सोनभद्र। गुरुकुल ज्ञानपीठ ट्रस्ट द्वारा आयोजित सोनभद्र सावन महोत्सव-2026 संगीत प्रेमियों के लिए एक यादगार शाम साबित हुआ। चुर्क रोड स्थित एक होटल में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में ख्यातिलब्ध कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का शुभारंभ: कार्यक्रम की शुरुआत गुरुकुल ज्ञानपीठ के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना, कजरी और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। इन युवा कलाकारों में सुधांशु जायसवाल, शिवम पाठक, स्वरा, कौशिकी, प्रशस्त मिश्रा, शिवांग पाठक, दिव्या पाठक, आर्या वर्मा, प्रिया और अविनाश कुमार शामिल थे। संगीत संध्या में शास्त्रीय गायक पं. उमानाथ मिश्रा ने अपने भावपूर्ण गायन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। तबला वादक पं. संतोष पाठक ने अपने शानदार तबला वादन से खूब वाहवाही लूटी। शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को देखते हुए, गुरुकुल ज्ञानपीठ ट्रस्ट ने उन्हें ''ताल शिरोमणि'' की मानद उपाधि से अलंकृत किया। विशिष्ट अतिथि कलाकार सुचरिता गुप्ता ने भी अपनी मधुर प्रस्तुति से समां बांधा। गायक सुरेंद्र पाठक के गायन और विनोद धर द्विवेदी की पारंपरिक कजरी ने सावन के महीने की संगीतमय छटा बिखेरी। युवा तबला वादक अनमोल पाठक ने अपनी तबला संगत से अन्य कलाकारों की प्रस्तुतियों को और भी प्रभावी बनाया। संगीत की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प: कार्यक्रम संयोजक डॉ. इंद्रेश मिश्रा ने ट्रस्ट के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका लक्ष्य केवल आयोजन करना नहीं, बल्कि भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। उन्होंने यह भी कहा कि सोनभद्र को राष्ट्रीय शास्त्रीय संगीत के मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को जारी रखा जाएगा। कार्यक्रम का मंच संचालन विजय प्रकाश द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर राम नरेश मिश्रा, शंभूनाथ पाठक, उमेश मिश्रा, रागिनी मिश्रा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। अंत में, ट्रस्ट के डॉ. सर्वेश मिश्रा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

सावन महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करती प्रतिभागी।संवाद