UP: 'निर्दोषों को फंसाने का काम कर रही पुलिस', सपा ने कानून व्यवस्था पर किया तंज; कहा- एकतरफा होती है कार्रवाई
Azamgarh News: समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने आजमगढ़ में पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की है। उन्होंने पत्रक साैंपकर यूपी की कानून व्यवस्था और पुलिस के रवैये पर सवाल उठाया है। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि निर्दोष लोगों को किसी ने किसी अपराध में फंसाया जा रहा है।
विस्तार
Azamgarh News: जनपद की कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठाए गए हैं। सपा के जिलाध्यक्ष व विधायक बुधवार को एसपी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान सपा के जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने आरोप लगाया कि थानों पर तैनात एसएचओ, एसओ और अन्य अधिकारी आम जनता के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं और कई मामलों में निर्दोष लोगों को गलत मुकदमों में फंसाया जा रहा है। जिसे हमारी पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी।
जिलाध्यक्ष ने बताया गया कि इस संबंध में एसपी को अवगत कराया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को पुराने रिकॉर्ड के आधार पर बार-बार गोवंश से जुड़े मामलों में फंसाकर जेल भेजा जा रहा है, जबकि वे अब सामान्य जीवन जी रहे हैं। मांग की गई कि किसी भी घटना में निष्पक्ष जांच हो और निर्दोषों को न फंसाया जाए।
सियासी तंज भी किया
जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने यह भी आरोप लगाया कि कई थानों पर गरीब लोगों की रिपोर्ट नहीं लिखी जा रही है। वहीं राजनीतिक दबाव में चुनिंदा मामलों में ही कार्रवाई की जा रही है। एक मामले का जिक्र करते हुए कहा गया कि शिकायत के बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई, जिस पर बाद में पुलिस अधीक्षक द्वारा जांच के आदेश दिए गए। इससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, जिले में लगाए गए होर्डिंग को लेकर भी विरोध जताया गया।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से माहौल बिगड़ सकता है और भविष्य में बड़े विवाद या झगड़े की आशंका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कानून हाथ में नहीं लेना चाहते, लेकिन यदि हालात ऐसे ही रहे तो स्थिति गंभीर हो सकती है। इसके साथ ही सत्ताधारी दल पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाए गए कि योजनाबद्ध तरीके से एजेंसियों के माध्यम से होर्डिंग लगाए जा रहे हैं।
पक्षपात का भी आरोप
साथ ही यह भी कहा गया कि एनकाउंटर और कार्रवाई में पक्षपात किया जा रहा है, जिसमें पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को अधिक निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ तो जनआंदोलन किया जाएगा। इस दौरान मुबारकपुर विधायक अखिलेश यादव, गोपालपुर विधायक नफीस अहमद समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।