UP News: युवक को पीटा...वाहन के फोड़े शीशे, लग्जरी कार में मिले चार नाबालिग; सोनभद्र में इस बात को लेकर बवाल
Sonbhadra News: सोनभद्र में लग्जरी गाड़ी में बैठे लोगों की गतिविधियां देख ग्रामीण भड़क गए। बच्चा चोरी के शक में जमकर बवाल काटा। करीब आधे घंटे से अधिक समय तक हंगामे की सूचना पाकर माैके पर म्योरपुर थाने की पुलिस भी पहुंची। इससे पहले एक युवक को पीट गया और वाहन के शीशे तोड़ दिए गए थे।
विस्तार
म्योरपुर थाना क्षेत्र के आश्रम मोड़ पर शनिवार की देर शाम एक लग्जरी वाहन में बैठे एक महिला और एक पुरूष की संदिग्ध गतिविधि और उसमें चार नाबालिग बच्चों को बैठा देख ग्रामीण भड़क उठे। बच्चा चोरी का शक जताते हुए जहां लोगों ने जमकर हंगामा किया। वहीं पीआरवी पहुंचने के बाद भी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
आधे घंटे समय तक रही बवाल की स्थिति के बीच कुछ लोगों ने वाहन के ड्राइविंग सीट पर बैठे व्यक्ति की खिंचकर पिटाई कर दी। वाहन के आगे-पीछे दोनों शीशे भी तोड़ डाले गए। पुलिस ने किसी तरह समझा-बुझाकर शांत कराया।
इसके बाद संदिग्ध व्यक्तियों और बच्चों को थाने ले जाया गया। जहां उनसे देर रात तक पूछताछ जारी थी। वहीं उनकी बताई गई बातों की सत्यता जांचने के लिए बच्चों के परिवार वालों को बुलाया गया था। वाहन में मौजूद मिले बच्चे बीजपुर क्षेत्र के आदिवासी परिवारों के बताए जा रहे हैं। कहीं ह्यूमन ट्रैफिकिंग का तो मामला नहीं, इसके लिए बाल कल्याण समिति ने भी चाइल्ड हेल्पलाइन के जरिए जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने की कार्रवाई
बताते हैं कि शाम छह बजे के करीब चंदौली की नंबर वाली एसयूवी 700 म्योरपुर थाना क्षेत्र के आश्रम मोड़ पहुंची। वाहन चला रहे व्यक्ति ने उसे सड़क के किनारे लगा दिया। उसमें बैठी एक महिला नीचे उतर गई। गाड़ी में चार नाबालिग बैठे हुए थे। दोनों की गतिविधियां कुछ इस तरह दिखीं कि लोगों को शक गहरा गया।
वहां जाकर लोगों ने उन दोनों से पूछताछ के साथ ही बच्चों से जानकारी ली तो पता चला कि बच्चे किसी और के हैं। महिला-पुरूष का रिश्ता भी स्पष्ट नहीं हो पाया। इस पर लोग भड़क उठे और बच्चा चोरी का शक जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। 112 नंबर डायल कर पुलिस को भी सूचना दी गई।
नाबालिग लोगों से हो रही पूछताछ
इस बीच कुछ लोगों ने चालक सीट पर बैठे व्यक्ति को खिंचकर पिटाई शुरू कर दी। वाहन का शीशा भी तोड़ दिया। पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाना-बुझाना शुरू किया तो लोग लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिसकर्मियों पर भी भड़क उठे। तब तक थानाध्यक्ष रविकांत मिश्रा भी पहुंच गए। लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराने के बाद दोनों संदिग्ध व्यक्तियों और बच्चों को थाने ले जाया गया।
उन्होंने बताया कि दोनों चंदौली के रहने वाले हैं। पूछताछ में खुद को किसान बता रहे हैं। उनका दावा है कि बच्चों के माता-पिता उनके यहां काम करने के लिए आते थे। इसी सिलसिले में वह उन्हें लेने के लिए आए थे। म्योरपुर की तरफ घूमने के लिए आते तो बच्चों को साथ लेते आए। सच्चाई जाने के लिए बच्चों के परिवार वालों को बुलाया गया है। वहीं, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अखिलनारायण देव पांडेय ने बताया कि कहीं यह ह्यूमन ट्रैफिकिंग का तो मामला नहीं, चाइल्ड हेल्पलाइन के जरिए जानकारी ली जा रही है।