BHU: हॉस्पिटल और ट्रॉमा सेंटर को मिलेंगे 44 नए रेजिडेंट डॉक्टर, 25 तक कर सकते हैं आवेदन; ऐसे होगा चयन
Varanasi News: आईएमएस-बीएचयू को इसी महीने 44 नए रेजिडेंट डॉक्टर मिलेंगे। 14 जूनियर रेजिडेंट के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है, जबकि 30 सीनियर रेजिडेंट की चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। नई नियुक्तियों से सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर की ओपीडी व वार्डों में मरीजों को बेहतर और त्वरित उपचार की सुविधा मिलेगी।
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IMS BHU: आईएमएस-बीएचयू और सर सुंदरलाल अस्पताल में मरीजों के बेहतर उपचार की दिशा में बड़ी राहत मिलने जा रही है। संस्थान को इसी महीने कुल 44 नए रेजिडेंट डॉक्टर मिलने वाले हैं। इनमें 14 जूनियर रेजिडेंट और 30 सीनियर रेजिडेंट शामिल हैं। नई नियुक्तियों से ओपीडी में मरीजों की बढ़ती भीड़ का दबाव कम होगा, वहीं वार्डों और ट्रॉमा सेंटर में भर्ती मरीजों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
आईएमएस प्रशासन ने 14 जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनमें सर सुंदरलाल अस्पताल के लिए 11 और ट्रॉमा सेंटर के लिए तीन पद निर्धारित किए गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 25 जुलाई तय की गई है। अभ्यर्थियों को 25 जुलाई तक सुबह नौ बजे आईएमएस निदेशक कार्यालय के समिति कक्ष में अपने प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराना होगा। इसके बाद मेरिट सूची जारी कर साक्षात्कार की तिथि घोषित की जाएगी।
जूनियर रेजिडेंट के पदों में सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए चार-चार, अनुसूचित जाति के लिए तीन, अनुसूचित जनजाति के लिए दो तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए एक पद आरक्षित किया गया है। आवेदन और भर्ती से जुड़ी विस्तृत जानकारी बीएचयू की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
दूसरी ओर, अप्रैल 2026 में जारी विज्ञापन के तहत सीनियर रेजिडेंट के 30 पदों की चयन प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। अभ्यर्थियों के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं और चयनित उम्मीदवारों को 21 जुलाई तक रिपोर्ट कर जॉइनिंग लेटर प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद उनकी तैनाती विभिन्न विभागों में की जाएगी।
सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की नियुक्ति एनेस्थीसियोलॉजी, डर्मेटोलॉजी, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, जीरियाट्रिक मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, आर्थोपेडिक्स, पैथोलॉजी, डेंटल फैकल्टी समेत ट्रॉमा सेंटर के जनरल सर्जरी, माइक्रोबायोलॉजी, रेडियोलॉजी, ट्रॉमा इमरजेंसी और पैथोलॉजी विभागों में होगी। संस्थान का मानना है कि नए डॉक्टरों के आने से चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराया जा सकेगा।