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Sant Kabir Nagar News: पदोन्नति पाकर एडीजे हुए सुनील कुमार सिंह
Fri, 31 Jul 2026 11:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 31 Jul 2026 11:48 PM IST
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संतकबीरनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में सचिव के पद पर तैनात सिविल जज सीनियर डिवीजन सुनील कुमार सिंह को शुक्रवार को जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह ने अपर जिला जज के रुप में कार्यभार ग्रहण कराया। अब वे जनपद में ही एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट के कार्य संपादित करेंगे।
उन्होंने बातचीत के दौरान बताया कि वर्ष 2007 में विधि स्नातक के उपरांत सर्वप्रथम वह मध्यप्रदेश में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी के पद पर कार्य किए। लगभग साढ़े पांच वर्ष के उपरांत उनका चयन झारखंड में पीसीएस(जे) न्यायिक पद पर हुआ। तदुपरान्त बिहार न्यायिक सेवा में भी परीक्षा उत्तीर्ण किए। वर्ष 2015 से 2018 तक छपरा बिहार में न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत रहे। उन्होंने प्रयास जारी रखा। वर्ष 2016 में ही यूपी पीसीएस (जे) की परीक्षा उत्तीर्ण करने के साथ यूपी एचजेएस की परीक्षा पास किए। एचजेएस का मामला विवादित होने के कारण प्रदेश भर के अभ्यर्थियों का मामला सर्वोच्च न्यायालय जा पहुंचा। जुलाई 2018 में सिद्धार्थनगर में न्यायिक मजिस्ट्रेट के रुप में कार्य किए। सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में इसी माह में अपना निर्णय सुनाते हुए परीक्षा को वैध करार दिया।
उसी के अनुक्रम में उन्होंने शुक्रवार को अपर जिला जज का कार्यभार जनपद में ही ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि सतत् परिश्रम व लगन से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना सफलता का मूल मंत्र है।
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उन्होंने बातचीत के दौरान बताया कि वर्ष 2007 में विधि स्नातक के उपरांत सर्वप्रथम वह मध्यप्रदेश में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी के पद पर कार्य किए। लगभग साढ़े पांच वर्ष के उपरांत उनका चयन झारखंड में पीसीएस(जे) न्यायिक पद पर हुआ। तदुपरान्त बिहार न्यायिक सेवा में भी परीक्षा उत्तीर्ण किए। वर्ष 2015 से 2018 तक छपरा बिहार में न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत रहे। उन्होंने प्रयास जारी रखा। वर्ष 2016 में ही यूपी पीसीएस (जे) की परीक्षा उत्तीर्ण करने के साथ यूपी एचजेएस की परीक्षा पास किए। एचजेएस का मामला विवादित होने के कारण प्रदेश भर के अभ्यर्थियों का मामला सर्वोच्च न्यायालय जा पहुंचा। जुलाई 2018 में सिद्धार्थनगर में न्यायिक मजिस्ट्रेट के रुप में कार्य किए। सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में इसी माह में अपना निर्णय सुनाते हुए परीक्षा को वैध करार दिया।
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उसी के अनुक्रम में उन्होंने शुक्रवार को अपर जिला जज का कार्यभार जनपद में ही ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि सतत् परिश्रम व लगन से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना सफलता का मूल मंत्र है।
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