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Sant Kabir Nagar News: किसलय से कक्षा एक के विद्यार्थियों को मिलेगी कल्पना की उड़ान
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। बेसिक स्कूलों के कक्षा-एक में अब तक बिना किसी पुस्तक के कला विषय की पढ़ाई होती आ रही थी। इस कक्षा के विद्यार्थियों के लिए कला विषय सिर्फ आकृति बनाने तक ही सीमित था। इस सत्र में पहली बार कला विषय की एक पुस्तक किसलय दी जा रही है। इसका प्राथमिक शिक्षकों ने स्वागत किया।
बीएसए अमित कुमार सिंह व बीईओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया कि इसकी मदद से विद्यार्थी भावनाओं, विचारों और कल्पनाओं को चित्रकला, संगीत, अभिनय, नृत्य के माध्यम से व्यक्त करने में सक्षम बनेंगे। उनमें विभिन्न मानवीय मूल्यों जैसे समूह में कार्य करना, धैर्य व एकाग्रता भी आएगी। यह पुस्तक बच्चों के विद्यालय में ठहराव को बढ़ाने में सहायक होगी।
किताब के बारे में शिक्षक शिवचेंद्र मौर्य, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ब्लॉक अध्यक्ष अनूप कुमार सिंह और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ब्लॉक अध्यक्ष प्रेमप्रकाश दूबे ने बताया कि पुस्तक में कुल 27 अध्याय हैं। इसकी मदद से छात्र-छात्राएं कलात्मक एवं संगीतमय यात्रा की नवीन शुरुआत करेंगे। इसके लेखन का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ सृजनात्मकता के पक्ष को मजबूत बनाना है।
पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ मांडलिक मंत्री अमरेश बहादुर सिंह ने बताया कि पुस्तक में बने चित्र आकर्षक हैं। इनमें दी गई कविताएं भी बाल मन के अनुरूप सहज व सरल हैं। एआरपी प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी और निशांत त्रिपाठी ने बताया कि इस पुस्तक में बचे चित्रों में रंग भरने का भी अभ्यास कराया जाएगा। छापा बनाने, चित्रकला सामग्री की पहचान करने, ज्यामितीय आकारों की पहचान, रंगों की पहचान, प्रारंभिक रेखांकन, छापा चित्रण (अंगुलियों में रंग लगाकर आकृतियों को पूरा करना) के माध्यम से ज्ञानेंद्रियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।
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मेंहदावल। बेसिक स्कूलों के कक्षा-एक में अब तक बिना किसी पुस्तक के कला विषय की पढ़ाई होती आ रही थी। इस कक्षा के विद्यार्थियों के लिए कला विषय सिर्फ आकृति बनाने तक ही सीमित था। इस सत्र में पहली बार कला विषय की एक पुस्तक किसलय दी जा रही है। इसका प्राथमिक शिक्षकों ने स्वागत किया।
बीएसए अमित कुमार सिंह व बीईओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया कि इसकी मदद से विद्यार्थी भावनाओं, विचारों और कल्पनाओं को चित्रकला, संगीत, अभिनय, नृत्य के माध्यम से व्यक्त करने में सक्षम बनेंगे। उनमें विभिन्न मानवीय मूल्यों जैसे समूह में कार्य करना, धैर्य व एकाग्रता भी आएगी। यह पुस्तक बच्चों के विद्यालय में ठहराव को बढ़ाने में सहायक होगी।
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किताब के बारे में शिक्षक शिवचेंद्र मौर्य, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ब्लॉक अध्यक्ष अनूप कुमार सिंह और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ब्लॉक अध्यक्ष प्रेमप्रकाश दूबे ने बताया कि पुस्तक में कुल 27 अध्याय हैं। इसकी मदद से छात्र-छात्राएं कलात्मक एवं संगीतमय यात्रा की नवीन शुरुआत करेंगे। इसके लेखन का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ सृजनात्मकता के पक्ष को मजबूत बनाना है।
पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ मांडलिक मंत्री अमरेश बहादुर सिंह ने बताया कि पुस्तक में बने चित्र आकर्षक हैं। इनमें दी गई कविताएं भी बाल मन के अनुरूप सहज व सरल हैं। एआरपी प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी और निशांत त्रिपाठी ने बताया कि इस पुस्तक में बचे चित्रों में रंग भरने का भी अभ्यास कराया जाएगा। छापा बनाने, चित्रकला सामग्री की पहचान करने, ज्यामितीय आकारों की पहचान, रंगों की पहचान, प्रारंभिक रेखांकन, छापा चित्रण (अंगुलियों में रंग लगाकर आकृतियों को पूरा करना) के माध्यम से ज्ञानेंद्रियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।