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Shravasti News: बिना बरसे चले गए बदरा, किसान मायूस
Mon, 29 Jun 2026 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Mon, 29 Jun 2026 12:49 AM IST
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भिनगा कस्बे में रविवार की भोर छाए घने बादल।
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श्रावस्ती। तराईवासियों के लिए रविवार सुबह उमस के बीच राहत भरी रही और भोर में घने बादलों ने दस्तक दी। बादलों के चलते पारा घट गया और किसानों में बारिश की उम्मीद जगी, लेकिन आसमान में छाए बादल बिना बरसे चले गए और किसानों में मायूसी रही। बादल छटने के बाद तेज धूप ने दस्तक दी। धूप पूरे दिन जारी रही और एक बार फिर तराई उमस भरी गर्मी की चपेट में आ गई। हालांकि, बारिश का असर अधिकतम तापमान पर देखने को मिला और अधिकतम तापमान दो डिग्री लुढ़क कर 41 पहुंच गया। न्यूनतम तापमान 30.6 डिग्री पर बना रहा।
किसानों की टूटी आस, छाई मायूसी
आसमान में काले बादलों को देख सबसे ज्यादा गदगद किसान रहे। बारिश न होने से उनके चेहरे मुरझाए रहे। भिनगा निवासी किसान मनोज, सुकई, ननके, गिलौला निवासी आलोक, पप्पू आदि ने बताया कि धान की नर्सरी सूख रही है। ऐसे में अगर बारिश हो जाती तो उसे संजीवनी मिल जाती। वहीं, तप रहे खेतों को पानी मिलने से हमारा सिंचाई का खर्चा बच जाता है और धान की रोपाई शुरू हो जाती। किसानों ने बताया कि डीजल पंप से सिंचाई करने के कुछ दिन के अंदर ही खेत सूख जाते हैं और परेशानी होती है।
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किसानों की टूटी आस, छाई मायूसी
आसमान में काले बादलों को देख सबसे ज्यादा गदगद किसान रहे। बारिश न होने से उनके चेहरे मुरझाए रहे। भिनगा निवासी किसान मनोज, सुकई, ननके, गिलौला निवासी आलोक, पप्पू आदि ने बताया कि धान की नर्सरी सूख रही है। ऐसे में अगर बारिश हो जाती तो उसे संजीवनी मिल जाती। वहीं, तप रहे खेतों को पानी मिलने से हमारा सिंचाई का खर्चा बच जाता है और धान की रोपाई शुरू हो जाती। किसानों ने बताया कि डीजल पंप से सिंचाई करने के कुछ दिन के अंदर ही खेत सूख जाते हैं और परेशानी होती है।
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