{"_id":"6a6ce4f50e74536ec100fd8b","slug":"crackdown-fake-photos-can-no-longer-be-used-for-wage-related-work-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1039-154774-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"सख्ती : अब मजदूरी में नहीं लगा सकेंगे फर्जी फोटो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सख्ती : अब मजदूरी में नहीं लगा सकेंगे फर्जी फोटो
Fri, 31 Jul 2026 11:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 31 Jul 2026 11:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेमरियावां। विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) में काम करने वाले मजदूरों की अब फर्जी हाजिरी नहीं लग सकेगी। इसके लिए शासन की ओर से मोबाइल एप के माध्यम से मजदूरों की दिन में दो बार फेस ऑथेंटिकेशन हाजिरी लगेगी। इसी आधार पर मजदूरी निर्धारित होगी।
ग्रामीण विकास विभाग ने एनएमएमएस एप तैयार किया है। अब जनपद में एप के माध्यम से हाजिरी लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसमें अब कोई लापरवाही या फर्जी काम नहीं होगा। ग्रामीण विकास विभाग ने नेशनल मोबाइल मॉनीटरिग साफ्टवेयर एप लांच किया है। पंचायत प्रतिनिधि एप को मोबाइल में डाउनलोड करेंगे। वह इस एप के माध्यम से ही मनरेगा मजदूरों की हाजिरी लगाएंगे।
साथ ही संबंधित वार्ड सदस्यों को पहले पंचायत से संबंधित ग्राम रोजगार सेवक प्रशिक्षण देंगे। इसके लिए सभी वार्ड सदस्यों को पहले एनएमएमएस एप पर रजिस्टर्ड करना होगा।
विज्ञापन
रजिस्टर्ड होने के बाद ही वह एप के माध्यम से मजदूरों की हाजिरी लगा पाएंगे अन्यथा नहीं। जिले में नेशनल मोबाइल मॉनीटरिग सिस्टम से उन मस्टररोलों को जोड़ा जा रहा है, जिसमें 20 से ज्यादा मजदूर हैं। इस एप के माध्यम से मनरेगा मजदूरों की हाजिरी ऑनलाइन लगाना सुनिश्चित किया जा रहा है।
नहीं हो पाएगा फर्जीवाड़ा ः एनएमएमएस एप इसीलिए लांच किया गया है ताकि मनरेगा मजदूरों की हाजिरी में हो रहे फर्जीवाडे़ को रोका जा सके।
पहले फर्जी हाजिरी लगाकर मजदूरों के मानदेय हड़पने का खेल चलता रहा है। साथ ही बिना कार्य किए मजदूरों की हाजिरी लगा दी जाती है, लेकिन सरकार ने अब इसपर लगाम लगाने के लिए पूरी तैयारी के साथ एप लांच किया है।
विज्ञापन
ग्रामीण विकास विभाग ने एनएमएमएस एप तैयार किया है। अब जनपद में एप के माध्यम से हाजिरी लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसमें अब कोई लापरवाही या फर्जी काम नहीं होगा। ग्रामीण विकास विभाग ने नेशनल मोबाइल मॉनीटरिग साफ्टवेयर एप लांच किया है। पंचायत प्रतिनिधि एप को मोबाइल में डाउनलोड करेंगे। वह इस एप के माध्यम से ही मनरेगा मजदूरों की हाजिरी लगाएंगे।
विज्ञापन
साथ ही संबंधित वार्ड सदस्यों को पहले पंचायत से संबंधित ग्राम रोजगार सेवक प्रशिक्षण देंगे। इसके लिए सभी वार्ड सदस्यों को पहले एनएमएमएस एप पर रजिस्टर्ड करना होगा।
विज्ञापन
रजिस्टर्ड होने के बाद ही वह एप के माध्यम से मजदूरों की हाजिरी लगा पाएंगे अन्यथा नहीं। जिले में नेशनल मोबाइल मॉनीटरिग सिस्टम से उन मस्टररोलों को जोड़ा जा रहा है, जिसमें 20 से ज्यादा मजदूर हैं। इस एप के माध्यम से मनरेगा मजदूरों की हाजिरी ऑनलाइन लगाना सुनिश्चित किया जा रहा है।
नहीं हो पाएगा फर्जीवाड़ा ः एनएमएमएस एप इसीलिए लांच किया गया है ताकि मनरेगा मजदूरों की हाजिरी में हो रहे फर्जीवाडे़ को रोका जा सके।
पहले फर्जी हाजिरी लगाकर मजदूरों के मानदेय हड़पने का खेल चलता रहा है। साथ ही बिना कार्य किए मजदूरों की हाजिरी लगा दी जाती है, लेकिन सरकार ने अब इसपर लगाम लगाने के लिए पूरी तैयारी के साथ एप लांच किया है।