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Sultanpur News: बिजली चोरी रोकने का अभियान होगा हाई टेक, जीपीएस युक्त कैमरों से लैस होगी टीम
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 16 Jan 2026 11:34 PM IST
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सुल्तानपुर। जिले में बिजली चोरी रोकने के लिए अब छापा मारने का अभियान हाईटेक होगा। विजिलेंस और बिजली विभाग की टीम को जल्द ही जीपीएस युक्त बॉडी वॉर्न कैमरे उपलब्ध कराए जाएंगे। इन कैमरों में बिजली चाेरी रोकने के लिए मारे जाने वाले छापे की पूरी कार्रवाई लाइव रिकॉर्ड होगी, जिसे आला अधिकारी कार्यालय में बैठकर सीधे देख भी सकेंगे।
बॉडी वॉर्न कैमरे से यह भी पता चलता रहेगा कि टीम किस समय, किस स्थान पर मौजूद है और वहां क्या कार्रवाई की जा रही है। छापे के दौरान होने वाले विवादों और आरोप-प्रत्यारोप पर लगाम लगेगी। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि टीम की जवाबदेही भी तय होगी। अक्सर बिजली चोरी पकड़ने के दौरान विजिलेंस टीम पर उत्पीड़न या अवैध वसूली के आरोप लगते हैं। कई बार टीम पर सांठगांठ कर कार्रवाई हल्की करने के भी आरोप सामने आते हैं। जीपीएस युक्त बॉडी वॉर्न कैमरों से इन शिकायतों पर काफी हद तक रोक लगेगी और कार्रवाई निष्पक्ष तरीके से हो सकेगी।
विवादों पर लगेगी लगाम
बिजली विभाग के अधिकारियों की जांच के दौरान उपभोक्ताओं और विजिलेंस टीम के बीच विवाद की खबरें सामने आती रही हैं। बिजली चोरी पकड़े जाने पर उपभोक्ता उत्पीड़न या अवैध वसूली का आरोप लगाते हैं। वहीं, विभागीय टीम पर भी मिलीभगत के आरोप लगते हैं। बॉडी वॉर्न कैमरों से पूरी कार्रवाई रिकॉर्ड होने के कारण सच्चाई साफ सामने आ सकेगी। (संवाद)
कैमरों की खास बातें
छापेमारी का लाइव प्रसारण दफ्तर से देखा जा सकेगा।
रिकॉर्डेड वीडियो डिलीट नहीं किया जा सकेगा।
झूठे मारपीट और उत्पीड़न के आरोपों से बचाव।
फील्ड कर्मचारियों की जवाबदेही होगी तय।
जिले में विजिलेंस और बिजली विभाग की टीम को छापे के दौरान जीपीएस युक्त बॉडी वॉर्न कैमरों से लैस करने की तैयारी की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही कैमरे मिल जाएंगे। इसके बाद छापा मारने की गतिविधियों को दफ्तर में बैठकर सीधे देखा जा सकेगा।
-वीके जैन, अधीक्षण अभियंता
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बॉडी वॉर्न कैमरे से यह भी पता चलता रहेगा कि टीम किस समय, किस स्थान पर मौजूद है और वहां क्या कार्रवाई की जा रही है। छापे के दौरान होने वाले विवादों और आरोप-प्रत्यारोप पर लगाम लगेगी। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि टीम की जवाबदेही भी तय होगी। अक्सर बिजली चोरी पकड़ने के दौरान विजिलेंस टीम पर उत्पीड़न या अवैध वसूली के आरोप लगते हैं। कई बार टीम पर सांठगांठ कर कार्रवाई हल्की करने के भी आरोप सामने आते हैं। जीपीएस युक्त बॉडी वॉर्न कैमरों से इन शिकायतों पर काफी हद तक रोक लगेगी और कार्रवाई निष्पक्ष तरीके से हो सकेगी।
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विवादों पर लगेगी लगाम
बिजली विभाग के अधिकारियों की जांच के दौरान उपभोक्ताओं और विजिलेंस टीम के बीच विवाद की खबरें सामने आती रही हैं। बिजली चोरी पकड़े जाने पर उपभोक्ता उत्पीड़न या अवैध वसूली का आरोप लगाते हैं। वहीं, विभागीय टीम पर भी मिलीभगत के आरोप लगते हैं। बॉडी वॉर्न कैमरों से पूरी कार्रवाई रिकॉर्ड होने के कारण सच्चाई साफ सामने आ सकेगी। (संवाद)
कैमरों की खास बातें
छापेमारी का लाइव प्रसारण दफ्तर से देखा जा सकेगा।
रिकॉर्डेड वीडियो डिलीट नहीं किया जा सकेगा।
झूठे मारपीट और उत्पीड़न के आरोपों से बचाव।
फील्ड कर्मचारियों की जवाबदेही होगी तय।
जिले में विजिलेंस और बिजली विभाग की टीम को छापे के दौरान जीपीएस युक्त बॉडी वॉर्न कैमरों से लैस करने की तैयारी की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही कैमरे मिल जाएंगे। इसके बाद छापा मारने की गतिविधियों को दफ्तर में बैठकर सीधे देखा जा सकेगा।
-वीके जैन, अधीक्षण अभियंता
