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Ram Navami 2026: दूर हुआ संदेह... कल लगेगी नवमी तिथि, रामनवमी पूजा-व्रत 27 को, पारण 28 को

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Wed, 25 Mar 2026 05:05 PM IST
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सार

नवमी तिथि कल से लगेगी, लेकिन रामनवमी पूजा और व्रत 27 को होगा। नवमी तिथि के लगने से श्रद्धालुओं में रामनवमी पूजा को लेकर दुविधा की स्थिति बनी हुई थी। ऐसे में ज्योतिषाचार्यों ने इसे दूर कर दिया है। 

Ram Navami 2026 thursday Ram Navami Puja and Fasting will be observed on 27th and Parana on 28th
Ram Navami 2026 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

चैत्र नवरात्र की अष्टमी और नवमी तिथियों में संदेह को ज्योतिषाचार्यों ने दूर कर दिया है। रामनवमी की पूजा 27 मार्च को होगी। जबकि 26 मार्च को दोपहर तक अष्टमी तिथि रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी, लेकिन उदया तिथि के चलते अगले दिन यानी 27 को रामनवमी पूजा होगी और प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। 

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नवरात्र की अष्टमी तिथि के दिन ही नवमी तिथि के लगने से श्रद्धालुओं में रामनवमी पूजा को लेकर दुविधा की स्थिति बनी हुई थी। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व अध्यक्ष और प्रख्यात ज्योतिषविद् प्रो. नागेंद्र पांडेय ने बताया कि अष्टमी तिथि 25 मार्च को शाम 4:54 बजे लगेगी, जो अगले दिन 26 मार्च को दोपहर 2:32 बजे तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी और 27 मार्च को दिन में 12:29 बजे तक रहेगी। 
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उदया तिथि होने से इसी दिन ही नवमी मान्य होगी। इसलिए रामनवमी की पूजा 27 को होगी। उन्होंने बताया कि 26 को दोपहर में नवमी लगने के चलते दुर्गाष्टमी इसी दिन मनाई जाएगी। अष्टमी का व्रत 26 को और पारण 27 को होगा। जबकि नौ दिनों तक व्रत रखने वाले व्रती 28 मार्च को पारण करेंगे। 

ज्योतिषाचार्यों ने कही ये बात

विश्व पंचांग के अनुसार, रामनवमी 27 मार्च को मनाई जाएगी। नौ दिन व्रत करने वालों का पारण 28 मार्च का होगा। नवरात्र पर चढ़ती-उतरती व्रत वाले 26 मार्च को व्रत करके 27 मार्च को पारण कर लेंगे। रात को बसियउरा या नवमी पूजा करने वाले 26 मार्च की रात में ये पूजा करेंगे। नवरात्र के नौ दिन व्रत करने वाले 27 मार्च को दोपहर बाद भी पारण कर सकते हैं। -प्रो. विनय पांडेय, पूर्व विभागाध्यक्ष ज्योतिष विज्ञान विभाग, बीएचयू 
 
प्रभु श्रीराम का जन्म चैत्र शुक्ल नवमी को मध्याह्न में हुआ था। वैष्णव लोग दान, स्नान, जप के उद्देश्य से सूर्योदय में नवमी की तिथि को मानते हैं। इसलिए नवमी की तिथि 26 मार्च को दोपहर में लगेगी और यह 27 को दोपहर तक रहेगी। 27 मार्च को नवमी सूर्योदय में है। इसलिए नवरात्र के दृष्टिकोण से नवमी तिथि 27 को मानी जाएगी। -प्रो. बिहारी लाल शर्मा, कुलपति, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय
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