UP Crime: प्रधान के फर्जी लेटर पैड से खुलवाते थे म्यूल खाते, एक्सेस कंट्रोल में लेकर खाली कर देते थे अकाउंट
42.50 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने सरगना समेत पांच बदमाशों को झारखंड से गिरफ्तार किया। आरोपी प्रधान के फर्जी लेटर पैड से म्यूल खाते खुलवाते थे और एक्सेस कंट्रोल में लेकर पूरा बैंक अकाउंट खाली कर देते थे।
विस्तार
ट्रोजन और एसएमएस फार्वर्ड आधारित एपीके फाइल भेजकर बैंक खातों से 42 लाख 50 हजार की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सरगना के साथ शातिर साइबर अपराधियों को झारखंड के धनबाद से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शमीम अंसारी, फकरुद्दीन उर्फ निरंजन, नसीम अंसारी, शाहबुद्दीन अंसारी और साहब लाल मरांडी धनबाद, झारखंड के रूप में हुई।
आरोपियों के पास से साइबर ठगी में इस्तेमाल सामग्री, एक बिना नंबर की चार पहिया गाड़ी और 66 हजार रुपये मिले। गिरोह ग्राम प्रधान के फर्जी लेटर पैड, मुहर और आधार अपडेट फॉर्म के जरिये पते बदलवाकर बैंक खाते खुलवाता था। फिर फ्रॉड की रकम उसमें ट्रांसफर कर बाद में निकाल लेते थे। पीड़ित मदन मोहन मिश्रा निवासी तिवारीपुर, चौबेपुर ने 8 दिसंबर 2025 को साइबर क्राइम थाने में तहरीर दी थी।
इसे भी पढ़ें; Exclusive: 235 साल बाद प्रदेश के पहले राजकीय इंटर कॉलेज में जुलाई से अंग्रेजी माध्यम में होगी पढ़ाई, जानें- खास
पूछताछ में आरोपियों ने बताई ये बात
आरोप था कि उनके बैंक खाते को हैक कर 42.50 लाख रुपये निकाल लिए गए। मामले में बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पहले ट्रोजन और एसएमएस फार्वर्ड आधारित एपीके फाइल भेजते थे। इसे इंस्टॉल करते ही मोबाइल का पूरा एक्सेस उनके हाथों में आ जाता था। वह इंटरनेट बैंकिंग की आईडी, पासवर्ड और ओटीपी चुरा कर खातों से रकम म्यूल खातों में ट्रांसफर कर लेते थे। फिर बाद में रुपये निकाल लेते थे।
गिरोह ग्राम प्रधानों के फर्जी लेटर पैड, मुहर और आधार अपडेट फॉर्म के जरिये पते बदलवाकर बैंक खाते खुलवाता था। फिर उन खातों का ठगी में इस्तेमाल करते थे। डीसीपी क्राइम आकाश पटेल ने बताया कि आरोपियों के पास से चार एंड्रायड मोबाइल, एक सिम कार्ड, दिल्ली पुलिस के दो नोटिस, ग्राम प्रधान के मुहर-पैड, पांच खाली आधार अपडेट फॉर्म, बिना नंबर की ब्रेजा कार और 66 हजार रुपये मिले।
आरोपियों ने पहले दिल्ली में भी साइबर फ्रॉड किया है। दिल्ली पुलिस ने नोटिस भेजा था। डीसीपी आकाश पटेल ने बताया कि सभी आरोपी प्रोफेशनल हैं। साइबर फ्रॉड की रकम से कार समेत अन्य प्रॉपर्टी में निवेश की जांच की जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि कितनी प्रॉपर्टी आरोपियों ने फ्रॉड की रकम से बनाई है। ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।
