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Varanasi News: तंजानिया के संकट...35 दिनों में 200 रुपये महंगा हो गया काजू, शादियों के बजट पर सीधा असर; महंगाई

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Fri, 06 Feb 2026 01:06 PM IST
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सार

Varanasi News: तंजानिया के संकट से बनारस का मेवा बाजार गर्म हो गया है। हालत यह है कि 35 दिनों में एक हजार रुपये किलो काजू की कीमत हो गई है। मिठाइयों, पकवानों और उपहारों के लिए काजू एक अनिवार्य सामग्री है।

Tanzania crisis Cashews become 200 rupees more expensive in 35 days directly impacting wedding budgets
काजू। - फोटो : Freepik.com
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विस्तार

काशी के मेवा बाजार में काजू की मिठास आम आदमी की पहुंच से दूर हो रही है। लग्न और त्योहारों का सीजन शुरू होने से ठीक पहले काजू की कीमतों में आई भारी तेजी ने मध्यम वर्ग और हलवाई कारोबारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। बीते 35 दिनों के भीतर काजू के थोक भाव में 200 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई हैं और काजू की कीमत एक हजार रुपये किलो तक पहुंच गई है।

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दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह तक अच्छी गुणवत्ता वाले काजू का थोक भाव लगभग 800 रुपये प्रति किलो था। पांच फरवरी 2026 तक यह कीमत बढ़कर एक हजार रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई है। एक महीने से कीमतों में हुई 25 प्रतिशत की इस बढ़ोतरी के बाजार में हलचल है। मेवा व्यापारियों का कहना है कि कीमतों में आई यह तेजी पिछले कई वर्षों के मुकाबले सबसे ज्यादा है।
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मेवा कारोबारियों ने कीमतों में इस अचानक वृद्धि का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को बताया है। विशेषज्ञों के अनुसार, अफ्रीकी देश तंजानिया, जो काजू का एक प्रमुख निर्यातक है, वहां चल रही राजनीतिक उथल-पुथल ने वैश्विक सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस संकट के कारण बनारस में काजू का आयात लगभग 60 प्रतिशत तक कम हो गया है।

शादियों के बजट पर सीधा असर
आने वाले दिनों में शादियों और त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है, जिसमें मेवों, विशेषकर काजू की भारी खपत होती है। मिठाइयों, पकवानों और उपहारों के लिए काजू एक अनिवार्य सामग्री है। व्यापारियों का अनुमान है कि यदि तंजानिया में स्थिति जल्द नहीं सुधरी और आयात बहाल नहीं हुआ, तो आने वाले हफ्तों में कीमतों में और भी अधिक बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

बनारस में मेवा की अधिकतर सप्लाई तंजानिया से होती है। वहां राजनीतिक हलचल के कारण बनारस में काजू का आयात कम हुआ है। इससे दामों में थोड़ी तेजी आई है। संभावना है कि जल्द ही स्थिति में सुधार होगा। - प्रतीक गुप्ता, अध्यक्ष, विशेश्वरगंज भेरोनाथ व्यापार समिति।

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