LPG Crisis: रसोई गैस की किल्लत दूर, करखियांव चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादन शुरू; DM ने दिया था निर्देश
Varanasi News: गैस सिलिंडरों की किल्लत के कारण इन औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति काफी गंभीर हो गई थी। आंकड़ों के अनुसार, चांदपुर औद्योगिक आस्थान की कुल 150 इकाइयों में से 50 इकाइयां पूरी तरह ठप हो गई थीं। करखियांव एग्रो पार्क में 38 इकाइयों में उत्पादन बंद हो गया था।
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Varanasi News: वाराणसी जिले के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र चांदपुर औद्योगिक आस्थान और करखियांव एग्रो पार्क में पिछले कई दिनों से जारी गैस सिलिंडर का संकट प्रशासन की सक्रियता के बाद समाप्त हो गया है। अमर उजाला में बीते 20 मार्च को प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने त्वरित कार्रवाई की। इसके परिणामस्वरूप रविवार से बंद पड़ीं इकाइयों में फिर से काम शुरू हो गया है। उद्यमियों ने बैठक कर प्रशासन को धन्यवाद दिया है।
पिछले 15 दिनों में उत्पादन रुकने के कारण 300 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर एडीएम आपूर्ति अमित कुमार मालवीय ने औद्योगिक इकाइयों को प्राथमिकता के आधार पर सिलिंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
रविवार को आपूर्ति बहाल होते ही मशीनों का शोर फिर से सुनाई देने लगा। स्माॅल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश भाटिया और करखियांव एग्रो पार्क के अध्यक्ष मनोज मद्देशिया ने बताया कि रविवार से ही कई कारखानों में काम शुरू हो गया और शेष इकाइयों में अगले 24 घंटों के भीतर उत्पादन पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है।
तीन दिनों में शुरू होगा पीएनजी कनेक्शन : राजेश भाटिया ने बताया कि डीएम ने गेल के अधिकारियों को उद्योगों को पीएनजी कनेक्शन देने के लिए भी निर्देशित किया है। अगले 2-3 दिनों में उद्योगों में पीएनजी आपूर्ति भी शुरू हो जाएगी। चांदपुर में पीएनजी की पाइपलाइन तीन साल पहले ही बिछाई गई थी। लेकिन आपूर्ति अब तक आपूर्ति शुरू नहीं हुई है।
अतिरिक्त सिलिंडर के लिए देना पड़ेगा ब्योरा
जिले में एलपीजी की किल्लतों के बीच भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) घरेलू उपभोक्ताओं के लिए नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब जिन उपभोक्ताओं का सालाना 12 सब्सिडी वाले सिलिंडरों का कोटा पूरा हो चुका है, उन्हें अगला सिलिंडर पाने के लिए मोबाइल एप पर कई सवालों के जवाब देने होंगे।
नया नियम एक अप्रैल से लागू हो सकता है। बीपीसीएल की नई गाइडलाइंस के अनुसार, सालाना लिमिट खत्म होने के बाद उपभोक्ताओं को हेलो बीपीसीएल एप का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा। बुकिंग के दौरान एप पर एक फॉर्म खुलेगा जिसमें कई व्यक्तिगत सवाल पूछे जाएंगे। जैसे क्या परिवार में सदस्यों की संख्या 6 से ज्यादा है? क्या घर में मेहमान आए हुए हैं? क्या घर में कोई मांगलिक कार्य जैसे शादी, जन्मदिन या भंडारा आदि का आयोजन है?
इन सवालों के जवाब देने के बाद ही अतिरिक्त सिलिंडर की बुकिंग हो पाएगी। एलपीजी वितरक संघ के मुताबिक, एक वित्तीय वर्ष में 12 सिलिंडरों की सीमा तय है। चूंकि कई परिवारों का कोटा समाप्त हो चुका है, इसलिए कंपनी अब खपत की निगरानी के लिए यह डिजिटल सत्यापन कर रही है। हालांकि अभी इस संबंध में कई एजेंसी संचालकों को जानकारी नहीं है।
जितना जरूरी उतना लें तेल, टैंक फुल न कराएं
वाराणसी। जिले में पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी और अफवाहों को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। आपूर्ति विभाग ने जमाखोरी और अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ईंधन की सीमित बिक्री लागू करने के निर्देश दिए हैं। आपूर्ति विभाग के निर्देशों के मुताबिक, अब वाहन चालक बेवजह गाड़ियों की टंकियां फुल नहीं करा सकेंगे। जिला आपूर्ति अधिकारी केबी सिंह ने बताया कि जमाखोरी और पैनिक पर रोक लगाने के लिए सभी पेट्रोल पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे एक निश्चित सीमा से अधिक पेट्रोल या डीजल की बिक्री न करें। स्टॉक अपने पास पर्याप्त मौजूद है।
ब्लैक मार्केटिंग हुई तो निरस्त होगा लाइसेंस : आपूर्ति विभाग ने सभी पंप संचालकों को निर्देश दिए हैं कि यदि कोई पंप संचालक ब्लैक मार्केटिंग को बढ़ावा देता दिखा, तो उसका लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही पंपों पर पुलिस बल की तैनाती भी की जा सकती है ताकि नियमों का पालन हो सके।