Flood in UP: 263.1 मीटर पहुंचा कनहर बांध का जलस्तर, 14 फाटक खोले गए; शाम तक चार बंद किए
Flood in UP: छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती क्षेत्रों में बारिश के बाद कनहर बांध में पानी की आवक बढ़ गई। बुधवार को जलस्तर 263.100 मीटर पहुंचने पर सभी 14 फाटक खोल दिए गए। शाम को आवक नियंत्रित होने पर 10 फाटकों से पानी छोड़ा जा रहा था। सिंचाई विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। ग्रामीणों से नदी किनारे न जाने की अपील की गई।
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Sonbhadra News: छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती क्षेत्रों में हुई तेज बारिश के बाद कनहर बांध में पानी की आवक बढ़ गई। बुधवार को तेजी से बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बांध का जलस्तर 263.100 मीटर तक पहुंच गया। दोपहर में पानी की आवक अधिक होने पर बांध के सभी 14 फाटक खोल दिए गए। शाम तक स्थिति नियंत्रित होने पर 10 फाटकों से पानी की निकासी की जा रही थी।
परियोजना के अवर अभियंता नंदलाल यादव और नीरज प्रजापति ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 11 बजे तक बांध के नौ फाटक खोले गए थे। इसके बाद पानी की आवक अचानक बढ़ने पर सभी 14 फाटक खोलकर निकासी बढ़ाई गई। अधिकारियों के मुताबिक जलस्तर 263.100 मीटर तक पहुंचने के बाद बांध की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
शाम तक पानी की आवक नियंत्रित होने पर 10 फाटकों से पानी छोड़ा जा रहा था। जलस्तर और पानी की आवक में उतार-चढ़ाव के अनुसार फाटकों को बारी-बारी से खोला और बंद किया जा रहा है। सिंचाई विभाग की टीम बांध की गतिविधियों की लगातार निगरानी कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों की टीम 24 घंटे बांध की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कंट्रोल रूम से भी जलस्तर और पानी की आवक की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। विभाग की ओर से संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का दावा किया गया है।
बांध का जलस्तर बढ़ने की सूचना के बाद आसपास के लोग भी पानी की स्थिति देखने पहुंचने लगे। इसे देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों को अनावश्यक रूप से नदी के किनारे नहीं जाने की सलाह दी गई है। साथ ही बच्चों को नदी और जलधारा के आसपास जाने से रोकने के लिए कहा गया है।
प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पानी की आवक और जलस्तर के अनुसार फाटकों का संचालन किया जाएगा, ताकि बांध की स्थिति नियंत्रण में बनी रहे।