UP: कजाकिस्तान से ताबूत में घर आया युवक का शव, दो मासूमों के सिर से उठा पिता का साया; सवाल- अब कैसे चलेगा घर
Ghazipur News: जिले के दुल्लहपुर क्षेत्र के मियनाबड़ा गांव निवासी 35 वर्षीय रामचरण चौहान की कजाकिस्तान में बीमारी से मौत हो गई। छह वर्षों से विदेश में कार्यरत रामचरण का पार्थिव शरीर मंगलवार को गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी, दो पुत्र और वृद्ध मां को छोड़ गए। ग्रामीणों ने परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
UP News: रोजी-रोटी की तलाश में विदेश गए दुल्लहपुर क्षेत्र के मियनाबड़ा गांव निवासी एक युवक की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया। कजाकिस्तान से मंगलवार को जब 35 वर्षीय रामचरण चौहान का पार्थिव शरीर ताबूत में बंद होकर उनके पैतृक आवास पहुंचा तो परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। पत्नी बेसुध हो गईं, मां का रो-रोकर बुरा हाल है और दो मासूम बेटों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।
जानकारी के अनुसार, रामचरण चौहान पेशे से कुशल इलेक्ट्रीशियन थे और पिछले छह वर्षों से कतर की यूसीसी कंपनी में कार्यरत थे। बेहतर कार्य प्रदर्शन के कारण कंपनी ने उन्हें करीब छह माह पूर्व काजीस्तान भेजा था। परिवार को उम्मीद थी कि विदेश में नौकरी कर रामचरण बच्चों का भविष्य संवारेंगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
परिजनों के अनुसार, 1 जुलाई को कंपनी के कर्मचारियों ने फोन कर बताया कि 30 जून को बीमारी के चलते अस्पताल में उपचार के दौरान रामचरण का निधन हो गया। इस दुखद सूचना के बाद से परिवार लगातार पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहा था।
परिजनों में मचा कोहराम
बीते मंगलवार को जैसे ही शव गांव पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। रामचरण तीन भाइयों और चार बहनों में दूसरे नंबर पर थे। उनका विवाह करीब 18 वर्ष पूर्व शर्मिला देवी से हुआ था। वह अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और वृद्ध मां फतंगिया देवी सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
गांव में गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं। इस दौरान ग्राम प्रधान हरिशंकर चौहान, परशुराम मौर्य, संतोष गुप्ता, अनिल वर्मा, समाजसेवी गुड्डू (देवेंद्र चौहान), रामायण चौहान, राजन चौहान समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।
रामचरण की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है। परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य के निधन से उनके परिजनों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।