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Siddharthnagar News: अटूट विश्वास हो तो भगवान करेंगे रक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 17 Jun 2026 12:38 AM IST
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पथरा। क्षेत्र के डोकरा गांव में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में सातवें दिन कथावाचक आचार्य हरिवेंद्र त्रिपाठी ने श्रीकृष्ण-रुक्मिणी के विवाह की कथा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान पर अटूट विश्वास होना चाहिए, यदि अटूट विश्वास है तो भगवान हर स्थिति में अपने भक्तों की रक्षा करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान कलाकारों द्वारा श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह से जुड़ी मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई, जिसे देख पूरा पंडाल श्रीकृष्ण के जयकारे से गुंजायमान हो उठा। भजन गीतों से सुरों में सभी श्रोता झूमने लगे। कथा व्यास ने कहा कि भगवान पर अटूट विश्वास होना चाहिए, यदि अटूट विश्वास है तो भगवान हर स्थिति में अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। कथावाचक ने भगवान श्रीकृष्ण के विवाह का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का प्रथम विवाह विदर्भ देश के राजा की पुत्री रुक्मिणी के साथ संपन्न हुआ। कथा में बताया गया कि रुक्मिणी स्वयं साक्षात लक्ष्मी हैं और वह नारायण से दूर रह ही नहीं सकती हैं।
कथा के दौरान मुकेश, गिरीश चंद्र श्रीवास्तव, मनोज श्रीवास्तव, अटल बिहारी दुबे, धर्मेंद्र गिरी आदि मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान कलाकारों द्वारा श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह से जुड़ी मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई, जिसे देख पूरा पंडाल श्रीकृष्ण के जयकारे से गुंजायमान हो उठा। भजन गीतों से सुरों में सभी श्रोता झूमने लगे। कथा व्यास ने कहा कि भगवान पर अटूट विश्वास होना चाहिए, यदि अटूट विश्वास है तो भगवान हर स्थिति में अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। कथावाचक ने भगवान श्रीकृष्ण के विवाह का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का प्रथम विवाह विदर्भ देश के राजा की पुत्री रुक्मिणी के साथ संपन्न हुआ। कथा में बताया गया कि रुक्मिणी स्वयं साक्षात लक्ष्मी हैं और वह नारायण से दूर रह ही नहीं सकती हैं।
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कथा के दौरान मुकेश, गिरीश चंद्र श्रीवास्तव, मनोज श्रीवास्तव, अटल बिहारी दुबे, धर्मेंद्र गिरी आदि मौजूद रहे।