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Sant Kabir Nagar News: राम जी से पूछे जनकपुर के नारी, बता द बबुआ...
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 30 Jan 2026 02:39 AM IST
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महोत्सव में गायिका स्वीटी सिंह अपने गीत प्रस्तुत करती हुई-संवाद
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मगहर। कबीर मगहर महोत्सव के दूसरे दिन संस्कृति विभाग की ओर से लोक गायन का कार्यक्रम से हुआ। क्षेत्रीय गायकों ने अपने लोक गायन से समा बांध दिया। पंडाल में मौजूद लोगों को गुनगुनाने पर मजबूर कर दिया।
गायन का शुभारंभ लोक गायिका अंजलि ने ...राम जी से पूछे जनकपुर के नारी, बता द बबुआ देत काहे गारी बता द बबुआ... से झन्नाटेदार अंदाज में किया। इसके बाद अपनी मधुर आवाज में ...पनिया के जहाज से पलटनिया बन आईहा..सुनाया तो पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। उन्होंने मालिनी अवस्थी के गीत ...कोयल बिना बगिया न शोभे रजा.. गाकर मंत्रमुग्ध कर दिया।
लोक गायक नीरज यादव ने ...नीमिया के डार मैया.. से शुरुआत की। इसके बाद ...रेलिया बैरन पिया के लिए जाए रे...सुनाया तो मौजूद लोग भी सुर में सुर मिला कर गाने लगे। लोक गायक अमर लाल यादव ने ...त्रिभुवन विदित अवध जेकर नऊवा से... कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद ...ओड़नी के रंग पियर.. सुनाकर रंग जमा दिया।
अंत में देश भक्ति गीत ...मेरा रंग दे बसंती चोला.. सुनाकर देश शहीद वीर सपूतों को नमन किया। अनिल कुमार एंड पार्टी के निर्देशक अनिल कुमार ने कबीर दोहे ..गुरु गोबिंद दोऊ खड़े.. से शुरुआत की। इसके बाद ...हमें तो लूट लिया मिलके हुस्न वालों ने... सुनाया तो श्रोता झूमने लगे। नीतू कश्यप भोजपुरी गीत पर झूमने पर मजबूर कर दिया।
इस अवसर पर अहमद अली, चंद्र भूषण कन्नौजिया, सिबतैन मुस्तफा, गयासुद्दीन खान उर्फ पप्पू, सभासद रईस आलम, विजय त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
बिंदिया कहां गिर गई न जाने राम, न जाने राम..
मगहर। कबीर मगहर महोत्सव के दूसरे दिन लखनऊ से आईं प्रसिद्ध लोक गीत गायिका मुन्नी देवी के गीतों का लोगों ने खूब आनंद उठाया। उन्होंने कबीर के दोहे ..कबीरा जब हम पैदा हुए जग हंसे हम रोये..से कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने निर्गुण ...बिंदिया कहां गिर गई न जाने राम, न जाने राम.. सुनाकर माहौल बनाया। इसके बाद समाज में ..दहेज बना लोढ़ा, बिकाई ये बाबू बीए पास घोड़ा... के जरिये दहेज रूपी बुराई पर प्रहार किया। लोक गीत ...रेलिया बैरन पिया को लिए जाए, रेलिया बैरन..को खूबसूरत अंदाज में पेश किया। भोजपुरी गीत ..सईयां बसेला पूर्वी भेजिया, देवरा बसे ला तिनसुखिया कि हीरा मोती अइले रे हारी...सुनाया। फाग गीत ...महिनवा में बरसे न बरसे, फगुनवा में रंग बरसे बरसे.. सुनाकर फागुन महीने की आहट को महसूस कराया। कार्यक्रम का संचालन स्वीटी सिंह, अभिनव वत्स ने किया। खाद्य विभाग के अधिकारियों के कलाकारों को स्मृति चिह्न व अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर अधिशासी अधिकारी वैभव सिंह, स्काउट संगठन कमिश्नर रमेश यादव, अवधेश सिंह, अहमद अली आदि मौजूद रहे।
लोक गायिका स्वीटी सिंह के गीतों पर झूमे लोग
मगहर। कबीर मगहर महोत्सव के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को संस्कृति विभाग की मशहूर लोक गीत गायिका स्वीटी सिंह के गीतों पर लोग झूमते रहे। स्वीटी सिंह ने भक्ति गीत ...बम भोले बम भोले, बम बम बोल रहा है काशी.. प्रस्तुत किया तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इससे माहौल भक्तिमय हो गया। इसके बाद लोक गीत ...ऐसी हठेली ननदिया... सुनाकर लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। ...सबरी ने देखा सपनवा राम अइहें अगनवां... से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। लोक गीत ...हमरी गुलाबी चुनरिया हमके लगे नजरिया... सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद ...एगो नेबुआ दो चार मिर्ची लटका ल चोटी में... गीत से समा बांध दिया।
कार्यक्रम का संचालन प्रदीप त्रिपाठी व अभिनव वत्स ने किया। एसडीएम सदर अरुण कुमार व तहसीलदार सदर आनंद कुमार ओझा ने स्मृति चिह्न व अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। कानूनगो चंद्र भूषण कन्नौजिया, सभासद रईस आलम, अहमद अली, भानु प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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गायन का शुभारंभ लोक गायिका अंजलि ने ...राम जी से पूछे जनकपुर के नारी, बता द बबुआ देत काहे गारी बता द बबुआ... से झन्नाटेदार अंदाज में किया। इसके बाद अपनी मधुर आवाज में ...पनिया के जहाज से पलटनिया बन आईहा..सुनाया तो पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। उन्होंने मालिनी अवस्थी के गीत ...कोयल बिना बगिया न शोभे रजा.. गाकर मंत्रमुग्ध कर दिया।
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लोक गायक नीरज यादव ने ...नीमिया के डार मैया.. से शुरुआत की। इसके बाद ...रेलिया बैरन पिया के लिए जाए रे...सुनाया तो मौजूद लोग भी सुर में सुर मिला कर गाने लगे। लोक गायक अमर लाल यादव ने ...त्रिभुवन विदित अवध जेकर नऊवा से... कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद ...ओड़नी के रंग पियर.. सुनाकर रंग जमा दिया।
अंत में देश भक्ति गीत ...मेरा रंग दे बसंती चोला.. सुनाकर देश शहीद वीर सपूतों को नमन किया। अनिल कुमार एंड पार्टी के निर्देशक अनिल कुमार ने कबीर दोहे ..गुरु गोबिंद दोऊ खड़े.. से शुरुआत की। इसके बाद ...हमें तो लूट लिया मिलके हुस्न वालों ने... सुनाया तो श्रोता झूमने लगे। नीतू कश्यप भोजपुरी गीत पर झूमने पर मजबूर कर दिया।
इस अवसर पर अहमद अली, चंद्र भूषण कन्नौजिया, सिबतैन मुस्तफा, गयासुद्दीन खान उर्फ पप्पू, सभासद रईस आलम, विजय त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
बिंदिया कहां गिर गई न जाने राम, न जाने राम..
मगहर। कबीर मगहर महोत्सव के दूसरे दिन लखनऊ से आईं प्रसिद्ध लोक गीत गायिका मुन्नी देवी के गीतों का लोगों ने खूब आनंद उठाया। उन्होंने कबीर के दोहे ..कबीरा जब हम पैदा हुए जग हंसे हम रोये..से कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने निर्गुण ...बिंदिया कहां गिर गई न जाने राम, न जाने राम.. सुनाकर माहौल बनाया। इसके बाद समाज में ..दहेज बना लोढ़ा, बिकाई ये बाबू बीए पास घोड़ा... के जरिये दहेज रूपी बुराई पर प्रहार किया। लोक गीत ...रेलिया बैरन पिया को लिए जाए, रेलिया बैरन..को खूबसूरत अंदाज में पेश किया। भोजपुरी गीत ..सईयां बसेला पूर्वी भेजिया, देवरा बसे ला तिनसुखिया कि हीरा मोती अइले रे हारी...सुनाया। फाग गीत ...महिनवा में बरसे न बरसे, फगुनवा में रंग बरसे बरसे.. सुनाकर फागुन महीने की आहट को महसूस कराया। कार्यक्रम का संचालन स्वीटी सिंह, अभिनव वत्स ने किया। खाद्य विभाग के अधिकारियों के कलाकारों को स्मृति चिह्न व अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर अधिशासी अधिकारी वैभव सिंह, स्काउट संगठन कमिश्नर रमेश यादव, अवधेश सिंह, अहमद अली आदि मौजूद रहे।
लोक गायिका स्वीटी सिंह के गीतों पर झूमे लोग
मगहर। कबीर मगहर महोत्सव के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को संस्कृति विभाग की मशहूर लोक गीत गायिका स्वीटी सिंह के गीतों पर लोग झूमते रहे। स्वीटी सिंह ने भक्ति गीत ...बम भोले बम भोले, बम बम बोल रहा है काशी.. प्रस्तुत किया तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इससे माहौल भक्तिमय हो गया। इसके बाद लोक गीत ...ऐसी हठेली ननदिया... सुनाकर लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। ...सबरी ने देखा सपनवा राम अइहें अगनवां... से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। लोक गीत ...हमरी गुलाबी चुनरिया हमके लगे नजरिया... सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद ...एगो नेबुआ दो चार मिर्ची लटका ल चोटी में... गीत से समा बांध दिया।
कार्यक्रम का संचालन प्रदीप त्रिपाठी व अभिनव वत्स ने किया। एसडीएम सदर अरुण कुमार व तहसीलदार सदर आनंद कुमार ओझा ने स्मृति चिह्न व अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। कानूनगो चंद्र भूषण कन्नौजिया, सभासद रईस आलम, अहमद अली, भानु प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।

महोत्सव में गायिका स्वीटी सिंह अपने गीत प्रस्तुत करती हुई-संवाद

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