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Sambhal News: कोतवाली में क्वार्टर में फंदे पर लटका मिला सिपाही का शव
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गुन्नौर। कोतवाली परिसर में बने सरकारी क्वार्टर में कांस्टेबल आशीष वर्मा (27) का शव फंदे पर लटका मिला। शुरुआत में इसे आत्महत्या माना गया लेकिन बाद में पुलिस ने शव फंदे पर होने से इन्कार करते हुए हार्ट अटैक से मौत बताई।
इस घटना की जानकारी कोतवाली की पुलिस को शुक्रवार शाम दूधिये से मिली जो आशीष के कमरे पर दूध देने गया था। दूधिये का कहना था कि कमरे का दरवाजा भीतर से बंद है और कई आवाज देने के बाद भी आशीष का कोई जवाब मिला। इस पर अन्य पुलिसकर्मी आशीष के क्वार्टर तक पहुंचे। उन्होंने कोतवाली प्रभारी को बताया कि खिड़की से देखने पर आशीष का शव फंदे पर लटका नजर आया।
इसके बाद पुलिस कर्मियों ने दरवाजा तोड़कर शव कब्जे में लिया। कोतवाली प्रभारी राजीव कुमार मलिक ने बताया कि आशीष शाहजहांपुर के कांठ थाना क्षेत्र निवासी थे। तुरंत ही परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई। गुन्नौर के सीओ आलोक सिद्धू ने बताया कि मौके पर छानबीन में आत्महत्या को कोई तथ्य नहीं मिला। इससे हार्ट अटैक से मौत प्रतीत हो रही है। उधर, शाहजहांपुर से रात में ही गुन्नौर पहुंचे परिजन गमगीन स्थिति के कारण मौत के कारण पर कुछ बोल नहीं सके।
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मृतक आश्रित में मिली थी नौकरी, पांच बेटियों के बीच इकलौता था
परिजनों ने बताया कि आशीष के दादा इतवारी लाल पुलिस सेवा में थे। उनके निधन पर बेटे रघुवीर की नियुक्ति हुई थी। वर्ष 2018 में रघुवीर का निधन होने पर वर्ष 2023 में आशीष को अपने पिता (रघुवीर) के आश्रित के रूप में सिपाही की नौकरी मिली थी। तब से गुन्नौर में ही तैनाती थी।
आशीष की मौत के बाद से बिलख रहीं मां कमला देवी ने बताया कि वह पांच बेटियों के बीच इकलौता बेटा था। घर में सबसे बड़ा था। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, जबकि चार बहनें अविवाहित हैं। सोमवार को बहन के लिए लड़का देखने वह व अन्य परिजन गए थे लेकिन लड़का पसंद नहीं आया। इसके बाद एक दिन घर पर रुकने के बाद मंगलवार को आशीष गुन्नौर कोतवाली ड्यूटी पर आ गया था। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम को फोन पर बातचीत में उसने कहा था कि बहन के बाद ङी वह अपनी शादी करेगा।
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इस घटना की जानकारी कोतवाली की पुलिस को शुक्रवार शाम दूधिये से मिली जो आशीष के कमरे पर दूध देने गया था। दूधिये का कहना था कि कमरे का दरवाजा भीतर से बंद है और कई आवाज देने के बाद भी आशीष का कोई जवाब मिला। इस पर अन्य पुलिसकर्मी आशीष के क्वार्टर तक पहुंचे। उन्होंने कोतवाली प्रभारी को बताया कि खिड़की से देखने पर आशीष का शव फंदे पर लटका नजर आया।
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इसके बाद पुलिस कर्मियों ने दरवाजा तोड़कर शव कब्जे में लिया। कोतवाली प्रभारी राजीव कुमार मलिक ने बताया कि आशीष शाहजहांपुर के कांठ थाना क्षेत्र निवासी थे। तुरंत ही परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई। गुन्नौर के सीओ आलोक सिद्धू ने बताया कि मौके पर छानबीन में आत्महत्या को कोई तथ्य नहीं मिला। इससे हार्ट अटैक से मौत प्रतीत हो रही है। उधर, शाहजहांपुर से रात में ही गुन्नौर पहुंचे परिजन गमगीन स्थिति के कारण मौत के कारण पर कुछ बोल नहीं सके।
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मृतक आश्रित में मिली थी नौकरी, पांच बेटियों के बीच इकलौता था
परिजनों ने बताया कि आशीष के दादा इतवारी लाल पुलिस सेवा में थे। उनके निधन पर बेटे रघुवीर की नियुक्ति हुई थी। वर्ष 2018 में रघुवीर का निधन होने पर वर्ष 2023 में आशीष को अपने पिता (रघुवीर) के आश्रित के रूप में सिपाही की नौकरी मिली थी। तब से गुन्नौर में ही तैनाती थी।
आशीष की मौत के बाद से बिलख रहीं मां कमला देवी ने बताया कि वह पांच बेटियों के बीच इकलौता बेटा था। घर में सबसे बड़ा था। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, जबकि चार बहनें अविवाहित हैं। सोमवार को बहन के लिए लड़का देखने वह व अन्य परिजन गए थे लेकिन लड़का पसंद नहीं आया। इसके बाद एक दिन घर पर रुकने के बाद मंगलवार को आशीष गुन्नौर कोतवाली ड्यूटी पर आ गया था। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम को फोन पर बातचीत में उसने कहा था कि बहन के बाद ङी वह अपनी शादी करेगा।
