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Sant Kabir Nagar News: गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों की जांच पर उठे सवाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। तहसील क्षेत्र में गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के खिलाफ चल रही जांच के दौरान अब एक नया और गंभीर सवाल खड़ा हो गया है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा 9, 10, 11 और 12 के विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने का प्रावधान किया गया है। ऐसे में गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की ऑनलाइन हाजिरी आखिर कैसे लग रही है, यह चर्चा का विषय बन गया है।
क्षेत्र में कई ऐसे विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिन्हें केवल प्राथमिक अथवा जूनियर स्तर तक मान्यता प्राप्त है, लेकिन वहां माध्यमिक स्तर तक कक्षाओं का संचालन कराया जा रहा है। इतना ही नहीं, कुछ विद्यालय पूरी तरह गैर मान्यता प्राप्त होने के बावजूद दूसरे मान्यता प्राप्त विद्यालयों से संबद्ध दिखाकर विद्यार्थियों का पंजीकरण करा रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब विद्यार्थी वास्तविक रूप से गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं, तब उनकी ऑनलाइन उपस्थिति किस विद्यालय से और किस आधार पर दर्ज की जा रही है। विभागीय नियमों के अनुसार ऑनलाइन हाजिरी संबंधित मान्यता प्राप्त विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों की ही दर्ज होनी चाहिए। ऐसे में बिना मिलीभगत के यह संभव नहीं माना जा रहा।
पिछले दिनों हुई जांच के दौरान कई विद्यालयों में अभिलेखों और वास्तविक छात्र संख्या में भी अंतर सामने आया है। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कुछ विद्यालय मान्यता से अधिक कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। इसके बाद विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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धनघटा। तहसील क्षेत्र में गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के खिलाफ चल रही जांच के दौरान अब एक नया और गंभीर सवाल खड़ा हो गया है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा 9, 10, 11 और 12 के विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने का प्रावधान किया गया है। ऐसे में गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की ऑनलाइन हाजिरी आखिर कैसे लग रही है, यह चर्चा का विषय बन गया है।
क्षेत्र में कई ऐसे विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिन्हें केवल प्राथमिक अथवा जूनियर स्तर तक मान्यता प्राप्त है, लेकिन वहां माध्यमिक स्तर तक कक्षाओं का संचालन कराया जा रहा है। इतना ही नहीं, कुछ विद्यालय पूरी तरह गैर मान्यता प्राप्त होने के बावजूद दूसरे मान्यता प्राप्त विद्यालयों से संबद्ध दिखाकर विद्यार्थियों का पंजीकरण करा रहे हैं।
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सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब विद्यार्थी वास्तविक रूप से गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं, तब उनकी ऑनलाइन उपस्थिति किस विद्यालय से और किस आधार पर दर्ज की जा रही है। विभागीय नियमों के अनुसार ऑनलाइन हाजिरी संबंधित मान्यता प्राप्त विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों की ही दर्ज होनी चाहिए। ऐसे में बिना मिलीभगत के यह संभव नहीं माना जा रहा।
पिछले दिनों हुई जांच के दौरान कई विद्यालयों में अभिलेखों और वास्तविक छात्र संख्या में भी अंतर सामने आया है। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कुछ विद्यालय मान्यता से अधिक कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। इसके बाद विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।