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Varanasi News: 1% कमीशन पर दिया बैंक खाता, 16 राज्यों की ठगी से जुड़ा निकला ‘म्यूल अकाउंट’

Sun, 12 Jul 2026 01:13 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jul 2026 01:13 AM IST
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Bank account provided for a states.
साइबर ठगों ने आरोपी कारोबारी के चालू खाते से पांच महीने में 1.88 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन किया
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संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। सूरजकुंड थाना लक्सा निवासी विपुल कुमार अग्रवाल ने एक प्रतिशत कमिशन के लालच में साइबर ठगों को अपने फर्म के चालू खाते की पूरी सुविधा दे दी। विपुल के अकाउंट में 16 राज्यों में हुई साइबर ठगी का 1.88 करोड़ रुपये आया, जिसे साइबर ठगों ने निकाला। इस मामले में विपुल कुमार अग्रवाल समेत पांच लोगों के खिलाफ चौक पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की।
लखनऊ के साइबर मुख्यालय से हाई प्रायोरिटी ‘येलो-16 म्यूल अकाउंट’इनपुट के आधार पर साइबर सेल ने जांच शुरू की। जांच में एक निजी बैंक के खाते की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। यह खाता चौक थाना क्षेत्र के सुड़िया (बुलानाला) निवासी विपुल कुमार अग्रवाल की फर्म एसएम एंटरप्राइजेज के नाम पर था। फर्म में कपड़ों के लिए डमी तैयार होता है। साइबर सेल की टीम ने लक्सा थाना क्षेत्र के सूरजकुंड में कारोबारी के प्रतिष्ठान पर पहुंचकर पूछताछ की। पूछताछ में विपुल ने स्वीकार किया कि अक्तूबर 2025 में मोबाइल से उसकी पहचान ईशान ठाकुर से हुई थी। बाद में वह ब्रजेश, राजवीर और रोहित ठाकुर के संपर्क में आया। आरोपियों ने खुद को ट्रेडिंग कंपनी का संचालक बताते हुए उसके खाते का उपयोग करने के बदले एक प्रतिशत कमीशन देने का प्रस्ताव दिया। इसके बाद उसने स्वेच्छा से अपने खाते का विवरण, इंटरनेट बैंकिंग की यूजर आईडी और पासवर्ड आरोपियों को उपलब्ध करा दिए।
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बैंक स्टेटमेंट की जांच में सामने आया कि पांच जनवरी से आठ मई 2026 के बीच इस खाते से करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन हुए। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर जांच करने पर पता चला कि इस खाते के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में 16 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं। इनमें से 15 मामलों में पीड़ितों से ठगी गई रकम सबसे पहले इसी खाते में ट्रांसफर कराई गई थी। इसी कारण विभिन्न राज्यों की पुलिस पहले ही विपुल को नोटिस भी भेज चुका था। चौक थाना प्रभारी दिलीप मिश्रा ने बताया कि करोबारी ने जानबूझकर अपना खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया, इसलिए वह भी साजिश का भागीदार है। विपुल कुमार अग्रवाल, ईशान ठाकुर, ब्रजेश, राजवीर और रोहित ठाकुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश के साथ ठगी की रकम के स्रोत और गंतव्य की भी जांच कर रही है।
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