UP: जिला अस्पताल में बुजुर्ग महिला का हाथ ऐंठा, बेटे को थप्पड़ मारा; मरीज की इस बात पर हैवान बना चिकित्सक
Azamgarh News: जिला अस्पताल में परिवार के साथ मारपीट के आरोप की जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मी माैके पर पहुंच गए। पीड़ित मां और बेटे ने आपबीती सुनाई तो माैजूद लोग भी आरोपी चिकित्सक के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त करने लगे।
विस्तार
UP News: आजमगढ़ के जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को चिकित्सक व सुरक्षाकर्मियों पर एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि उसकी 85 वर्षीय बुजुर्ग मां और उसके साथ मारपीट की। इसमें उसकी बुजुर्ग मां को भी चोट लगी। बेटे का आरोप है कि उसने सिर्फ मां के हाथ का एक्स-रे कराने की बात कही इसी को लेकर चिकित्सक और सुरक्षाकर्मियों ने मारपीट की। करीब दो घंटा तक हंगामे जैसे स्थिति बनी रही। वहीं, एसआईसी ने मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है।
सिधारी थाना क्षेत्र के करनपुर गांव निवासी देवेंद्र सिंह परिहार, जो खुद को कर्णी सेना भारत के पूर्वांचल अध्यक्ष बताए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह अपनी 85 वर्षीय मां सावित्री देवी को इलाज के लिए जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे थे। सुबह के समय उनकी मां एक दुर्घटना में घायल हो गई थीं, जिससे उनके हाथ में चोट लग गई थी।
कार्रवाई की मांग
देवेंद्र सिंह ने बताया कि वह अपनी मां को लेकर जिला अस्पताल के कमरा नंबर 26 में डॉक्टर विनोद को दिखाने पहुंचे। उनका आरोप है कि चिकित्सक ने मरीज को ठीक से देखे बिना ही प्लास्टर कराने के लिए भेज दिया। इस पर उन्होंने डॉक्टर से कहा कि पहले एक्स-रे कराकर जांच कर ली जाए, उसके बाद ही प्लास्टर किया जाए।
पीड़ित का आरोप है कि इतना सुनते ही डॉक्टर भड़क गए और उन्हें वहां से भगा देने की बात कहने लगे। जब उन्होंने कहा कि आप इमरजेंसी के डॉक्टर हैं तो मरीज को क्यों भगा रहे हैं, तभी डॉक्टर ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। इसके बाद वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी भी आ गए और उन्होंने भी मारपीट शुरू कर दी।
देवेंद्र सिंह का कहना है कि इस दौरान उनकी 85 वर्षीय मां के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया और उनका हाथ मोड़ दिया गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
बुजुर्ग महिला और उनके परिजन के साथ मारपीट की शिकायत मिली है। मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या दुर्व्यवहार पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर इलाज और व्यवहार उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। - डा. सतीश चंद कन्नौजिया, एसआईसी जिला अस्पताल आजमगढ़