मोक्षदायिनी गंगा के किनारे स्थित अर्धचंद्राकार घाटों की मनोहारी छवि को निहारने काशी आने वाले दुनिया भर के पर्यटकों के लिए अब खिड़किया घाट एक नया केंद्र होगा। वाराणसी के नक़्शे में जुड़ रहा यह नया टूरिस्ट डेस्टिनेशन जल, थल और नभ तीनों से जुड़ा होगा। जहां घाट तक एयरपोर्ट और स्टेशन से पहुंचना बेहद आसान होगा।
काशी में खिड़किया घाट होगा पर्यटकों का नया ठिकाना, लैंड हो सकेंगे हेलीकॉप्टर
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इस प्रोजेक्ट का डिजाइन, इंजीनियरिंग और डीपीआर बनाने वाली कंपनी प्लानर इंडिया ने बताया कि गाबियन और रेटेशन वाल से घाट तैयार कराया जा रहा है, यानी देखने में पुराने घाटों की तरह होगा और बाढ़ में घाट सुरक्षित रहेगा। खास बात यह कि यह निर्माण इको फ्रेंडली है। घाट पर ही वाहनों के पार्किंग की भी व्यवस्था होगी, जो अन्य घाटों पर नहीं है।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि अस्सी और दशाश्वमेध घाट पर पर्यटक अधिक आते हैं, लेकिन सभी घाटों तक आसानी से वाहन नहीं पहुंच पाते। इसलिए खिरकिया घाट का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है, जो पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं के साथ होगा।
मसलन, पर्यटक यहां से काशी विश्वनाथ मंदिर का टिकट ले सकते हैं, वॉटर स्पोर्ट्स, लाइब्रेरी, मॉर्निंग वॉक और व्यायाम की भी सुविधा होगी। यहां नौकाविहार करते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम सकेंगे और घाटों का सौंदर्य भी निहारा जा सकेगा। फ़ूड प्लाज़ा, आरओ प्लांट, हैंडीक्राफ्ट मार्केट भी होगा। 1.6 एकड़ में एक बहुउद्देशीय प्लेटफार्म बन रहा है, जिस पर एक साथ दो हेलीकॉप्टर उतर सकते हैं।
भविष्य में खिरकिया घाट पर ही दूसरे पर्यटक स्थलों की टिकट व्यवस्था (कॉम्बो टिकट) और रेलवे टिकटिंग की व्यवस्था भी होगी। गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सीएनजी से चलने वाली नाव के लिए सीएनजी स्टेशन भी खिरकिया घाट पर बन रहा है।
पास में ही ऐतिहासिक महत्व के धरोहरों को भी घाट से जोड़ा जाएगा और पंचकोशी मार्ग भी सुगम हो जाएगा। जल थल और नभ से जुड़ने वला ये, मल्टीमॉडल, मिनी टर्मिनल देव दीपावली जैसे अवसरों के आयोजन के लिए भी बेहद उपयोगी होगा। राजघाट और भैसासुर घाट का भी जीर्णोद्धार किया जा रहा है, जो खिड़किया घाट से जुड़ेंगे।