Online Medicine Order: वाराणसी में 110 करोड़ का कारोबार प्रभावित, अस्पतालों के अंदर खुली रहीं दुकानें; भीड़
Varanasi News: ऑनलाइन दवा कारोबार के विरोध में गुरुवार को सप्तसागर मंडी समेत शहर की अधिकांश दवा दुकानें बंद रहीं। दुकानों पर ताले लटकने से दवा कारोबार पूरी तरह प्रभावित रहा। इसका असर ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिला। सप्तसागर मंडी से पूर्वांचल के कई जिलों और बिहार तक दवाइयों की सप्लाई होती है, जिससे आपूर्ति प्रभावित रही।
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ऑनलाइन दवा कारोबार के विरोध में बुधवार को जिले में दवा की दुकानें बंद रहीं। सप्तसागर दवा मंडी के साथ ही लंका, लहुराबीर, कबीरचौरा, रामनगर, राजातालाब सहित शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक इसका असर दिखा।
दवा विक्रेताओं ने सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक विरोध में दुकानों को बंद रखा और ऑनलाइन कारोबार पर रोक लगाने की मांग की। बंदी की वजह से जहां सप्तसागर दवा मंडी से वाराणसी सहित पूर्वांचल के जिलों और बिहार तक दवाइयां नहीं जा सकीं, वहीं अस्पतालों के पास की दुकानों के बंद होने से मरीज और तीमारदार भी भटकते रहे। थोक कारोबारियों के अनुसार करीब 110 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित रहा।
परेशान हुए तीमारदार
जिले में सप्तसागर दवा मंडी में करीब 650 दुकानों के साथ ही शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक 6000 से अधिक दुकानें हैं। दवा विक्रेताओं की संस्था ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) के आह्वान पर स्थानीय स्तर पर दवा विक्रेता समिति के पदाधिकारियों ने पिछले पांच दिनों से जागरूकता अभियान चलाया। दवा कारोबारियों में पंपलेट बांटकर लोगों से 20 मई को दुकानें बंद रखने की अपील की गई थी।
बुधवार को दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोली ही नहीं। दवा विक्रेता समिति के अध्यक्ष दिनेश कुमार और महामंत्री संजय सिंह ने दिन में लंका, शिवपुर, सोनिया, लहुराबीर, कबीरचौरा और पांडेयपुर आदि क्षेत्रों का दौरा कर दवा कारोबारियों का उत्साह बढ़ाया। दवा मंडी को छोड़ जिले की अन्य दुकानों के ताले शाम 6 बजे के बाद खुल गए।
अस्पतालों के अंदर खुली रहीं दुकानें, दिखी भीड़
बंदी के दौरान सरकारी और निजी अस्पतालों के अंदर चल रही दवा दुकानों को इमरजेंसी सेवा के तहत खुला रखा गया था। बीएचयू कैंपस के अंदर संचालित फार्मेसी पर मरीजों की भीड़ दिखी, जबकि जिला और मंडलीय अस्पताल में चल रहे दवा काउंटरों से अधिकांश मरीजों को दवाइयां मिल गईं। हालांकि जो दवाइयां अस्पताल में उपलब्ध नहीं थीं, उन्हें लेने के लिए मरीज और तीमारदार पर्चा लेकर भटकते रहे।
बंदी का दिखा आंशिक असर
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष और केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के जिला महामंत्री संदीप चतुर्वेदी ने दावा किया कि जिले में बंदी का केवल आंशिक असर देखने को मिला। कई दुकानें खुली रहीं। उन्होंने कहा कि सप्तसागर दवा मंडी में भी कई दुकानें खुली थीं।
इसके अलावा बड़ागांव, फूलपुर, पिंडरा, अर्दली बाजार, पांडेयपुर, पहड़िया और चौबेपुर आदि क्षेत्रों में बंदी का असर नहीं दिखा। लंका में सुबह दवा कारोबारियों के एक गुट ने कुछ दुकानों को बंद कराया। कबीरचौरा और लहुराबीर में दुकानें पूरी तरह बंद रहीं, जबकि कैंट स्टेशन, सिगरा, सोनिया, मंडुआडीह, गुरुबाग, महमूरगंज और लक्सा क्षेत्र की दुकानें खुली दिखीं।