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Sitapur News: रिटायर्ड लेखपाल के घर डकैती का खुलासा, सात गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 24 Jan 2026 11:53 PM IST
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सीतापुर। तालगांव के रसूलपुर गांव में 17 जनवरी को रिटायर्ड लेखपाल के घर हुई डकैती की वारदात का शनिवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। एसओजी संग पुलिस की आठ टीमों ने सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पकड़े गए आरोपियों में एक सर्राफ भी शामिल है।
गांव निवासी रिटायर्ड लेखपाल अमर वर्मा के घर में 17 जनवरी को डकैती पड़ी थी। डकैतों ने तमंचे के बल पर परिवार के लोगों को बंधक बनाकर पांच लाख रुपये समेत 17 लाख का माल पार कर दिया था। पुलिस की आठ टीमें खुलासे के लिए लगाई गईं थीं। आईजी रेंज किरण एस ने पीड़ितों से मुलाकात कर जल्द खुलासे का आश्वासन दिया था।
पुलिस ने इस मामले में मानपुर के नसीरपुर निवासी सदानंद, विजय, दासापुर गांव निवासी अजय यादव, रेउसा के लोनियनपुरवा निवासी ओमकार, उसके भाई रंजीत, बिसवां के सरैया मिर्जापुर निवासी पुतान और लहरपुर के मोहल्ला बेहटी निवासी वीरेंद्र (सर्राफ) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 4.28 लाख रुपये, कुछ जेवर, तीन तमंचे, कारतूस, बाइक व अन्य सामान बरामद हुआ है। एसपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि सातों बदमाशों को जेल भेज दिया गया है।
लेखपाल की संपन्नता से प्रभावित था मास्टरमाइंड
सीतापुर। तालगांव के रसूलपुर गांव निवासी अजय यादव ही डकैती कांड का मास्टरमाइंड निकला। वह सिर्फ दिखावे के लिए मछली का व्यापार करता है। पुलिस के अनुसार लेखपाल के घर के पास एक तालाब है। जहां पर कुछ समय पहले अजय मछली पकड़ने के लिए आया था। वहां पर उसने लेखपाल के घर को देखा और लेखपाल की संपन्नता से प्रभावित हुआ। इसके बाद डकैती की साजिश रची और एक अन्य युवक ने भी घर की रेकी कराई। इस युवक को पकड़ने के लिए एसओजी लगातार दबिश दे रही है। अभी वह पुलिस की पकड़ से दूर है।
सीओ सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि आरोपी सदानंद की ससुराल भी रसूलपुर गांव में ही है। अजय ने ही सबसे संपर्क कर घटना की प्लानिंग बनाई थी। पुलिस के अनुसार पुतान और सदानंद सबसे पहले छत पर चढ़े थे। नीचे उतरकर दोनों ने कुंडी को खोला, जिसके बाद अन्य लोग भी घर के अंदर आए थे। डकैती को अंजाम देने के बाद जेवरों को आरोपियों ने लालपुर बाजार में स्थित लाला भगवानदास नाम की सुनार की दुकान पर 6.30 लाख रुपये में बेच दिया था। पकड़े गए सभी आरोपी शातिर हैं। सभी पर चोरी, लूट, गैंगस्टर, हत्या का प्रयास जैसी धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। एसओजी निरीक्षक सत्येंद्र विक्रम सिंह व पुलिस की कुल आठ टीमों ने सात दिनों में इस वारदात का खुलासा किया।
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गांव निवासी रिटायर्ड लेखपाल अमर वर्मा के घर में 17 जनवरी को डकैती पड़ी थी। डकैतों ने तमंचे के बल पर परिवार के लोगों को बंधक बनाकर पांच लाख रुपये समेत 17 लाख का माल पार कर दिया था। पुलिस की आठ टीमें खुलासे के लिए लगाई गईं थीं। आईजी रेंज किरण एस ने पीड़ितों से मुलाकात कर जल्द खुलासे का आश्वासन दिया था।
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पुलिस ने इस मामले में मानपुर के नसीरपुर निवासी सदानंद, विजय, दासापुर गांव निवासी अजय यादव, रेउसा के लोनियनपुरवा निवासी ओमकार, उसके भाई रंजीत, बिसवां के सरैया मिर्जापुर निवासी पुतान और लहरपुर के मोहल्ला बेहटी निवासी वीरेंद्र (सर्राफ) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 4.28 लाख रुपये, कुछ जेवर, तीन तमंचे, कारतूस, बाइक व अन्य सामान बरामद हुआ है। एसपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि सातों बदमाशों को जेल भेज दिया गया है।
लेखपाल की संपन्नता से प्रभावित था मास्टरमाइंड
सीतापुर। तालगांव के रसूलपुर गांव निवासी अजय यादव ही डकैती कांड का मास्टरमाइंड निकला। वह सिर्फ दिखावे के लिए मछली का व्यापार करता है। पुलिस के अनुसार लेखपाल के घर के पास एक तालाब है। जहां पर कुछ समय पहले अजय मछली पकड़ने के लिए आया था। वहां पर उसने लेखपाल के घर को देखा और लेखपाल की संपन्नता से प्रभावित हुआ। इसके बाद डकैती की साजिश रची और एक अन्य युवक ने भी घर की रेकी कराई। इस युवक को पकड़ने के लिए एसओजी लगातार दबिश दे रही है। अभी वह पुलिस की पकड़ से दूर है।
सीओ सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि आरोपी सदानंद की ससुराल भी रसूलपुर गांव में ही है। अजय ने ही सबसे संपर्क कर घटना की प्लानिंग बनाई थी। पुलिस के अनुसार पुतान और सदानंद सबसे पहले छत पर चढ़े थे। नीचे उतरकर दोनों ने कुंडी को खोला, जिसके बाद अन्य लोग भी घर के अंदर आए थे। डकैती को अंजाम देने के बाद जेवरों को आरोपियों ने लालपुर बाजार में स्थित लाला भगवानदास नाम की सुनार की दुकान पर 6.30 लाख रुपये में बेच दिया था। पकड़े गए सभी आरोपी शातिर हैं। सभी पर चोरी, लूट, गैंगस्टर, हत्या का प्रयास जैसी धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। एसओजी निरीक्षक सत्येंद्र विक्रम सिंह व पुलिस की कुल आठ टीमों ने सात दिनों में इस वारदात का खुलासा किया।
