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Azamgarh News: आरटीआई और आईजीआरएस में भ्रष्टाचार, आजमगढ़ में धरना; नाराज लोगों ने लगाया गंभीर आरोप

अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़। Published by: Aman Vishwakarma Updated Fri, 08 May 2026 07:50 PM IST
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सार

UP Politics: आजाद अधिकार सेना के कार्यकर्ताओं ने इस समस्या पर अपनी नाराजगी जाहिर की। कहा कि भ्रष्टाचार के कारण आम जनता को परेशान होना पड़ता है। वहीं, सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी इस पर ध्यान नहीं देते हैं।

Azamgarh News Corruption in RTI IGRS Protest Staged in Azamgarh Outraged Citizens Level Serious Allegations
कलेक्ट्रेट स्थित अंबेडकर पार्क में धरना देते आजाद अधिकार सेना के कार्यकर्ता। - फोटो : संवाद
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विस्तार

Azamgarh News: सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों के कथित फर्जी निस्तारण और सूचना का अधिकार कानून के कमजोर होते क्रियान्वयन के विरोध में आजाद अधिकार सेना ने शुक्रवार से कलेक्ट्रेट स्थित अंबेडकर पार्क में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। संगठन के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर जिलाध्यक्ष अशोक सिंह के नेतृत्व में शुरू हुए इस धरने में जिले की विभिन्न तहसीलों से पहुंचे बड़ी संख्या में पीड़ितों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

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धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जिले में जनसुनवाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है और आम जनता को न्याय के बजाय केवल औपचारिक कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों का निस्तारण बिना निष्पक्ष जांच के केवल कागजी कार्रवाई के आधार पर किया जा रहा है।
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जिलाध्यक्ष अशोक सिंह ने आरोप लगाया कि कई अधिकारी और कर्मचारी कार्यालयों में बैठकर ही शिकायतों की फर्जी रिपोर्ट लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों की जमीनी स्तर पर जांच नहीं होती, जिसके कारण पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उनके अनुसार आरटीआई और आईजीआरएस जैसे पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाले कानून अब केवल कागजों तक सीमित होकर रह गए हैं।

शासन-प्रशासन से मांग

धरना दे रहे संगठन ने जिला प्रशासन के समक्ष कई प्रमुख मांगें भी रखीं। संगठन की मांग है कि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्वयं प्रत्येक तहसील और थाना स्तर पर कम से कम 10-10 मामलों का औचक स्थलीय निरीक्षण करें। साथ ही फर्जी रिपोर्ट लगाने वाले दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें। इसके अतिरिक्त आरटीआई के तहत सूचना देने में देरी करने या भ्रामक जानकारी उपलब्ध कराने वाले जन सूचना अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा शिकायतों की जांच संबंधित आरोपित अधिकारियों से हटाकर निष्पक्ष एजेंसियों से कराएं।

संगठन ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।  धरने में नन्दसेन सिंह, सुनील चौधरी, सुजीत दुबे, संतोष पाण्डेय, बद्री सिंह, प्रदीप त्रिपाठी, सुदर्शन, उपेंद्र सिंह, बिहारी पुजारी, प्रमोद आदि उपस्थित थे।

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