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Sant Kabir Nagar News: तहसीलों में ठप रहा सर्वर, नहीं निकली खतौनी, मायूस लाैटे लोग
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर/ मेंहदावल। जिले में मंगलवार को तहसील में सर्वर डाउन होने से खतौनी निकालने में परेशानी हुई। तहसीलों से ऑनलाइन खतौनी निकालने के लिए पहुंचे किसानों को लौटना पड़ा। इसी तरह सर्वर प्रभावित होने से लेखपाल भी परेशान रहे। खलीलाबाद में भी सर्वर डाउन रहने खतौनी नहीं निकल सकी।
मेंहदावल में सर्वर डाउन होने के कारण आय, निवास, जाति प्रमाणपत्र आदि कार्य प्रभावित हुए। लोग घंटों इंतजार करते रहे कि अभी सर्वर ठीक होगा तो खतौनी मिलेगी, लेकिन शाम तक सर्वर में कोई सुधार नहीं हुआ।
कर्मचारियों को भी परेशानी उठानी पड़ी। सबसे अधिक दिक्कत आय जाति, निवास के ऑनलाइन आवेदकों को परेशान होना पड़ा।
सर्वर ठप पड़ने से ऑनलाइन आवेदन के काम भी प्रभावित हुए। सर्वर डाउन रहने से तहसील के कार्य प्रभावित हुए।
भुगतान होने के बाद नहीं डाउनलोड हुई खतौनी : महुली संवाद के अनुसार ऑनलाइन भुगतान के बाद भी खतौनी डाउनलोड न होने से किसान परेशान हैं। पोर्टल पर शुल्क जमा करने का ऑप्शन तो दिख रहा है, लेकिन प्रमाणित खतौनी डाउनलोड नहीं हो रही है।
किसानों ने सुधार की मांग की है। खतौनी के लिए राजस्व परिषद की साइट पर ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की गई है, जिससे किसानों को तहसील का चक्कर न काटना पड़े। इसके बावजूद साइट न चलने के कारण किसानों को काफी परेशानियां हो रही हैं। भगौतीपुर निवासी शहाबुद्दीन ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन भुगतान किया, लेकिन भुगतान होने के बाद भी खतौनी डाउनलोड नहीं हो सकी।
इसी तरह मड़हाराजा निवासी कमरुल दोहा, झिंगुरापार निवासी अकरम खान, दोकड़ा निवासी हकीकुल्लाह आदि ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व से आनलाइन प्रमाणित खतौनी के लिए भटक रहे हैं, लेकिन सर्वर समस्या को लेकर खतौनी नहीं मिल पा रही है। किसानों ने पोर्टल पर सुधार की मांग की है।
धनघटा में दो घंटे गायब रहा नेटवर्क र: धनघटा संवाद के अनुसार नेटवर्क गायब रहने की समस्या से रोजाना तहसील कर्मियों को झेलना पड़ रहा है। मंगलवार को धनघटा तहसील में नेटवर्क न होने के कारण करीब दो घंटे तक लोग खतौनी नहीं निकाल पाए। उसके बाद नेटवर्क के आया तो कामकाज सामान्य हुआ।
मंगलवार को सुबह 10:00 बजे से 12:00 बजे तक नेटवर्क गायब रहने के कारण खतौनी निकालने में किसान असमर्थ रहे। करीब 12:00 बजे नेटवर्क आया तो कामकाज शुरू हुआ।
जिन किसानों को घर लौटने में जल्दी थी वह बगैर खतौनी लिए चले गए। दोपहर एक बजे खतौनी के लिए खिड़की पर खड़े रामदीन, मंगरु, मंगल, सभापति, यशोदा नंद आदि का कहना था कि कब नेटवर्क जाएगा और कब चला जाएगा, इसका कोई भरोसा नहीं रह गया है।
एक खतौनी के लिए दो घंटे तक तहसील में खड़े होकर इंतजार करना पड़ा। किसानों का कहना था कि ऐसा कोई इंतजाम कर दिया जाए, जिससे नेटवर्क आने जाने का झंझट न रहे।
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संतकबीरनगर/ मेंहदावल। जिले में मंगलवार को तहसील में सर्वर डाउन होने से खतौनी निकालने में परेशानी हुई। तहसीलों से ऑनलाइन खतौनी निकालने के लिए पहुंचे किसानों को लौटना पड़ा। इसी तरह सर्वर प्रभावित होने से लेखपाल भी परेशान रहे। खलीलाबाद में भी सर्वर डाउन रहने खतौनी नहीं निकल सकी।
मेंहदावल में सर्वर डाउन होने के कारण आय, निवास, जाति प्रमाणपत्र आदि कार्य प्रभावित हुए। लोग घंटों इंतजार करते रहे कि अभी सर्वर ठीक होगा तो खतौनी मिलेगी, लेकिन शाम तक सर्वर में कोई सुधार नहीं हुआ।
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कर्मचारियों को भी परेशानी उठानी पड़ी। सबसे अधिक दिक्कत आय जाति, निवास के ऑनलाइन आवेदकों को परेशान होना पड़ा।
सर्वर ठप पड़ने से ऑनलाइन आवेदन के काम भी प्रभावित हुए। सर्वर डाउन रहने से तहसील के कार्य प्रभावित हुए।
भुगतान होने के बाद नहीं डाउनलोड हुई खतौनी : महुली संवाद के अनुसार ऑनलाइन भुगतान के बाद भी खतौनी डाउनलोड न होने से किसान परेशान हैं। पोर्टल पर शुल्क जमा करने का ऑप्शन तो दिख रहा है, लेकिन प्रमाणित खतौनी डाउनलोड नहीं हो रही है।
किसानों ने सुधार की मांग की है। खतौनी के लिए राजस्व परिषद की साइट पर ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की गई है, जिससे किसानों को तहसील का चक्कर न काटना पड़े। इसके बावजूद साइट न चलने के कारण किसानों को काफी परेशानियां हो रही हैं। भगौतीपुर निवासी शहाबुद्दीन ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन भुगतान किया, लेकिन भुगतान होने के बाद भी खतौनी डाउनलोड नहीं हो सकी।
इसी तरह मड़हाराजा निवासी कमरुल दोहा, झिंगुरापार निवासी अकरम खान, दोकड़ा निवासी हकीकुल्लाह आदि ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व से आनलाइन प्रमाणित खतौनी के लिए भटक रहे हैं, लेकिन सर्वर समस्या को लेकर खतौनी नहीं मिल पा रही है। किसानों ने पोर्टल पर सुधार की मांग की है।
धनघटा में दो घंटे गायब रहा नेटवर्क र: धनघटा संवाद के अनुसार नेटवर्क गायब रहने की समस्या से रोजाना तहसील कर्मियों को झेलना पड़ रहा है। मंगलवार को धनघटा तहसील में नेटवर्क न होने के कारण करीब दो घंटे तक लोग खतौनी नहीं निकाल पाए। उसके बाद नेटवर्क के आया तो कामकाज सामान्य हुआ।
मंगलवार को सुबह 10:00 बजे से 12:00 बजे तक नेटवर्क गायब रहने के कारण खतौनी निकालने में किसान असमर्थ रहे। करीब 12:00 बजे नेटवर्क आया तो कामकाज शुरू हुआ।
जिन किसानों को घर लौटने में जल्दी थी वह बगैर खतौनी लिए चले गए। दोपहर एक बजे खतौनी के लिए खिड़की पर खड़े रामदीन, मंगरु, मंगल, सभापति, यशोदा नंद आदि का कहना था कि कब नेटवर्क जाएगा और कब चला जाएगा, इसका कोई भरोसा नहीं रह गया है।
एक खतौनी के लिए दो घंटे तक तहसील में खड़े होकर इंतजार करना पड़ा। किसानों का कहना था कि ऐसा कोई इंतजाम कर दिया जाए, जिससे नेटवर्क आने जाने का झंझट न रहे।