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Sultanpur News: ब्लाॅक मुख्यालय आइए, आधे घंटे में आपका विवाह है...
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दूबेपुर ब्लॉक के सामूहिक विवाह में बैठे जोड़े।
- फोटो : हिड़ौरा में एसडीएम से बातचीत करते विधायक।
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दूबेपुर। ब्लाॅक मुख्यालय पर सोमवार को आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में घोर मनमानी बरतने का मामला सामने आया है। आलम यह रहा कि चयनित लाभार्थियों को आयोजन वाले दिन करीब आधे घंटे पहले फोन कर कार्यक्रम की जानकारी दी गई, जिसके चलते कई जोड़ों की शादी नहीं हो सकी।
दूबेपुर ब्लाॅक क्षेत्र के बंधुआकला निवासी मजदूर दुखीराम ने बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री काजल की शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में आवेदन किया है। काजल का विवाह सरैया (बनकेपुर) निवासी करन के साथ होना तय है। दुखीराम का कहना है कि उन्हें सोमवार को सुबह करीब साढ़े 10 बजे फोन पर सूचना दी गई कि आज ब्लाॅक मुख्यालय पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, आप दूल्हा-दुल्हन को लेकर आ जाइए। उन्होंने बताया कि इतने कम समय में वर-वधू पक्ष विवाह की तैयारियां नहीं कर सके, इससे शादी नहीं हो पाई।
इसी तरह से बंधुआकला गांव के सगरा निवासी अनिल ने अपनी बहन निशा की शादी अमेठी जिले के सरुवावां निवासी कुलदीप के साथ तय की है। उन्होंने सामूहिक विवाह योजना में आवेदन किया है। बताया कि वैवाहिक कार्यक्रम की तिथि की जानकारी करने के लिए वह तीन दिन पहले ब्लाॅक मुख्यालय गए थे, लेकिन कुछ नहीं बताया गया। रविवार को फोन कर उन्हें बताया गया कि सोमवार को सुबह सामूहिक विवाह कार्यक्रम है। दूल्हा कुलदीप अहमदाबाद में नौकरी करते हैं। वैवाहिक कार्यक्रम की समय रहते जानकारी न होने के कारण कुलदीप रविवार को नहीं आ सके। लिहाजा, शादी नहीं हो पाई।
106 जोड़ों का हुआ विवाह
चयनित लाभार्थियों को समय से सूचित करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देशित किया गया था। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो यह घोर लापरवाही है। सोमवार को कुल 106 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। इनमें मुस्लिम समुदाय के चार जोड़ों का निकाह भी शामिल है। ब्लाॅक प्रमुख शिल्पा सिंह ने नवविवाहित जोड़ों को 27 तरह के गृहस्थी के सामान देकर विदा किया। देर से जानकारी मिलने के कारण क्षेत्र के जो लाभार्थी कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके, उन्हें कूरेभार व कुड़वार ब्लाॅक मुख्यालयों पर आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शिफ्ट कराया जाएगा।
- अखिलेश प्रताप सिंह डिंपल, ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि।
मेसेज से दी जाती है जानकारी
समाज कल्याण अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लाभार्थी जोड़ों को स्वत: ही मेसेज चला जाता है, उसमें समय, दिन और स्थान का उल्लेख रहता है। अगर जानकारी नहीं मिल पाई है तो जांच कराई जाएगी।
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दूबेपुर ब्लाॅक क्षेत्र के बंधुआकला निवासी मजदूर दुखीराम ने बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री काजल की शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में आवेदन किया है। काजल का विवाह सरैया (बनकेपुर) निवासी करन के साथ होना तय है। दुखीराम का कहना है कि उन्हें सोमवार को सुबह करीब साढ़े 10 बजे फोन पर सूचना दी गई कि आज ब्लाॅक मुख्यालय पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, आप दूल्हा-दुल्हन को लेकर आ जाइए। उन्होंने बताया कि इतने कम समय में वर-वधू पक्ष विवाह की तैयारियां नहीं कर सके, इससे शादी नहीं हो पाई।
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इसी तरह से बंधुआकला गांव के सगरा निवासी अनिल ने अपनी बहन निशा की शादी अमेठी जिले के सरुवावां निवासी कुलदीप के साथ तय की है। उन्होंने सामूहिक विवाह योजना में आवेदन किया है। बताया कि वैवाहिक कार्यक्रम की तिथि की जानकारी करने के लिए वह तीन दिन पहले ब्लाॅक मुख्यालय गए थे, लेकिन कुछ नहीं बताया गया। रविवार को फोन कर उन्हें बताया गया कि सोमवार को सुबह सामूहिक विवाह कार्यक्रम है। दूल्हा कुलदीप अहमदाबाद में नौकरी करते हैं। वैवाहिक कार्यक्रम की समय रहते जानकारी न होने के कारण कुलदीप रविवार को नहीं आ सके। लिहाजा, शादी नहीं हो पाई।
106 जोड़ों का हुआ विवाह
चयनित लाभार्थियों को समय से सूचित करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देशित किया गया था। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो यह घोर लापरवाही है। सोमवार को कुल 106 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। इनमें मुस्लिम समुदाय के चार जोड़ों का निकाह भी शामिल है। ब्लाॅक प्रमुख शिल्पा सिंह ने नवविवाहित जोड़ों को 27 तरह के गृहस्थी के सामान देकर विदा किया। देर से जानकारी मिलने के कारण क्षेत्र के जो लाभार्थी कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके, उन्हें कूरेभार व कुड़वार ब्लाॅक मुख्यालयों पर आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शिफ्ट कराया जाएगा।
- अखिलेश प्रताप सिंह डिंपल, ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि।
मेसेज से दी जाती है जानकारी
समाज कल्याण अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लाभार्थी जोड़ों को स्वत: ही मेसेज चला जाता है, उसमें समय, दिन और स्थान का उल्लेख रहता है। अगर जानकारी नहीं मिल पाई है तो जांच कराई जाएगी।
