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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Baldev 59 age worked laborer fund his wife medical treatment even that support is gone in chandauli

UP: पत्नी के इलाज के लिए 59 की उम्र में भी मजदूरी करता था बलदेव, अब वो सहारा भी टूटा; गुंबद से दबकर हुई मौत

Sat, 11 Jul 2026 01:54 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली।
अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 11 Jul 2026 01:54 PM IST
सार

Chandauli News: चंदौली में काली मंदिर ध्वस्तीकरण के दौरान गुंबद गिरने से जान गंवाने वाले 59 वर्षीय बलदेव यादव बीमार पत्नी के इलाज के लिए मजदूरी करते थे। हादसे में उनकी मौत के बाद परिवार का सहारा छिन गया। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने आर्थिक सहायता और उचित मुआवजे की मांग की है।

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Baldev 59 age worked laborer fund his wife medical treatment even that support is gone in chandauli
मजदूर बलदेव यादव उर्फ झेगुरी की माैत से बिलखती पत्नी। - फोटो : संवाद

विस्तार

पीडीडीयू नगर में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत शुक्रवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र स्थित प्राचीन काली मंदिर के ध्वस्तीकरण के दौरान यह घटना हुई। मंदिर का भारी-भरकम गुंबद हटाने की कार्रवाई चल रही थी।

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इसी दौरान गुंबद अचानक ढह गया। वह बुलडोजर के बकेट से टकराकर दूसरी दिशा में जा गिरा। इस हादसे में दबकर मजदूर बलदेव यादव उर्फ झेगुरी (59) की मौत हो गई। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया।

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परिवार का एकमात्र सहारा
बलदेव यादव उर्फ झेगुरी मुगलसराय थाना क्षेत्र के न्यू डांडी क्षेत्र के मूल निवासी थे। वह अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनकी पत्नी विमली देवी लंबे समय से बीमार हैं। उनका इलाज बलदेव की मजदूरी की कमाई से ही चल रहा था।

उनके परिवार में एक बेटा गोविंद और एक बेटी राधिका हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। बेटा गोविंद अपने परिवार के साथ दूसरे प्रदेश में रहकर रोजगार कर रहा है। बलदेव अपनी पत्नी के साथ गांव में रहते थे।

आर्थिक संकट गहराया
बताया जाता है कि बलदेव पिछले करीब तीन वर्षों से मजदूरी कर रहे थे। वह पड़ाव से पीडीडीयू नगर तक बन रही सिक्स लेन सड़क परियोजना में काम कर रहे थे। 57 वर्ष की उम्र में भी वह लगातार मेहनत कर रहे थे। इसका मुख्य कारण बीमार पत्नी का इलाज और घर का खर्च चलाना था।

बलदेव की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी विमली देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि बलदेव ही परिवार का एकमात्र सहारा थे। उनके निधन से परिवार पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है।

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