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रमजान : इबादत में गुजरा पूरा दिन...दुआ के साथ की गई इफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 19 Feb 2026 11:44 PM IST
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मोहम्मद हसनैन
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शाहजहांपुर। बरकतों और रहमतों वाले महीने रमजान का पहला रोजा बृहस्पतिवार को मुकम्मल हो गया। रोजेदारों का पूरा दिन इबादत में गुजरा। नमाज के साथ कुरान पाक की तिलावत की गई। आम दिनों की अपेक्षा मस्जिदों में नमाजियों की संख्या काफी ज्यादा रही। शाम को लोगाें ने दुआ के साथ रोजा इफ्तार किया।
बुधवार को देर रात रमजान-उल-मुबारक की घोषणा होने के बाद सुबह मुस्लिम समाज के लोगों ने सहरी खाने के बाद रोजा रखा। मुस्लिम बहुल इलाकों में सुबह से ही चहलपहल बढ़ी हुई रही। आमतौर पर फजिर की नमाज में काफी कम लोग पहुंचते थे, लेकिन रमजान के पहले रोजे पर मस्जिद नमाजियों से भर गई। लोगों ने सिंवई, फेनी, खजूर, चाट-पकौड़ी आदि खाद्य पदार्थों की खरीदारी की। बृहस्पतिवार से तराबीह की नमाज भी मस्जिदों में पढ़ी गई।
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महंगी हुई इफ्तार की थाली...खजूर व फलों के भाव बढ़े
-रमजान महीना शुरू होने के साथ ही इफ्तार की थाली महंगी हो गई। फलों के साथ खजूर के दाम भी बढ़ गए हैं। कीमिया खजूर का डिब्बा 130 से 140 रुपये का बिक रहा था। रमजान में 160 से 180 रुपये तक पहुंच गया। इसी तरह सेब भी 160 रुपये किलो पहुंच गया। केला 40 रुपये दर्जन बिक रहा था। इसका दाम बृहस्पतिवार को 60 रुपये दर्जन रहा। पपीता भी 40 से 50 रुपये प्रति किलो बिका। इसी तरह संतरा 100 रुपये, अनार 140 रुपये, अंगूर 120 रुपये किलो बिक रहा है। व्यापारी कपिल व अमित गुप्ता ने बताया कि काला अंगूर 200 रुपये प्रति किलो, अन्नानास 100 रुपये किलो, मुसम्मी 50 रुपये किलो बिक रही है। प्रत्येक फल पर दस से 20 रुपये का इजाफा हुआ है।
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सिंवई और फेनी की बिक्री में आया उछाल
-पहले रोजे पर सिंवई और फेनी की खूब बिक्री हुई है। लाल इमली चौराहा, जलालनगर बजरिया, बहादुरगंज, चारखंभा समेत प्रमुख बाजारों में सिंवई और फेनी की खरीदारी की गई। इसके चलते बाजारों में चहल-पहल रही। लाल इमली चौराहा पर व्यापारी अयान ने बताया कि सिंवई 60 रुपये किलो व फेनी 150 रुपये किलो बेच रहे हैं।
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रमजान का पहला जुमा और रहमतों और बरकतों की शुरुआत
फोटो 28
-माह-ए-रमजान अपने साथ रहमत, मगफिरत और निजात का पैगाम लेकर आता है। मुबारक महीने के पहला जुमा खास अहमियत रखता है, क्योंकि जुमे का दिन खुद इस्लाम में अफजल दिनों में से एक है। जब रमजान और जुमे की फजीलत एक साथ मिल जाती है, तो उसकी बरकतें और भी बढ़ जातीं हैं।
मौलाना वकार हुसैन हातिमी तिलहर
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रमजान का पहला अशरा रहमत वाला : शहर काजी
-रमजान मुबारक का पहला अशरा शुरू हो गया। यह रहमत का होता है। दूसरा अशरा मगफिरत और तीसरा अशरा जहन्नुम से आजादी का है। रमजान रहमतों और बरकतों का महीना है। मुसलमान इस महीने का इंतजार पूरे साल इस तरह करते हैं, जैसे कोई अपने खास मेहमान की आमद का करता है। इस महीने में अल्लाह तआला अपनी खास रहमतों की बारिश करता है।
सैयद सैफ हसन, शहर काजी
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मेरा पहला रोजा
फोटो 22
-तारीन जलालनगर निवासी परवेज खां के सात वर्षीय बेटे हसनैन खां ने पहला रोजा रखा। अपनी मां शीबा बेगम व पिता को रोजा रखते देखकर उसने भी रोजा रखा। पूरे दिन भूख और प्यास की शिद्दत को सहन कर शाम को रोजा इफ्तार किया।
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फोटो 23
मीरानपुर कटरा के मोहल्ला बंगशान निवासी इमाम जमील अख्तर की बेटी साफिया फातिमा ने पहला रोजा रखा है। परिवार वालों को देखकर उन्होंने जिद कर पहला रोजा रखा।
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रमजान पर मुस्लिम बहुल इलाके में सफाई चौपट
फोटो 29
-रमजान मुबारक का मुकद्दस महीना बृहस्पतिवार से प्रारंभ हो गया। उसके बाद भी मुस्लिम बहुल इलाकों में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त नहीं कराया गया। नालियां गंदगी से भरी रहने के साथ ही कूड़े के ढेर भी लगे रहे। इसे लेकर लोगों में नाराजगी व्याप्त है।मोहल्ला एमनजई जलालनगर में एक मीनार वाली मस्जिद से शहीद दादा मियां की मजार की ओर जाने वाले मार्ग पर नालियां गंदगी से भरी रही। यहां पर कूड़ा तक नहीं उठाया गया। इसके अलावा कूड़े के ढेर भी कई जगह पर लगे रहे। रमजान पर सफाई नहीं कराए जाने से लोगों में नाराजगी व्याप्त है। संवाद
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बुधवार को देर रात रमजान-उल-मुबारक की घोषणा होने के बाद सुबह मुस्लिम समाज के लोगों ने सहरी खाने के बाद रोजा रखा। मुस्लिम बहुल इलाकों में सुबह से ही चहलपहल बढ़ी हुई रही। आमतौर पर फजिर की नमाज में काफी कम लोग पहुंचते थे, लेकिन रमजान के पहले रोजे पर मस्जिद नमाजियों से भर गई। लोगों ने सिंवई, फेनी, खजूर, चाट-पकौड़ी आदि खाद्य पदार्थों की खरीदारी की। बृहस्पतिवार से तराबीह की नमाज भी मस्जिदों में पढ़ी गई।
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महंगी हुई इफ्तार की थाली...खजूर व फलों के भाव बढ़े
-रमजान महीना शुरू होने के साथ ही इफ्तार की थाली महंगी हो गई। फलों के साथ खजूर के दाम भी बढ़ गए हैं। कीमिया खजूर का डिब्बा 130 से 140 रुपये का बिक रहा था। रमजान में 160 से 180 रुपये तक पहुंच गया। इसी तरह सेब भी 160 रुपये किलो पहुंच गया। केला 40 रुपये दर्जन बिक रहा था। इसका दाम बृहस्पतिवार को 60 रुपये दर्जन रहा। पपीता भी 40 से 50 रुपये प्रति किलो बिका। इसी तरह संतरा 100 रुपये, अनार 140 रुपये, अंगूर 120 रुपये किलो बिक रहा है। व्यापारी कपिल व अमित गुप्ता ने बताया कि काला अंगूर 200 रुपये प्रति किलो, अन्नानास 100 रुपये किलो, मुसम्मी 50 रुपये किलो बिक रही है। प्रत्येक फल पर दस से 20 रुपये का इजाफा हुआ है।
सिंवई और फेनी की बिक्री में आया उछाल
-पहले रोजे पर सिंवई और फेनी की खूब बिक्री हुई है। लाल इमली चौराहा, जलालनगर बजरिया, बहादुरगंज, चारखंभा समेत प्रमुख बाजारों में सिंवई और फेनी की खरीदारी की गई। इसके चलते बाजारों में चहल-पहल रही। लाल इमली चौराहा पर व्यापारी अयान ने बताया कि सिंवई 60 रुपये किलो व फेनी 150 रुपये किलो बेच रहे हैं।
रमजान का पहला जुमा और रहमतों और बरकतों की शुरुआत
फोटो 28
-माह-ए-रमजान अपने साथ रहमत, मगफिरत और निजात का पैगाम लेकर आता है। मुबारक महीने के पहला जुमा खास अहमियत रखता है, क्योंकि जुमे का दिन खुद इस्लाम में अफजल दिनों में से एक है। जब रमजान और जुमे की फजीलत एक साथ मिल जाती है, तो उसकी बरकतें और भी बढ़ जातीं हैं।
मौलाना वकार हुसैन हातिमी तिलहर
रमजान का पहला अशरा रहमत वाला : शहर काजी
-रमजान मुबारक का पहला अशरा शुरू हो गया। यह रहमत का होता है। दूसरा अशरा मगफिरत और तीसरा अशरा जहन्नुम से आजादी का है। रमजान रहमतों और बरकतों का महीना है। मुसलमान इस महीने का इंतजार पूरे साल इस तरह करते हैं, जैसे कोई अपने खास मेहमान की आमद का करता है। इस महीने में अल्लाह तआला अपनी खास रहमतों की बारिश करता है।
सैयद सैफ हसन, शहर काजी
मेरा पहला रोजा
फोटो 22
-तारीन जलालनगर निवासी परवेज खां के सात वर्षीय बेटे हसनैन खां ने पहला रोजा रखा। अपनी मां शीबा बेगम व पिता को रोजा रखते देखकर उसने भी रोजा रखा। पूरे दिन भूख और प्यास की शिद्दत को सहन कर शाम को रोजा इफ्तार किया।
फोटो 23
मीरानपुर कटरा के मोहल्ला बंगशान निवासी इमाम जमील अख्तर की बेटी साफिया फातिमा ने पहला रोजा रखा है। परिवार वालों को देखकर उन्होंने जिद कर पहला रोजा रखा।
रमजान पर मुस्लिम बहुल इलाके में सफाई चौपट
फोटो 29
-रमजान मुबारक का मुकद्दस महीना बृहस्पतिवार से प्रारंभ हो गया। उसके बाद भी मुस्लिम बहुल इलाकों में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त नहीं कराया गया। नालियां गंदगी से भरी रहने के साथ ही कूड़े के ढेर भी लगे रहे। इसे लेकर लोगों में नाराजगी व्याप्त है।मोहल्ला एमनजई जलालनगर में एक मीनार वाली मस्जिद से शहीद दादा मियां की मजार की ओर जाने वाले मार्ग पर नालियां गंदगी से भरी रही। यहां पर कूड़ा तक नहीं उठाया गया। इसके अलावा कूड़े के ढेर भी कई जगह पर लगे रहे। रमजान पर सफाई नहीं कराए जाने से लोगों में नाराजगी व्याप्त है। संवाद

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मोहम्मद हसनैन

मोहम्मद हसनैन