BHU: छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का मामला, विवेचक के उपस्थित न होने से टली सुनवाई; कोर्ट ने दी यह तारीख
Varanasi News: आईआईटी छात्रा दुष्कर्म मामले में फास्टट्रैक कोर्ट में सुनवाई विवेचक की अनुपस्थिति के कारण टल गई। अदालत ने अगली तारीख 2 अप्रैल तय की है। मामले में तीन आरोपी नामजद हैं और विवेचक से जिरह अभी बाकी है, जिससे सुनवाई में देरी हो रही है।
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IIT BHU: बीएचयू परिसर में आईआईटी की छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई टल गई। फास्टट्रैक कोर्ट (प्रथम) के न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत में सुनवाई के दौरान विवेचक सहजानंद श्रीवास्तव के उपस्थित न होने के कारण कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 2 अप्रैल की तिथि तय की है।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विवेचक की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए नई तिथि दिए जाने का अनुरोध किया गया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इससे पहले पिछली सुनवाई में आरोपी कुणाल पांडेय और सक्षम पटेल की ओर से अधिवक्ता ने विवेचक से जिरह की थी, जबकि शेष जिरह के लिए 19 मार्च की तारीख निर्धारित की गई थी। गुरुवार को सुनवाई के दौरान एक आरोपी की ओर से अधिवक्ता अदालत में मौजूद रहे, लेकिन विवेचक के नहीं पहुंचने से सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी।
प्रकरण के अनुसार, 2 नवंबर 2023 की रात बीएचयू परिसर में आईआईटी की एक छात्रा के साथ बाइक सवार तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। घटना के बाद पीड़िता की तहरीर पर लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
अगली सुनवाई 2 अप्रैल को
विवेचना के दौरान तीन आरोपियों कुणाल पांडेय, आनंद चौहान उर्फ अभिषेक और सक्षम पटेल के नाम सामने आए, जिसके आधार पर उन्हें आरोपी बनाया गया। मामले में विवेचक सहजानंद श्रीवास्तव का बयान पहले ही दर्ज किया जा चुका है, जबकि उनसे जिरह की प्रक्रिया अभी शेष है।
इससे पहले आरोपी पक्ष की मांग पर पीड़िता और उसके साथी से जिरह की कार्यवाही पूरी हो चुकी है। इसके बाद अदालत ने अन्य गवाहों के रूप में विवेचक को तलब किया था। अब विवेचक की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई में देरी हो गई है।
मामला संवेदनशील होने के कारण फास्टट्रैक कोर्ट में इसकी सुनवाई की जा रही है, ताकि जल्द से जल्द न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो सके। अगली सुनवाई 2 अप्रैल को होगी, जिसमें विवेचक की उपस्थिति में आगे की कार्यवाही होने की उम्मीद है।