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बीएचयू का डीएनए टेस्ट: 57000 साल पहले अफ्रीका से निकले मानव श्रीलंका पहुंचे, तब भी था रामसेतु; खास खुलासा
Thu, 28 May 2026 11:28 AM IST
Aman Vishwakarma
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Aman Vishwakarma
Updated Thu, 28 May 2026 11:28 AM IST
सार
Varanasi News: बीएचयू के माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए अध्ययन में दावा किया गया है कि करीब 57 हजार वर्ष पहले अफ्रीका से निकले मानव श्रीलंका पहुंचे थे और उस समय भी रामसेतु मौजूद था। शोध में हजारों वर्षों की मानव वंशावलियों और प्रवास के इतिहास का खुलासा हुआ है, जिससे प्राचीन मानव सभ्यता के नए तथ्य सामने आए हैं।
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वैज्ञानिकों ने ‘माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए’ का सहारा लिया।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
Varanasi News: आज से 57000 साल पहले अफ्रीका से निकली मानव जाति पूरी दुनिया में फैलने से पहले श्रीलंका पहुंची। एक जत्था हिंद महासागर के तट के सहारे श्रीलंका पहुंचा। तब समुद्री स्तर वर्तमान से काफी कम था, तब भी भारत और श्रीलंका के बीच रामसेतु (जमीनी पुल) से जुड़ा था।
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दशकों तक चले शोध के बाद बीएचयू और श्रीलंका के कोलंबो विश्वविद्यालय सहित विश्व भर के पांच संस्थानों के 16 शोधकर्ताओं ने इस तथ्य का खुलासा जेनेटिक रिसर्च के अंतरराष्ट्रीय जर्नल प्लॉस वन में किया है।
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इस अध्ययन के लिए तीन समुदाय सिंहली, श्रीलंकाई तमिल और वेद्दा के पूर्वजों के श्रीलंका में प्रवेश करने का अध्ययन किया गया। इसके लिए वैज्ञानिकों ने ‘माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए’ का सहारा लिया। जो कि केवल मां से बच्चों में जाता है। शोध की प्रथम लेखिका श्रीलंका की डॉ. अंजना वेलिकला ने बताया कि इस अध्ययन में 139 नए जीनोम को सीक्वेंस किया गया।
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चार चरणों में बसाया गया श्रीलंका: प्रमुख शोधकर्ता बीएचयू के जीन वैज्ञानिक प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया कि वैज्ञानिक बहस कर रहे थे कि इंसान अफ्रीका से ऑस्ट्रेलिया, ओशिनिया कैसे पहुंचे? इनके दो रास्ते थे, एक ‘इनलैंड रूट’, दूसरा ‘कोस्टल रूट’ (समुद्री किनारा)। श्रीलंका का जेनेटिक डेटा कोस्टल रूट की पुष्टि करता है।
शोधकर्ताओं ने श्रीलंका की बसावट को चार समय में बांटा
- पहला चरण : 57000 साल पहले - यह वह समय था जब आधुनिक मानव ने पहली बार दक्षिण एशिया की धरती पर कदम रखा। श्रीलंका के फह-हिएन लेना और बटाडोंबा-लेना गुफाओं में मिले अवशेष भी 40 हजार साल पुराने हैं।
- मध्य चरण : हिमयुग के बाद, भारत के माध्यम से पश्चिम यूरेशियाई जीन का आगमन हुआ।
- ऐतिहासिक काल (7000 साल पहले) : खेती और व्यापार के बढ़ने से भारत और श्रीलंका के बीच आबादी का आना-जाना तेज हुआ।
- आधुनिक युग : व्यापारिक जहाजों और विदेशी आक्रमणों के कारण नए जेनेटिक मिश्रण हुए।