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अब पर्दे पर कुछ इस तरह का किरदार निभाना चाहती हैं अदिति राव हैदरी
amarujala.com, written by तबस्सुम
Updated Thu, 14 Sep 2017 05:39 PM IST
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अदिति राव हैदरी
- फोटो : अमर उजाला
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सुंदर सलोने चेहरे वाली अदिति राव हैदरी अपनी खूबसूरती से ही नहीं, अपने अभिनय से फिल्मी दर्शकों के दिल में खास जगह बना चुकी हैं। अदिति निजी जिंदगी में सादगी पसंद हैं। हैदराबाद के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाली अदिति ने फिल्म ‘भूमि’ में संजय दत्त की बेटी का किरदार निभाया है।
बिना किसी मेकअप के फ्लोरल प्रिंट का बादामी कुर्ता और उससे ही मैच करती लांग स्कर्ट में बिना किसी मेकअप के भी उनका चेहरा दमक रहा था। पहली बार बनारस आईं अदिति भविष्य में किसी फिल्म की शूटिंग कर यहां के जीवन को नजदीक से देखना-समझना चाहती हैं।
अमर उजाला से खास बातचीत में उन्होंने अपने फिल्मी सफर, बॉलीवुड के बदलते ट्रेंड और अपने ड्रीम रोल के बारे में विस्तार से बातचीत की।
कहानी, क्वीन और पिंक जैसी हीरोइन ओरिएंटेड फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट रही हैं। क्या इस ट्रेंड को मेल एक्टर्स की मोनोपली कम होने के तौर पर देखना चाहिए?
मेरे ख्याल से तो अब बॉलीवुड से ‘हीरोइन ओरिएंटेड’ शब्द ही हटा दिया जाना चाहिए। तभी हमारी जेनरेशन में बदलाव आएगा क्योंकि फिल्में लोगों के जीवन को बहुत हद तक प्रभावित करती हैं। आज महिला व पुरुष नेक टू नेक काम कर रहे हैं। बॉलीवुड भी इससे अछूता नहीं है।
आज फिल्मों के हिट होने के लिए हीरो-हीरोइन दोनों की जरूरत नहीं। फिल्म सिर्फ महिलाओं पर फोकस हो तो भी सुपरहिट हो सकती है। अब तो दोनों के बीच तुलना ही नहीं करनी चाहिए। लड़कियां मल्टी टास्कर हैं और वो इसे प्रूव भी कर रही हैं। उनके काम में न सिर्फ परफेक्शन होता है बल्कि वो विशिष्ट भी हैं।
आप एक शाही परिवार से हैं, बॉलीवुड में आपको आने के लिए कितना संघर्ष करना पड़ा?
ये जरूर है कि मैं एक रॉयल फैमिली से हूं। यही वजह है कि मेरी फैमिली एजूकेटेड और लिबरल रही। उन्होंने खुले आसमान में मुझे उड़ने को पंख दिए। उन्होंने मुझे पूरा फ्रीडम दी और मैंने उन्हें भरोसा दिया कि उनकी फ्रीडम का गलत इस्तेमाल नहीं होगा। ऐसा सभी परिवार को करना चाहिए। बेटियों पर भरोसा कर पूरी आजादी और हौसला देना चाहिए।
अब तक क्या हासिल कर लिया और भविष्य में ड्रीम रोल क्या है?
मेरी हमेशा से ख्वाहिश थी मणि रत्नम और संजय लीला भंसाली के साथ काम करूं। दोनों ख्वाहिशें पूरी हो चुकी हैं। मैंने छह साल में बहुत कम फिल्में की लेकिन मैं अपनी सभी फिल्मों से संतुष्ट हूं।
मेरा सपना अनुराग बसु (दादा), सुजीत सर (पिंक फेम) के साथ काम करने का भी है। मैं वॉरियर (योद्धा) और प्रिंसेज (राजकुमारी) की भूमिका भी निभाना चाहती हूं। संजय सर की ‘पद्मावती’ में काम कर कुछ हद तक ये ख्वाहिश भी पूरी हो गई है।
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बिना किसी मेकअप के फ्लोरल प्रिंट का बादामी कुर्ता और उससे ही मैच करती लांग स्कर्ट में बिना किसी मेकअप के भी उनका चेहरा दमक रहा था। पहली बार बनारस आईं अदिति भविष्य में किसी फिल्म की शूटिंग कर यहां के जीवन को नजदीक से देखना-समझना चाहती हैं।
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अमर उजाला से खास बातचीत में उन्होंने अपने फिल्मी सफर, बॉलीवुड के बदलते ट्रेंड और अपने ड्रीम रोल के बारे में विस्तार से बातचीत की।
कहानी, क्वीन और पिंक जैसी हीरोइन ओरिएंटेड फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट रही हैं। क्या इस ट्रेंड को मेल एक्टर्स की मोनोपली कम होने के तौर पर देखना चाहिए?
मेरे ख्याल से तो अब बॉलीवुड से ‘हीरोइन ओरिएंटेड’ शब्द ही हटा दिया जाना चाहिए। तभी हमारी जेनरेशन में बदलाव आएगा क्योंकि फिल्में लोगों के जीवन को बहुत हद तक प्रभावित करती हैं। आज महिला व पुरुष नेक टू नेक काम कर रहे हैं। बॉलीवुड भी इससे अछूता नहीं है।
आज फिल्मों के हिट होने के लिए हीरो-हीरोइन दोनों की जरूरत नहीं। फिल्म सिर्फ महिलाओं पर फोकस हो तो भी सुपरहिट हो सकती है। अब तो दोनों के बीच तुलना ही नहीं करनी चाहिए। लड़कियां मल्टी टास्कर हैं और वो इसे प्रूव भी कर रही हैं। उनके काम में न सिर्फ परफेक्शन होता है बल्कि वो विशिष्ट भी हैं।
आप एक शाही परिवार से हैं, बॉलीवुड में आपको आने के लिए कितना संघर्ष करना पड़ा?
ये जरूर है कि मैं एक रॉयल फैमिली से हूं। यही वजह है कि मेरी फैमिली एजूकेटेड और लिबरल रही। उन्होंने खुले आसमान में मुझे उड़ने को पंख दिए। उन्होंने मुझे पूरा फ्रीडम दी और मैंने उन्हें भरोसा दिया कि उनकी फ्रीडम का गलत इस्तेमाल नहीं होगा। ऐसा सभी परिवार को करना चाहिए। बेटियों पर भरोसा कर पूरी आजादी और हौसला देना चाहिए।
अब तक क्या हासिल कर लिया और भविष्य में ड्रीम रोल क्या है?
मेरी हमेशा से ख्वाहिश थी मणि रत्नम और संजय लीला भंसाली के साथ काम करूं। दोनों ख्वाहिशें पूरी हो चुकी हैं। मैंने छह साल में बहुत कम फिल्में की लेकिन मैं अपनी सभी फिल्मों से संतुष्ट हूं।
मेरा सपना अनुराग बसु (दादा), सुजीत सर (पिंक फेम) के साथ काम करने का भी है। मैं वॉरियर (योद्धा) और प्रिंसेज (राजकुमारी) की भूमिका भी निभाना चाहती हूं। संजय सर की ‘पद्मावती’ में काम कर कुछ हद तक ये ख्वाहिश भी पूरी हो गई है।
कंगना रानौत मामले में दिया करारा जवाब
अदिति राव हैदरी
- फोटो : अमर उजाला
कंगना रानौत इस वक्त एआईबी के एक वीडियो को लेकर चर्चित हैं। बॉलीवुड में चर्चित बने रहने के लिए हथियार मानती हैं?
जहां विवाद होता है, वहां शोर होता है और मैं उस शोर का हिस्सा नहीं बनना चाहती। ये एक तरह का एक्टिंग गेम हैं जिससे कि मैं दूर रहना चाहती हूं। अपनी ये एनर्जी मैं अपने काम में, अपनी फिल्मों में लगाना चाहती हूं। हालांकि लोगों की अपनी अपनी सोच है।
फिर भी मेरा मानना है कि ऐसे मामलों को आपको एक कमरे में बैठकर आपस में सुलझा लेना चाहिए।
फिल्मी दुनिया में कदम रखने के इच्छुक युवाओं को क्या सलाह है?
सिनेमा को लेकर अगर आपका पैशन है तो जरूर इस इंडस्ट्री में आइए। यदि नौटंकीबाजी की धुन सवार है तो जरूर किस्मत आजमाइए लेकिन इससे पहले खुद पर भरोसा रखिए। अगर आप जल्दी पैसे कमाने की चाहत में यहां आएंगे तो आप कष्ट उठाएंगे।