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UP: 'केपी शर्मा को श्रीराम ने सजा दी है', हिन्दू नेता ने किया सियासी तंज; कहा- अभी और भुगतना होगा दंड

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Mon, 30 Mar 2026 02:43 PM IST
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सार

Varanasi News: नेपाल में केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी को लेकर हिन्दुवादी नेता अरुण पाठक ने सियासी तंज किया है। उन्होंने कहा कि ओली ने युवाओं की जान तो ली ही है इसके पहले उन्होंने प्रभु श्रीराम का अपमान भी किया था। यह गिरफ्तारी उनके लिए दंड के समान है।

Lord Ram has punished KP Sharma Hindu leader makes political jibe Varanasi News
अरुण पाठक ने केपी शर्मा ओली पर किया सियासी तंज। - फोटो : संवाद
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विस्तार

UP Politics: नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। अखिल भारत हिन्दू महासभा के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण पाठक ने ओली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह उनके 'कर्मों का फल' है। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान राम के खिलाफ दिए गए विवादित बयानों का परिणाम आज उन्हें भुगतना पड़ रहा है।

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अरुण पाठक ने कहा कि हाल के घटनाक्रम, जिसमें 77 युवाओं की मौत का मामला चर्चा में है, उसे वे 'दैवीय दंड' के रूप में देखते हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रभु श्रीराम और हनुमान ने अन्याय के खिलाफ न्याय किया है। हालांकि, इन दावों को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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सियासी तंज भी किया

पाठक ने नेपाल की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि काठमांडू के मेयर बालेन शाह के प्रभाव और बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच ओली की स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद की परिस्थितियों ने कई पुराने विवादों को फिर से उभार दिया है।

अपने व्यक्तिगत अनुभव का जिक्र करते हुए अरुण पाठक ने कहा कि एक नाट्य मंचन को लेकर उनका इतना विरोध हुआ कि उन्हें पिछले पांच वर्षों से अपने परिवार से दूर रहना पड़ रहा है। उन्होंने इसे 'विचारों की लड़ाई' बताते हुए कहा कि आज जो कुछ भी हो रहा है, वह उनके लिए “न्याय” जैसा महसूस होता है।

इस पूरे बयान को राजनीतिक विश्लेषक दक्षिण एशियाई राजनीति में बढ़ती वैचारिक टकराहट के रूप में देख रहे हैं। नेपाल और भारत के बीच सांस्कृतिक व धार्मिक मुद्दों पर समय-समय पर बयानबाजी होती रही है, जो दोनों देशों की आंतरिक राजनीति को भी प्रभावित करती है।

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