसद ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए। कहा कि जब दुनिया की प्रतिक्रिया उदासीन होती है और शक्तिशाली देशों की जवाबदेही तय नहीं होती, तो धीरे-धीरे अन्याय को ही सामान्य मान लिया जाता है। सांसद ने लिखा है कि अत्याचार के खिलाफ खामोश रहना भी अत्याचारी का साथ देना ही है। संवाद
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सांसद ने लिखा है कि यह फैसला केवल एक नया कानून नहीं, बल्कि उस पूरे सिस्टम का प्रमाण है जो अब बेनकाब हो चुका है। जब कानून का उद्देश्य न्याय देना नहीं, बल्कि एक विशेष पहचान, यानी फलस्तीनियों को निशाना बनाना हो तो इंसाफ की भावना मर चुकी होती है।
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सांसद ने कहा कि स्टेट ऑफ इस्राइल को नकारने की मंशा जैसे अस्पष्ट आरोपों के आधार पर अब मौत की सजा दी जाएगी। सांसद ने लिखा है कि जहां दलीलें समाप्त हो जाती हैं, वहां अक्सर ताकतवर मौत का डर पैदा करने लगता है। सांसद ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए। कहा कि जब दुनिया की प्रतिक्रिया उदासीन होती है और शक्तिशाली देशों की जवाबदेही तय नहीं होती, तो धीरे-धीरे अन्याय को ही सामान्य मान लिया जाता है। सांसद ने लिखा है कि अत्याचार के खिलाफ खामोश रहना भी अत्याचारी का साथ देना ही है। संवाद