Varanasi News: पुरातत्व विभाग की जमीन पर बना आईएमए भवन, निरस्त हो नक्शा; वीडीए उपाध्यक्ष दिए निर्देश
Varanasi News: बनारस बार के पूर्व महामंत्री ने वीडीए से आईएमए भवन का स्वीकृत नक्शा निरस्त करने की मांग की। उनका दावा है कि भवन एएसआई की संरक्षित भूमि पर है। वहीं, आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनुराग टंडन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नक्शा सभी नियमों के तहत स्वीकृत किया गया है।
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IMA Varanasi: बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) भवन के स्वीकृत नक्शे को निरस्त करने की मांग करते हुए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने दावा किया कि जिस भूमि पर आईएमए का भवन स्थित है, वह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की संरक्षित संपत्ति है और राष्ट्रीय महत्व के स्मारक के रूप में दर्ज है।
नित्यानंद राय ने कहा कि एएसआई के सारनाथ अंचल के अभिलेखों में यह स्थल क्रमांक-120 पर संरक्षित स्मारक के रूप में दर्ज है। उनका आरोप है कि सरकारी दस्तावेज इस भूमि पर आईएमए के कब्जे को अवैध साबित करते हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम के तहत किसी भी राष्ट्रीय महत्व के संरक्षित स्मारक के 100 मीटर के दायरे में निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है, जबकि 100 से 200 मीटर की परिधि में किसी भी निर्माण के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुमति आवश्यक होती है। ऐसे में इस भवन का स्वीकृत नक्शा निरस्त किया जाना चाहिए।
नित्यानंद राय ने इस स्थल का ऐतिहासिक महत्व भी बताया। उनके अनुसार, शिवाला क्षेत्र 1781 में हुए अंग्रेजी शासन के खिलाफ विद्रोह का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। उन्होंने दावा किया कि उस समय वारेन हेस्टिंग्स को बुर्का पहनकर भागना पड़ा था और कई अंग्रेजों की मौत हुई थी, जिनके शव इसी परिसर में दफन हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थान ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी है और इसकी विरासत को संरक्षित किया जाना चाहिए।
वहीं, आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अनुराग टंडन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आईएमए भवन का नक्शा वीडीए ने सभी नियमानुसार स्वीकृत किया है। उन्होंने कहा कि जो लोग भवन को पुरातात्विक स्थल बताकर विवाद खड़ा कर रहे हैं, वे विकास विरोधी हैं और राजनीतिक कारणों से इस मुद्दे को हवा दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भवन निर्माण की प्रक्रिया पूरी तरह वैधानिक है।