BHU: अजनाला जाएंगे वैज्ञानिक, सैनिक परिवार का लेंगे सैंपल; जंतु विज्ञान के विशेषज्ञों ने शोध कार्य साझा किए
BHU Scientists to Visit Ajnala: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक अजनाला में सैनिकों के परिवारों के डीएनए सैंपल लेकर क्वीन केटेवन की 400 साल पुरानी हत्या की गुत्थी सुलझाने का प्रयास करेंगे। इंडक्शन प्रोग्राम में जेनेटिक शोध, फिंगरप्रिंट जीन और अन्य वैज्ञानिक अध्ययनों पर भी जानकारी साझा की गई।
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Varanasi News: बीएचयू के वैज्ञानिकों की टीम जल्द ही दक्षिण भारत के दौरे पर जाएगी। यहां टीम के सदस्य अजनाला में सैनिकों के परिवारों का सैंपल लेंगे। इसकी जांच कर जॉर्जिया के क्वीन केटेवन के 400 वर्ष पहले हुई हत्या के राज को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। बीएचयू के मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर में चल रहे इंडक्शन प्रोग्राम में जंतु विज्ञान विभाग के विशेषज्ञों ने अपने शोध कार्य साझा किए।
बीएचयू के जीन वैज्ञानिक प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे ने सुरिंदर कोच्चर द्वारा किए गए अजनाला मामले पर असाधारण कार्य की जानकारी देते हुए कहा कि 2014 में हुई खोदाई में कई अवशेष सामने आए। इन अवशेष (कंकालों) की जांच के लिए एक टीम बनाई गई हैं, जिसमें पंजाब यूनिवर्सिटी के एंथ्रोपोलॉजी विभाग के प्रो. जेएस सरावत भी शामिल हैं।
दी खास जानकारी
प्रो. चौबे ने बताया कि अजनाला के सैनिकों के परिवार से सैंपल लेने के बाद उसका विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात कार्यक्रम में देश के पुरातत्वविदों और जेनेटिक एक्सपर्ट्स की प्रशंसा की। डॉ. प्रज्ञा वर्मा और डॉ. रुद्र कुमार पांडेय ने अपने शोध कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। चंचल देवनानी ने बताया कि भारत के सिंधी पाकिस्तानी सिंधी लोगों से ज्यादा भारतीयों के निकट हैं।
डॉ. चंदना बसु (सेंटर फॉर जेनेटिक डिसऑर्डर्स, बीएचयू) ने बताया कि फिंगरप्रिंट का निर्माण अंग विकास से जुड़े जीन से नियंत्रित होता है, न कि केवल त्वचा के पैटर्न से। उन्होंने अपने 2022 में प्रकाशित विश्व-प्रसिद्ध सेल जर्नल के शोध-पत्र का हवाला देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय टीम के साथ किए गए जीनोम वाइड एसोसिएशन स्टडी में 43 फिंगरप्रिंट-संबंधित म्युटेशन की पहचान की गई। इनमें ईवीआई 1 जीन के पास स्थित वेरिएंट विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो अंगों के विकास को प्रभावित कर फिंगरप्रिंट के आकार को निर्धारित करता है।
इस दौरान विभाग के म्यूजियम की जानकारी अर्पिता, अंकिता और दीक्षा ने विस्तार से दी। अभिषेक ने ज्ञान लैब में डीएनए आइसोलेशन तथा संबंधित गतिविधियों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में बीएचयू मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण सेंटर के डायरेक्टर प्रो. आनंद वर्धन शर्मा ने बताया कि ट्रेनिंग कार्यक्रम 19 अप्रैल तक चलेगा।