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ईस्टर: यीशु के जी उठने की मनाई खुशियां, 40 दिन बाद बजे चर्च के घंटे, 45 मिनट बंद रहीं लाइटें; जली मसीह ज्योति

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sun, 05 Apr 2026 06:25 AM IST
सार

Easter 2026: वाराणसी के सभी चर्चों में पूरी रात पूजा हुई। प्रभु ईसा मसीह के जी उठने की खुशियां मनाई गई। 48 घंटे से वीरान रहे चर्च की बेदियों का विविध अनुष्ठान के साथ शृंगार किया गया। मसीहियों ने बाइबिल पाठ और यीशु की स्तुति-गान किया।

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Easter Joyful Celebrations of Jesus Resurrection Church Bells Ring Lights Switched Off Christ Shines Bright
यीशु के जी उठने की मनाई खुशियां। - फोटो : अमर उजाला

Varanasi News: गुड फ्राइडे के बाद ईस्टर की पूजा चर्चों में शनिवार की रात हुई। 40 दिन बाद चर्चों में घंटे बजे और प्रभु ईसा मसीह की ज्योति जलाई गई। साथ ही 48 घंटे से वीरान चर्च की बेदियों का शृंगार हुआ। मसीहियों ने बाइबिल पाठ और यीशु की स्तुति-गान किया। मसीह के जी उठने की खुशी मनाई। एक-दूसरे को ईस्टर की बधाई दी। केक काटे और मसीह का गान किया। रविवार को ईस्टर संडे मनाया जाएगा।



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ईसा मसीह के लिए प्रार्थन करते मसीही समाज के लोग। - फोटो : अमर उजाला

छावनी स्थित चर्च में रात 10:30 बजे से काशी धर्मप्रांत के बिशप फादर द्वारा ईस्टर की पूजा शुरू हुई। बेदी आबाद हुई। पूजा से 45 मिनट पहले चर्च की लाइटें बंद कर दी गईं। पुरोहितों ने चर्च के बाहर तीन फीट की मोमबत्ती जलाकर चर्च में ईसा मसीह की ज्योति... के स्वर के साथ प्रवेश किया। इसके साथ ही चर्च के घंटे बजने लगे।

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प्रभु यीशु की प्रार्थना करतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला

ज्योति को चर्च में स्थापित करने के बाद उसके सम्मान में प्रार्थना हुई। इसके साथ पूजा पद्धति शुरू हुई। छह प्रकार के बाइबिल पाठ किए गए। ज्योति की स्तुति-गान किया गया। बिशप ने यीशु मसीह के पुनर्जीवित होने के बारे में विस्तार से बताया।

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प्रार्थना सभा में शामिल मसीही समुदाय के लोग। - फोटो : अमर उजाला

लोगों में खुशियां छा गईं। मसीहियों ने एक-दूसरे को ईस्टर की बधाई दी। कुछ ने केक काटकर खुशी का इजहार किया। ईस्टर संडे पर चर्च में सुबह आठ और नौ बजे पूजा व प्रार्थना सभा होगी। दिनभर मसीही एक-दूसरे के घर जाकर बधाई देंगे और दावतों का दौर चलेगा। फादर फिलीप ने बताया कि प्रभु यीशु के चालीसा यानी तपस्या व उपवास काल 18 जनवरी से शुरू हुआ था। तब से रविवार को छोड़कर बाकी दिनों में चर्च का घंटा नहीं बजा। शनिवार की रात ईस्टर पूजा के दौरान यह घंटा बजाया गया।

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भोर में पूजा व कब्रिस्तान होंगे रोशन
सीएनआई चर्चों में भोर 3:30 बजे से पूजा शुरू होगी। सिगरा स्थित सेंट पॉल चर्च के सचिव नितिन विलफ्रेड प्रसाद ने बताया कि भोर में ईस्टर पूजा होगी। इसके बाद मसीहियों के कब्रिस्तानों में कैंडल जलाए जाएंगे। मसीही अपने परिजनों की कब्रों पर पुष्प चढ़ाएंगे और कैंडल जलाकर उन्हें नमन करेंगे। इसके बाद सुबह चर्चों में पूजा व प्रार्थना सभाएं होंगी।

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