UP: वन भूमि से कब्जा हटाने पहुंची टीम पर पथराव, वन रक्षक और वनदरोगा सहित चार लेखपाल घायल; पुलिस और पीएसी तैनात
Chandauli News: चंदाैली में 30 हेक्टेयर वन भूमि से कब्जा हटाने पहुंची वन विभाग की टीम का ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। फसल नष्ट करने पहुंची टीम पर ग्रामीणों ने पथराव और लाठी-डंडों से हमला किया। इसमें वन रक्षक, वन दरोगा सहित चार लेखपाल घायल हो गए। विवाद करीब चार घंटे चला। सूचना पर सात थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभाली। पुलिस ने 18 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है।
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नौगढ़ के जयमोहनी रेंज के भरदुआ गांव में वन भूमि से अवैध कब्जा हटाने पहुंची वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। आरोप है कि ग्रामीणों ने टीम के कर्मचारियों पर लाठी-डंडों से भी हमला किया। करीब चार घंटे तक चले विवाद के बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया।
पथराव और मारपीट में वन दरोगा प्रशांत, वनरक्षक मुलायम, भोला और प्रमोद समेत तीन-चार लेखपाल घायल हो गए। एक दैनिक कर्मचारी के साथ भी मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। 7 थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। 18 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। तनाव को देखते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी गई है। आखिरी में एसपी आकाश पटेल भी पहुंचे।
वन विभाग के अनुसार जयमोहनी रेंज के भैसोड़ा कंपार्टमेंट संख्या-14 में करीब 30 हेक्टेयर सरकारी वन भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा कर खेती की जा रही थी। इस भूमि पर धान और मिर्च की फसल बोई गई थी। वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देश पर बुधवार को प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कब्जा हटाने के लिए अभियान शुरू किया।
रोटावेटर से नष्ट कराई फसल, चार जेसीबी से खोदी सुरक्षा खाई
एसडीएम नौगढ़ अमरचंद वर्मा, सीओ देवेंद्र कुमार और तहसीलदार राहुल सिंह के नेतृत्व में नौगढ़, चंद्रप्रभा और मझगांई रेंज की वन टीम के साथ राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों की मौजूदगी में रोटावेटर चलाकर करीब 30 हेक्टेयर वन भूमि पर लगी धान और मिर्च की फसल को नष्ट करा दिया गया।
फसल हटाने के बाद वन भूमि को दोबारा कब्जे में लिए जाने से रोकने के लिए चार जेसीबी की मदद से सुरक्षा खाई खुदवाई गई। अधिकारियों के अनुसार भूमि को वन विभाग के कब्जे में ले लिया गया है। अब क्षेत्र में 24 घंटे निगरानी और गश्त की व्यवस्था किए जाने की तैयारी है, ताकि दोबारा किसी तरह का कब्जा न हो सके।
कब्जा हटाने का विरोध, टीम पर पथराव
वन विभाग और प्रशासन की टीम की कार्रवाई का ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने कार्रवाई रोकने की मांग की। विवाद बढ़ने पर कुछ लोगों ने टीम पर पथराव शुरू कर दिया। आरोप है कि इसके बाद लाठी-डंडों से भी हमला किया गया।अचानक हुए हमले से मौके पर अफरातफरी मच गई। वन विभाग और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को बचने के लिए पीछे हटना पड़ा।
पथराव और मारपीट में कई कर्मचारी घायल हो गए। कुछ कर्मचारियों को चोटें आने के बाद उपचार कराया गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने मोर्चा संभाला। पुलिस और ग्रामीणों के बीच भी धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज की स्थिति बनी। करीब चार घंटे तक चले विवाद के बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को नियंत्रित किया। इसके बाद वन विभाग और प्रशासन की टीम ने कार्रवाई पूरी की।
50 साल से खेती करने का ग्रामीणों का दावा
कार्रवाई का विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि वह इस जमीन पर करीब 50 वर्षों से खेती करते आ रहे हैं। उनका दावा है कि पीढ़ियों से जमीन पर खेती होती रही है और अचानक उन्हें वहां से हटाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कब्जा खाली करने से इनकार करते हुए कार्रवाई का विरोध किया।हालांकि वन विभाग का कहना है कि भूमि सरकारी वन क्षेत्र की है और उस पर किसी भी प्रकार का निजी कब्जा या खेती की अनुमति नहीं है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
सात थानों की पुलिस और पीएसी रही तैनात
विवाद की गंभीरता को देखते हुए नौगढ़ के अलावा चकरघट्टा, साहबगंज, इलिया, बबुरी, चकिया और चंदौली थाने की पुलिस को मौके पर बुलाया गया। इसके साथ ही पीएसी के जवानों को भी तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी। कार्रवाई के दौरान हुए लाठीचार्ज का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव ने लोगों से वन भूमि पर अवैध कब्जा न करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकारी वन भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वन भूमि को कब्जामुक्त कराने के साथ ही दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जाएगी।
भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। वन भूमि से कब्जा हटाने की कार्रवाई के दौरान टीम पर हमला किया गया है। मामले में सरकारी कार्य में बाधा डालने, टीम पर हमला करने और अवैध कब्जे के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने 18 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। - आकाश पटेल, एसपी, चंदौली